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ठगी के मामले में स्कैनिया कंपनी पर एक औऱ मुकदमा दर्ज
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लखनऊ। बसों में आर्कषक और लुभावने ऑफर देकर सरोजनीनगर के धनंजय सिंह को करोड़ों की बसें बेची गईं। लेकिन इसके बावजूद तय सर्विस तक नहीं मिली। इसके बाद धनंजय की तहरीर पर शनिवार को सरोजनीनगर थाने में पुलिस ने स्कैनिया कंपनी और कंपनी के प्रबंधक पीटर नोवो टोनी, सर्विस डायरेक्टर रफायल डी अल्वारंगा और चीफ फाइनेंसर ऑफिसर निकोलेट जेम्स के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस पहले भी कंपनी के खिलाफ साजिशन बसों में आग लगने का मुकदमा सरोजनी नगर थाने में दर्ज हो चुका है।
धनंजय सिंह के मुताबिक, कंपनी पर विश्वास कर चार बसें चार करोड़ 12 लाख रूपये में खरीदी थीं। आरोप है के इसके कुछ दिनों बाद बसों में खराबी आने लगी। जब भी लंबे टूर पर बसें निकलती थीं तो रास्ते में ही खराब हो जाती थीं। स्कैनिया कंपनी के ही मकैनिक से गाड़ी बनवानी पड़ती है जिसके पार्ट लखनऊ में नहीं मिलते हैं। इसमें बहुत समय लग जाता है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, धनंजय सिंह की तहरीर पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
करोड़ों रूपये तो बसों की सर्विस में हुए खर्च
विदेशी कंपनी पर विश्वास कर आकर्षक ऑफर पर बसें खरीद लीं। एक बस एक करोड़ 10 लाख से एक करोड़ 25 लाख रुपये तक आती है। धनंजय सिंह के मुताबिक, जितने की बसें नहीं हैं, उससे ज्यादा तो सर्विस में लगा दिया। यही नहीं, सर्विस सेंटर पर बसों का सामान नहीं मिलता है। महीनों बसें खड़ी रहती हैं, उसके बावजूद सही नहीं होती है।
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पहले भी दर्ज हो चुका है मुकदमा
कंपनी के मालिक और कंपनी प्रबंधक के खिलाफ साजिशन बसों में आग लगवाने का मुकदमा दर्ज हो चुका है। पुलिस जांच कर रही है। आरोप है कि कंपनी की तरफ से कानपुर और लखनऊ में सर्विस सेंटर खुलना था। इसके बावजूद कंपनी किसी भी प्रकार का कोई काम नहीं हुआ। धनंजय सिंह के मुताबिक, स्कैनिया कंपनी से कई लोगों ने बसें खरीदी थीं। इसके बाद से सभी बस मालिक कंपनी और सर्विस से परेशान हैं।
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धनंजय सिंह के मुताबिक, कंपनी पर विश्वास कर चार बसें चार करोड़ 12 लाख रूपये में खरीदी थीं। आरोप है के इसके कुछ दिनों बाद बसों में खराबी आने लगी। जब भी लंबे टूर पर बसें निकलती थीं तो रास्ते में ही खराब हो जाती थीं। स्कैनिया कंपनी के ही मकैनिक से गाड़ी बनवानी पड़ती है जिसके पार्ट लखनऊ में नहीं मिलते हैं। इसमें बहुत समय लग जाता है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, धनंजय सिंह की तहरीर पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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करोड़ों रूपये तो बसों की सर्विस में हुए खर्च
विदेशी कंपनी पर विश्वास कर आकर्षक ऑफर पर बसें खरीद लीं। एक बस एक करोड़ 10 लाख से एक करोड़ 25 लाख रुपये तक आती है। धनंजय सिंह के मुताबिक, जितने की बसें नहीं हैं, उससे ज्यादा तो सर्विस में लगा दिया। यही नहीं, सर्विस सेंटर पर बसों का सामान नहीं मिलता है। महीनों बसें खड़ी रहती हैं, उसके बावजूद सही नहीं होती है।
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पहले भी दर्ज हो चुका है मुकदमा
कंपनी के मालिक और कंपनी प्रबंधक के खिलाफ साजिशन बसों में आग लगवाने का मुकदमा दर्ज हो चुका है। पुलिस जांच कर रही है। आरोप है कि कंपनी की तरफ से कानपुर और लखनऊ में सर्विस सेंटर खुलना था। इसके बावजूद कंपनी किसी भी प्रकार का कोई काम नहीं हुआ। धनंजय सिंह के मुताबिक, स्कैनिया कंपनी से कई लोगों ने बसें खरीदी थीं। इसके बाद से सभी बस मालिक कंपनी और सर्विस से परेशान हैं।