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सांसद-विधायक व प्रमुख सचिव के फर्जी पत्र से तबादले पर दो अफसरों पर केस
Sat, 12 Dec 2020 08:53 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 12 Dec 2020 08:53 PM IST
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- फोटो : social media
कैसरबाग स्थित आयुक्त सहकारिता एवं निबंधन विभाग में मनचाहे तबादले के लिए सांसद व विधायक के फर्जी सिफारिशी पत्र और प्रमुख सचिव का फर्जी आदेश बनाने का मामला सामने आया है। कूटरचित पत्रों व आदेशों के जरिए दो अधिकारियों ने अपना तबादला बदायूं करा लिया।
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शासन स्तर पर इसकी शिकायत पहुंची तो सीबीसीआईडी को जांच के आदेश दिए गए। जांच में फर्जीवाड़े का आरोप साबित होने के बाद सीबीसीआईडी के बरेली खंड के निरीक्षक ज्ञान सिंह पंवार ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ कैसरबाग कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। मामले की विवेचना सीबीसीआईडी ही करेगी।
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इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि बदायूं में अपर जिला सहकारी के पद पर तैनात रविशंकर चौधरी और निजी सचिव एसके वर्मा पर फर्जी दस्तावेज और शासन के कूटरचित पत्र बनाने का आरोप है। दोनों ने अपना तबादला बदायूं कराने के लिए सांसद धर्मेंद्र यादव और छिबरामऊ के विधायक अरविंद सिंह यादव का फर्जी लेटरपैड बनाकर उस पर तबादले की सिफारिश करते हुए दोनों के फर्जी हस्ताक्षर किए।
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यही नहीं, उक्त पत्रों के आधार पर ही दोनों ने प्रमुख सचिव का फर्जी तबादला आदेश बनाकर आयुक्त सहकारिता व निबंधन विभाग में प्रस्तुत किया। उक्त पत्रों के आधार पर दोनों का तबादला बदायूं कर दिया गया था। बाद में इन फर्जी पत्रों की शिकायत शासन से की गई थी।