{"_id":"60aeade58ebc3e2f222d2846","slug":"case-on-patient-s-attendent-gw-reporters-news-lko5797273157","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी अस्पताल में तोड़फोड़ और कर्मचारियों से मारपीट करने वाले तीमारदारों पर मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी अस्पताल में तोड़फोड़ और कर्मचारियों से मारपीट करने वाले तीमारदारों पर मुकदमा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। अर्जुनगंज स्थित एडवांस न्यूरो एंड जनरल हॉस्पिटल में मंगलवार सुबह कोविड संक्रमित मरीज की मौत होने के बाद परिवारीजनों ने हंगामा किया था। कर्मचारियों से मारपीट और अस्पताल में तोड़फोड़ की थी। बुधवार को इस मामले में अस्पताल के डायरेक्टर व न्यूरो सर्जन डॉ. विनोद तिवारी ने मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
डॉ. विनोद के मुताबिक, उनके अस्पताल को सरकार ने 24 अप्रैल को कोविड अस्पताल में परिवर्तित कर दिया था। 22 मई को अंबेडकरनगर के मलीपुरम निवासी सुनील मिश्रा की पत्नी का सीटी स्कैन कराया गया जिसमें कोविड संक्रमित मिलीं। इसके बाद कोविड प्रोटोकॉल के तहत इलाज शुरू किया गया। 25 मई को तड़के उनका इलाज के दौरान निधन हो गया। इसके बाद उनके पति सुनील मिश्रा अपने 12 अन्य साथियों को लेकर हंगामा करने लगे। अस्पताल के कर्मचारियों से मारपीट की और तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। जिस पर पीआरवी पहुंची लेकिन वह इन उपद्रवियों के सामने मूकदर्शक बनी रही।
धमकी दी और बिना सील कराए शव लेकर चले गए
डॉ. विनोद के मुताबिक, सुनील मिश्रा व उनके साथी धमकी दे रहे थे कि 13 दिन बाद दोबारा आएंगे। इसके बाद रिसेप्शनिस्ट को मारकर बर्लिंग्टन चौराहे पर टांग देंगे। सुनील मिश्रा के साथियों ने बिना सील कराए शव को लेकर चले गए। प्रभारी निरीक्षक विजयेंद्र सिंह के मुताबिक, डॉ. विनोद तिवारी की तहरीर पर बुधवार को सुनील मिश्रा और 12 अन्य लोगों के खिलाफ कोविड प्रोटोकाल का उल्लंघन, बलवा, मारपीट सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है। पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
विज्ञापन
प्रभारी अधिकारी के निर्देश पर हुई कार्यवाही
कोविड प्रभारी अधिकारी रोशन जैकब ने कुछ दिन पहले अस्पतालों में मरीजों की मौत के बाद होने वाली तोड़फोड़ व कर्मचारियों से मारपीट की जानकारी होने पर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने एक आदेश जारी किया था कि कोविड संक्रमण काल में कुछ निजी अस्पताल बेहतर काम कर रहे हैं। ऐसे में अस्पतालों में हिंसात्मक घटनाओं से चिकित्सकों व कर्मचारियों पर विपरीत असर पड़ता है। रोशन जैकब ने अस्पताल में मारपीट व तोड़फोड़ की जानकारी होने पर डीएम अभिषेक प्रकाश को जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
डॉ. विनोद के मुताबिक, उनके अस्पताल को सरकार ने 24 अप्रैल को कोविड अस्पताल में परिवर्तित कर दिया था। 22 मई को अंबेडकरनगर के मलीपुरम निवासी सुनील मिश्रा की पत्नी का सीटी स्कैन कराया गया जिसमें कोविड संक्रमित मिलीं। इसके बाद कोविड प्रोटोकॉल के तहत इलाज शुरू किया गया। 25 मई को तड़के उनका इलाज के दौरान निधन हो गया। इसके बाद उनके पति सुनील मिश्रा अपने 12 अन्य साथियों को लेकर हंगामा करने लगे। अस्पताल के कर्मचारियों से मारपीट की और तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। जिस पर पीआरवी पहुंची लेकिन वह इन उपद्रवियों के सामने मूकदर्शक बनी रही।
विज्ञापन
धमकी दी और बिना सील कराए शव लेकर चले गए
डॉ. विनोद के मुताबिक, सुनील मिश्रा व उनके साथी धमकी दे रहे थे कि 13 दिन बाद दोबारा आएंगे। इसके बाद रिसेप्शनिस्ट को मारकर बर्लिंग्टन चौराहे पर टांग देंगे। सुनील मिश्रा के साथियों ने बिना सील कराए शव को लेकर चले गए। प्रभारी निरीक्षक विजयेंद्र सिंह के मुताबिक, डॉ. विनोद तिवारी की तहरीर पर बुधवार को सुनील मिश्रा और 12 अन्य लोगों के खिलाफ कोविड प्रोटोकाल का उल्लंघन, बलवा, मारपीट सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है। पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
विज्ञापन
प्रभारी अधिकारी के निर्देश पर हुई कार्यवाही
कोविड प्रभारी अधिकारी रोशन जैकब ने कुछ दिन पहले अस्पतालों में मरीजों की मौत के बाद होने वाली तोड़फोड़ व कर्मचारियों से मारपीट की जानकारी होने पर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने एक आदेश जारी किया था कि कोविड संक्रमण काल में कुछ निजी अस्पताल बेहतर काम कर रहे हैं। ऐसे में अस्पतालों में हिंसात्मक घटनाओं से चिकित्सकों व कर्मचारियों पर विपरीत असर पड़ता है। रोशन जैकब ने अस्पताल में मारपीट व तोड़फोड़ की जानकारी होने पर डीएम अभिषेक प्रकाश को जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।