यादव सिंह की काली कमाई का पाई-पाई ढूढ़ रही CBI
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नोएडा प्राधिकरण के निलंबित मुख्य अभियंता यादव सिंह के खिलाफ शिकंजा कसते हुए सीबीआई ने उसके व करीबियों के दो दर्जन से अधिक बैंक खातों और लॉकरों आदि की जानकारी जुटानी शुरू की है। सीबीआई ने विभिन्न बैंकों के अधिकारियों से इसकी जानकारी देने को कहा है।
सीबीआई को अभी तक यादव सिंह, उसकी पत्नी, परिवार के सदस्य, आईएएस दामाद शशिभूषण लाल व अन्य करीबियों के बैंक खातों के बारे में पता चला है। यादव सिंह व उसके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से बनी विभिन्न फर्मों के खातों से संबंधित बैंक अधिकारियों को यह बताने को कहा गया है कि इन खातों में किस तरह और कितनी रकम जमा हुई। इनमें से किन-किन खातों में कितनी रकम जमा कराई गई।
सूत्रों के अनुसार यह कवायद इसलिए हो रही है क्योंकि जिस तरह यादव सिंह की दर्जनों कंपनियों का पता चला है, उससे मनी लांड्रिंग के साक्ष्य सामने आ रहे हैं।
माना जा रहा है कि उसने एक फर्म से दूसरी फर्म को काली कमाई ट्रांसफर कर रकम को काले से सफेद बनाने के इरादे से कई कंपनियां खोली। उसकी विदेश में निवेश करने की मंशा भी हो सकती है। सीबीआई को उम्मीद है कि खातों की पड़ताल से यादव सिंह व उसके करीबियों द्वारा मनी लांड्रिंग के साक्ष्य मिल सकेंगे।
प्रवर्तन निदेशालय से जानकारी साझा करेगी सीबीआई
जिन लोगों के खातों की पड़ताल हो रही है उनमें वे भी शामिल हैं, जिन्हें नोएडा अथॉरिटी ने मनमाने ढंग से प्लाट दिए। सीबीआई इन सभी की चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा हासिल करने की कोशिश कर रही है। बैंकों से लॉकरों की जानकारी मांगने की वजह यह है कि इन लॉकरों में अवैध संपत्तियों के दस्तावेज रखे हो सकते हैं।
इस कवायद से हासिल होने वाले नतीजों को सीबीआई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से भी साझा करेगी। वजह, मनी लांड्रिंग का आरोप साबित होने के बाद इसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय को करनी है। सूत्रों के अनुसार ईडी ने भी अपने स्तर से यादव सिंह की विभिन्न कंपनियों व करीबियों की चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा जुटाना शुरू कर दिया है।
तलाशे जा रहे बड़ों से कारोबारी संपर्क
सीबीआई की पड़ताल में सबसे खास बिंदु बड़े राजनेताओं व सफेदपोशों के साथ यादव सिंह के कारोबारी संपर्क हैं। इसे तलाशा जा रहा है।
सीबीआई इन लोगों को चिह्नित करने की कोशिश में जुटी है। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई की इस कवायद में बसपा शासनकाल के कुछ बड़े लोगों के साथ ही मौजूदा सरकार के कई लोगों के नाम सामने आएंगे।