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राजस्व परिषद से रिटायर्ड निजी सचिव पर रंगदारी और जालसाजी का मुकदमा

Thu, 05 May 2022 02:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2022 02:15 AM IST
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case on officer in fraud
लखनऊ। राजस्व परिषद से हाल ही में रिटायर्ड हुए निजी सचिव विवेकानंद डोबारियाल पर अधिकारियों व कर्मचारियों को जांच की धमकी देकर वसूली करने, कूटरचना और जालसाजी का आरोप लगा है। विभाग में तैनात अनुसचिव की तहरीर पर कैसरबाग थाने में केस दर्ज कर कैसरबाग पुलिस विवेकानंद की तलाश कर रही है।
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प्रभारी निरीक्षक अजय नारायण सिंह के मुताबिक, राजस्व परिषद में तैनात अनुसचिव घनश्याम चतुर्वेदी ने तहरीर देकर बताया कि विवेकानन्द डोबारियाल उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद में निजी सचिव थे। वे 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सेवारत रहते हुए विवेकानंद ने रिश्वत लेकर कार्य कराने और फर्जी शिकायत कराकर कार्मिकों को दंडित कराने की धमकी देकर धन उगाही की शिकायतें पूर्व में भी मिलती रही हैं। रिटायर होने के बाद भी वह राजस्व परिषद में आते रहते हैं। आरोप है कि विवेकानंद डोबारियाल 8299714398 नंबर का मोबाइल प्रयोग करते हैं। जो बीए. 59 सेक्टर-बी गुप्तेश्वर मन्दिर के पास रहने वाले प्रदीप गर्ग के नाम से पंजीकृत है। आरोप है कि इस नंबर का उपयोग करते हुए राजस्व परिषद में विवेकानंद डोबारियाल राजस्व विभाग के विभिन्न जनपदो में तैनात तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो एवं लेखपालों को कॉल करते थे। उनके स्थानांतरण व जांचों में अपनी पहुंच का हवाला देकर उनसे वसूली करते थे। अनुसचिव घनश्याम चतुर्वेदी का आरोप है कि अवैध कमाई का प्रयोग विवेकानंद ने शेयर मार्केट एवं प्रॉपर्टी खरीदने में किया है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, अनुसचिव की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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सेवानिवृत्त होने के बाद भी आते हैं राजस्व परिषद
आरोप है कि कार्य करने के लिए पूर्व नियुक्ति का अनुचित लाभ लेते हुये विवेकानंद राजस्व परिषद में नियुक्त अधिकारियों व कर्मचारियों पर दबाव डालते थे। दबाव में न आने पर उनके विरुद्ध भी फर्जी शिकायत कराने व जांच कराने की धमकी देते थे। आरोप है कि विवेकानन्द सेवानिवृत्त होने के बाद भी राजस्व परिषद कार्यालय अक्सर आते हैं और वहां के अधिकारियों व कर्मचारियों से विभागीय जांचों के निस्तारण में उनसे मिलीभगत कर निस्तारण कराने के नाम पर बिचौलिए का काम करते हैं।
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