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खुद ही मुश्किल में CBI, कैसे करेगी जांच?

Tue, 12 Aug 2014 10:51 AM IST
विष्णु मोहन/अमर उजाला, लखनऊ
विष्णु मोहन/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 12 Aug 2014 10:51 AM IST
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CBI not able to probe in MNREGA scam

मनरेगा घोटाले की प्रदेश व्यापी जांच सीबीआई के लिए चुनौती साबित होगी। सीबीआई पहले से ही संसाधनों के अभाव से जूझ रही है और उसके पास कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक की कमी है।

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ऐसे में यूपी के सभी जिलों में मनरेगा में हुई अनियमितताओं की जांच करना उसके लिए टेढ़ी खीर साबित होने वाला है।

अदालत के आदेशों के बाद सीबीआई अब इस मामले की जांच को लेकर मंथन करने में जुट गई है। हालांकि, सीबीआई के अफसरों का कहना है कि अभी उनके पास अदालत का आदेश नहीं पहुंचा है।
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जांच में लगेगा लंबा वक्त

CBI not able to probe in MNREGA scam

अधिकारियों का कहना है‌ कि आदेश मिलते ही पहले उसका परीक्षण किया जाएगा कि अदालत ने जांच के लिए किन बिंदुओं पर जोर देने को कहा है। अदालत के निर्देशों को समझने के बाद विवेचना को लेकर कोई स्पष्ट मत एजेंसी बनाएगी।

सीबीआई के सूत्रों का कहना है कि जांच की व्यापकता को देखते हुए यह भी किया जा सकता है कि जांच एजेंसी मंडलवार जिलों की जांच करे।

ऐसे में उसका ध्यान सभी जिलों में केंद्रित न होकर कुछ खास जिलों तक ही केंद्रित रहेगा। लेकिन इस तरह से जांच करने में सीबीआई को खासा समय लग सकता है और अदालत ऐसे में समयबद्ध जांच के निर्देश भी दे सकती है।

राज्य सरकार से करेगी मदद का आग्रह

CBI not able to probe in MNREGA scam

सूत्रों का कहना है कि जांच शुरू करने से पहले सीबीआई राज्य सरकार से इसके लिए जरूरी संसाधन मुहैया कराने का आग्रह करेगी।

सीबीआई को न सिर्फ वाहनों की बल्कि निरीक्षकों व उपनिरीक्षकों और अन्य कर्मियों की भी जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में वह लखनऊ स्थित क्षेत्रीय निदेशालय में तैनात कर्मियों को भी इस तफ्तीश से जोड़ सकती है।

अभी तक सीबीआई केवल सात जिलों की जांच कर रही थी। इस जांच में भी सीबीआई के सामने संसाधनों का अभाव आड़े आ रहा था और किसी तरह वह जांच समेट सकी थी। ऐसे में अब पूरे प्रदेश में मनरेगा घोटाले की जांच करना सीबीआई के लिए आसान नहीं होगा।

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एनआरएचएम घोटाले में भी आई दिक्कत

CBI not able to probe in MNREGA scam

एनआरएचएम घोटाले की जांच में भी सीबीआई को जिलों में ग्रामीण इलाकों में जाना पड़ रहा है लेकिन सिर्फ स्वास्थ्य व परिवार कल्याण से जुड़ी योजना होने की वजह से जांच का उतना विस्तार नहीं है जितना मनरेगा घोटाले में होगा।

गौरतलब है कि एनआरएचएम घोटाले की जांच शुरू करने से पहले भी सीबीआई ने राज्य सरकार से अतिरिक्त संसाधन मुहैया कराने का औपचारिक आग्रह किया था।

यह जांच और संसाधनों की स्थिति
- कुल लंबित जांच 877 (31 दिसंबर 2013 तक)
- यूपी के मामले 75 से अधिक
- वर्ष 2013 में सीबीआई को मिले 2,879 मामले
- सीबीआई में अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलाकर कुल 6, 674 की तैनाती की जरूरत जबकि 5,796 की ही है तैनाती

- अधिकारियों व तकनीकी स्टाफ के अलावा सीबीआई को चाहिए कम से कम 200 इंस्पेक्टर, 87 सब इंस्पेक्टर, 23 असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर, 22 हेड कांस्टेबल और 92 कांस्टेबल

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