{"_id":"59e06adf4f1c1bca678b5944","slug":"cattles-died-due-to-starvation-in-faizabad","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोशाला में चारे के अभाव में 28 पशुओं की मौत, प्रशासन में मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोशाला में चारे के अभाव में 28 पशुओं की मौत, प्रशासन में मचा हड़कंप
ब्यूरो/अमर उजाला, फैजाबाद
Updated Fri, 13 Oct 2017 01:42 PM IST
विज्ञापन
ककोली गोशाला, जहां चारे की कमी ले रही मवेशियों की जान
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फैजाबाद में तारुन क्षेत्र के ककोली गांव में बिना पंजीकरण के गोशाला में रखे चार सौ मवेशियों के लिए चारे का संकट मौत का सबब बन रहा है। पखवारेभर में 28 मवेशियों की चारे के अभाव में मौत हो गई है। दो मवेशियों की बुधवार को मौत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस व पशुपालन विभाग के अफसरों ने गुरुवार को मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की है।
उधर, गोशाला संचालकों ने जिला प्रशासन व सरकार को पहले ही पत्र भेजकर चारा-भूसा व अन्य संसाधन उपलब्ध कराने की गोहार लगाई है। छुट्टा जानवरों के संरक्षण के लिए बाहरपुर गांव के कुछ लोग आगे आए थे। गांव वालों के सहयोग से गोशाला की व्यवस्था शुरू कर दी गई, जिसका उद्घाटन भी बीते 15 अगस्त को क्षेत्रीय विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू ने किया था।
बताया गया कि एक महीने तक गोवा के एक समाजसेवी ने पशुओं के चारे पानी की व्यवस्था की, लेकिन बाद में उसने सहयोग बंद कर दिया।इसके बाद समिति से जुड़े राजेश, जेठू सहित अन्य ने भूसा व अन्य सामान गांव-गांव मांगकर पशुओं के खाने की व्यवस्था करते रहे। गोशाला शुरू होते ही लगभग 400 मवेशी गोशाला में लाए गए।
विज्ञापन
इसके बाद चारे के अभाव को लेकर गोशाला पर संकट के बादल मंडराने लगे। चारे के अभाव में पखवारे में 28 मवेशी अलग-अलग दिनों में मरते गए, जिसमें दो मवेशी बुधवार को मर गए। संचालकों के उड़े होश तो प्रशासन में भी हड़कंप
गोशाला में रह रहे मवेशियों के मरने का सिलसिला जारी है, जिससे संचालकों के होश उड़ गए हैं। बताया गया कि इस व्यवस्था से जुड़े लोगों ने शासन-प्रशासन को इसकी सूचना दी तो अफसरों में भी हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
उधर, गोशाला संचालकों ने जिला प्रशासन व सरकार को पहले ही पत्र भेजकर चारा-भूसा व अन्य संसाधन उपलब्ध कराने की गोहार लगाई है। छुट्टा जानवरों के संरक्षण के लिए बाहरपुर गांव के कुछ लोग आगे आए थे। गांव वालों के सहयोग से गोशाला की व्यवस्था शुरू कर दी गई, जिसका उद्घाटन भी बीते 15 अगस्त को क्षेत्रीय विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू ने किया था।
विज्ञापन
बताया गया कि एक महीने तक गोवा के एक समाजसेवी ने पशुओं के चारे पानी की व्यवस्था की, लेकिन बाद में उसने सहयोग बंद कर दिया।इसके बाद समिति से जुड़े राजेश, जेठू सहित अन्य ने भूसा व अन्य सामान गांव-गांव मांगकर पशुओं के खाने की व्यवस्था करते रहे। गोशाला शुरू होते ही लगभग 400 मवेशी गोशाला में लाए गए।
विज्ञापन
इसके बाद चारे के अभाव को लेकर गोशाला पर संकट के बादल मंडराने लगे। चारे के अभाव में पखवारे में 28 मवेशी अलग-अलग दिनों में मरते गए, जिसमें दो मवेशी बुधवार को मर गए। संचालकों के उड़े होश तो प्रशासन में भी हड़कंप
गोशाला में रह रहे मवेशियों के मरने का सिलसिला जारी है, जिससे संचालकों के होश उड़ गए हैं। बताया गया कि इस व्यवस्था से जुड़े लोगों ने शासन-प्रशासन को इसकी सूचना दी तो अफसरों में भी हड़कंप मच गया।