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कोर्ट के आदेश पर ऑक्सीजन प्लांट के मालिक समेत चार पर मुकदमा दर्ज
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कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा। (फोटो ः प्रतीकात्म)
- फोटो : ??? ?????
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कोरोना की दूसरी लहर के दौरान पांच मई को चिनहट के देवा रोड स्थित धावा गांव में केटी ऑक्सीजन प्लांट में रीफिलिंग के दौरान हुए भीषण विस्फोट में सुपरवाइजर अरुण पांडेय की मौत हो गई थी।
प्लांट दोबारा चालू होने पर सुपरवाइजर की पत्नी किरण पांडेय बकाया वेतन मांगने गईं तो संचालकों ने अभद्रता की। चिनहट थाने में सुनवाई न होने पर पीड़िता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
इसके बाद कोर्ट के आदेश पर केटी ऑक्सीजन प्लांट के मालिक के अलावा प्रोपराइटर व संचालक अतुल कुमार मल्होत्रा व प्रमोद कुमार जैन और इंदिरानगर के निजी अस्पताल जनमंगल पर गैर इरादतन हत्या, लापरवाही और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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इंदिरानगर में किरण पांडेय परिवार के साथ रहती है। किरण के मुताबिक, उनके पति अरुण पांडेय केटी ऑक्सीजन प्लांट में सुपरवाइजर थे। 5 मई 2021 को प्लांट में रीफिलिंग के दौरान विस्फोट हो गया था। हादसे में अरुण पांडेय सहित तीन की मौत हो गई थी।
किरण के मुताबिक, दूसरी लहर में ऑक्सीजन की बढ़ती मांग के कारण पति से ओवरटाइम कराया जा रहा था। आरोप है कि प्लांट में लगी मशीनों का रखरखाव सही ढंग से नहीं होने के कारण हर वक्त खतरा रहता था। यह बात पति ने कॉल कर बताई थी।
इस संबंध में अरुण ने प्लांट संचालक अतुल कुमार से भी शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। अरुण पर ही ज्यादा सिलेंडर भरने का दबाव बनाया।
मजबूरी में अरुण ने काम जारी रखा और पांच मई को हादसा हो गया। जख्मी पति को जब इंदिरानगर के जनमंगल अस्पताल ले जाया गया तो वहां इलाज में भी लापरवाही बरती गई थी।
तीन महीने का बकाया था वेतन
किरण के अनुसार, पति को तीन महीने से वेतन भी नहीं दिया गया था। प्लांट में हुए हादसे के बाद अतुल ने कर्मचारियों के परिवार की सुध नहीं ली थी। पांच जून को किसी तरह से किरण प्लांट मालिक से मिल पाईं थीं। उन्होंने बकाया वेतन और ओवरटाइम के रुपये देने के लिए कहा था। जिस पर अतुल ने अभद्रता की थी। साथ ही सुपरवाइजर अरुण की लापरवाही के कारण हादसा होने का आरोप मढ़ दिया था। किरण ने चिनहट थाने में प्लांट संचालक के खिलाफ तहरीर भी दी थी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद पीड़िता ने कोर्ट में अर्जी दायर की थी। कोर्ट के आदेश के बाद चिनहट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक जांच की जा रही है।
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प्लांट दोबारा चालू होने पर सुपरवाइजर की पत्नी किरण पांडेय बकाया वेतन मांगने गईं तो संचालकों ने अभद्रता की। चिनहट थाने में सुनवाई न होने पर पीड़िता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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इसके बाद कोर्ट के आदेश पर केटी ऑक्सीजन प्लांट के मालिक के अलावा प्रोपराइटर व संचालक अतुल कुमार मल्होत्रा व प्रमोद कुमार जैन और इंदिरानगर के निजी अस्पताल जनमंगल पर गैर इरादतन हत्या, लापरवाही और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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इंदिरानगर में किरण पांडेय परिवार के साथ रहती है। किरण के मुताबिक, उनके पति अरुण पांडेय केटी ऑक्सीजन प्लांट में सुपरवाइजर थे। 5 मई 2021 को प्लांट में रीफिलिंग के दौरान विस्फोट हो गया था। हादसे में अरुण पांडेय सहित तीन की मौत हो गई थी।
किरण के मुताबिक, दूसरी लहर में ऑक्सीजन की बढ़ती मांग के कारण पति से ओवरटाइम कराया जा रहा था। आरोप है कि प्लांट में लगी मशीनों का रखरखाव सही ढंग से नहीं होने के कारण हर वक्त खतरा रहता था। यह बात पति ने कॉल कर बताई थी।
इस संबंध में अरुण ने प्लांट संचालक अतुल कुमार से भी शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। अरुण पर ही ज्यादा सिलेंडर भरने का दबाव बनाया।
मजबूरी में अरुण ने काम जारी रखा और पांच मई को हादसा हो गया। जख्मी पति को जब इंदिरानगर के जनमंगल अस्पताल ले जाया गया तो वहां इलाज में भी लापरवाही बरती गई थी।
तीन महीने का बकाया था वेतन
किरण के अनुसार, पति को तीन महीने से वेतन भी नहीं दिया गया था। प्लांट में हुए हादसे के बाद अतुल ने कर्मचारियों के परिवार की सुध नहीं ली थी। पांच जून को किसी तरह से किरण प्लांट मालिक से मिल पाईं थीं। उन्होंने बकाया वेतन और ओवरटाइम के रुपये देने के लिए कहा था। जिस पर अतुल ने अभद्रता की थी। साथ ही सुपरवाइजर अरुण की लापरवाही के कारण हादसा होने का आरोप मढ़ दिया था। किरण ने चिनहट थाने में प्लांट संचालक के खिलाफ तहरीर भी दी थी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद पीड़िता ने कोर्ट में अर्जी दायर की थी। कोर्ट के आदेश के बाद चिनहट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक जांच की जा रही है।