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किसकी दहशत थी जो आईएएस अनुराग ने ‘शेर’ को चौकीदारी में लगाया
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 18 Jun 2017 11:16 AM IST
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अाईएएस अनुराग
आईएएस अनुराग तिवारी मौत से चार महीने पहले से पल-पल दहशत में जी रहे थे। आखिर ऐसी कौन-सी बात थी जिसके चलते उनके मन में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई थी। वह इतना खतरा महसूस कर रहे थे कि जान से प्यारे पालतू कुत्ते ‘हुली’ को भी चौकीदारी में लगा दिया था।
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हुली का अर्थ कन्नड़ भाषा में शेर होता है। आईएएस के बड़े भाई मयंक ने यह जानकारी देते हुए सीबीआई से गहराई से जांच का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भाई की मौत से जुड़े कई साक्ष्य हैं जिसे सीबीआई को सौंपेंगे।
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मयंक ने बताया कि हुली तीन महीने का था तब अनुराग उसे लाए थे। वह करीब साढ़े नौ साल से उनके साथ ही रह रहा था। अनुराग हुली को काफी चाहते थे। वह उनके साथ ही खाना खाता था। अगर अनुराग खाना नहीं खाते तो हुली भी भूखा रहता था।
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अनुराग अगर टूर या ट्रेनिंग पर जाते या बैठक में होते तो पल-पल अपने नौकरों से हुली का हालचाल पूछते रहते थे। कर्मचारियों को वॉट्सएप पर वीडियो कॉल करके हुली से बात करते और उसे अपनी आंखों के सामने खाना खाते हुए देखते थे।
मयंक ने कहा कि हुली के बगैर अनुराग एक पल भी नहीं रह सकते थे, लेकिन उसी हुली को उन्होंने फरवरी से घर से बाहर रखना शुरू कर दिया था। अनुराग ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नौकरी की। वहां कभी उनके मन में डर नहीं दिखा।
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फरवरी में बढ़ा दी सुरक्षा
Anurag Tiwari IAS
वह बेखौफ होकर इलाके में घूमते थे। उन्होंने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई की, तब भी नहीं घबराए। बंगलूरू में भी वह अक्सर घर से पैदल ही अकेले घूमने निकल जाते थे लेकिन फरवरी से उन्होंने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी।
बंगलूरू में घर के चारों गेट पर लगवाए थे सीसीटीवी कैमरे
मयंक ने बताया कि अनुराग के बंगलूरू स्थित घर पर चार दरवाजे हैं। उन्होंने सभी दरवाजों और दो अन्य जगह पर चार सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए थे।
घर से अकेले बाहर निकलना बंद कर दिया। जिस हुली को वह अपने साथ बेड पर सुलाते थे, उसे बाहर निकालकर दरवाजे बंद करके सोने लगे। मयंक ने सवाल उठाया कि आखिर अनुराग के मन में किसका भय था जो वह अपनी सुरक्षा को लेकर इतने सतर्क हो गए थे।
बंगलूरू में घर के चारों गेट पर लगवाए थे सीसीटीवी कैमरे
मयंक ने बताया कि अनुराग के बंगलूरू स्थित घर पर चार दरवाजे हैं। उन्होंने सभी दरवाजों और दो अन्य जगह पर चार सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए थे।
घर से अकेले बाहर निकलना बंद कर दिया। जिस हुली को वह अपने साथ बेड पर सुलाते थे, उसे बाहर निकालकर दरवाजे बंद करके सोने लगे। मयंक ने सवाल उठाया कि आखिर अनुराग के मन में किसका भय था जो वह अपनी सुरक्षा को लेकर इतने सतर्क हो गए थे।
सीबीआई को बताएंगे हत्या से जुड़े तथ्य
अनुराग तिवारी
उन्होंने कहा कि एसआईटी और लखनऊ पुलिस ने इस दिशा में जांच नहीं की लेकिन सीबीआई को इस बिंदु पर भी पड़ताल करनी चाहिए।
मयंक ने कहा कि वह सीबीआई को अनुराग की हत्या से जुड़े कई तथ्यों की जानकारी देंगे। एसआईटी और हजरतगंज पुलिस ने तो जांच के दौरान उनके बयान तक नहीं दर्ज किए जबकि वह एफआईआर के वादी थे।
अब जांच सीबीआई को चली जाने से मयंक को हत्या का राज खुलने की उम्मीदें जाग उठी हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई अनुराग के पुराने नौकर और दोस्तों से संपर्क करके काफी जानकारियां हासिल कर सकती है।
मयंक ने कहा कि वह सीबीआई को अनुराग की हत्या से जुड़े कई तथ्यों की जानकारी देंगे। एसआईटी और हजरतगंज पुलिस ने तो जांच के दौरान उनके बयान तक नहीं दर्ज किए जबकि वह एफआईआर के वादी थे।
अब जांच सीबीआई को चली जाने से मयंक को हत्या का राज खुलने की उम्मीदें जाग उठी हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई अनुराग के पुराने नौकर और दोस्तों से संपर्क करके काफी जानकारियां हासिल कर सकती है।