पीएसीएल ने फर्जी बांड बेचकर जमीन में निवेश के नाम पर निवेशकों से लाखों हड़पे
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अवैध तरीके से जमीन के नाम पर बैंकिंग व्यवसाय करने वाली राजस्थान की कंपनी पीएसीएल के निदेशक और नौ संचालकों के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा ने फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज किया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने जालौन में जमीन में निवेश के लिए आरबीआई के नियमों का उल्लंघन करते हुए बांड जारी किए और धन एकत्र करने के बाद कंपनी चंपत हो गई।
इस मामले में सितंबर 2014 में जालौन के तत्कालीन जिलाधिकारी राम गणेश की शिकायत पर गृह विभाग ने दिसंबर 2014 में ईओडब्ल्यू को जांच सौंपी थी। शिकायत में कहा गया था कि पल्स एग्रोटेक कार्पोरेशन लिमिटेड कंपनी अधिनियम के तहत रजिस्टर है लेकिन वह बैंकों की तरह आरडी, एफडी के रूप में निवेशकों को बांड जारी कर रही है।
ईओडब्ल्यू ने जांच की तो पाया कि कंपनी का मुख्य कार्यालय 22 तृतीय तल अम्बे टावर संसार चंद्र रोड, जयपुर, राजस्थान है जबकि जालौन और नई दिल्ली में भी कंपनी ने अपना कार्यालय खोल रखा था। इस कंपनी ने भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 451 ए का उल्लंघन करते हुए जालसाजी की नियत से अवैध रूप से भूखंड देने के नाम पर निवेशकों से विभिन्न योजनाओं के तहत धनराशि जमा कराई और उसकी बांड व रसीदें जारी की।
परिपक्वता तिथि के बाद भी किसी को जमीन नहीं दी गई और न ही निवेशकों का धन वापस किया गया। कंपनी ने जांच के दौरान ईओडब्लू को दस्तावेज देने में भी आनाकानी करती रही। ईओडब्लू की प्रारंभिक जांच में पता चला कि कंपनी ने जालौन के ग्राहकों के लगभग 282500 रुपये और परिपक्वता राशि 563400 रुपये की धोखाधड़ी की गई। ईओडब्लू ने अपनी जांच में पाया कि इस राशि से कई गुना राशि अन्य ग्राहकों से भी हड़पी गई है।
निदेशक समेत 10 को बनाया आरोपी
ईओडब्लू ने कानपुर सेक्टर में इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर में निदेशक और मुख्य संचालक समेत 10 लोगों को आरोपी बनाया है। इसमें दिल्ली निवासी सुरेंद्र गौर, मोहाली, पंजाब निवासी गुरुजंत सिंह गिल, दिल्ली निवासी गुरुमीत सिंह, रूप नगर पंजाब निवासी त्रिलोचन सिंह, रोपड़ पंजाब निवासी सुखदेव सिंह और गुरुनाम सिंह, दिल्ली निवासी सुब्रत भट्टाचार्य और सुरेश कुमार, पटियाला पंजाब निवासी जोगेंद्र और भिवानी हरियाणा निवासी अनिल चौधरी को नामजद किया है और कई अज्ञात एजेंट के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 420, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत ईओडब्लू के कानपुर सेक्टर में केस दर्ज किया गया है।