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कार्डियोलॉजी इमरजेंसी बंद होने से मरीज परेशान
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ट्रॉमा में भी नहीं मिल पा रहा दिल के रोगियों को इलाज
तीमारदारों से विवाद के बाद दो दिन पहले रेजीडेंटों ने बंद कर दी थी लारी कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी
केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी बंद होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रॉमा सेंटर मरीजों से भरा हुआ है। ऐसे में दिल के मरीजों को कैजुअल्टी में काफी देर तक इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। यहां कार्डियोलॉजी विभाग ने दो रेजीडेंटों की तैनाती की है, जो नाकाफी साबित हो रही है।
दो दिन पहले तीमारदार से हुए विवाद के बाद रेजीडेंटों ने कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी बंद कर दी है। ऐसी स्थिति में मरीजों को ट्रॉमा सेंटर भेजा जा रहा है, लेकिन वहां अन्य मरीजों की भीड़ होने की वजह से इलाज में देरी हो रही है। ऐसे में मरीज परेशान हैं। विवशता में लोग निजी अस्पातल जा रहे हैं। आमतौर पर लारी कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में 150 से 160 मरीज आते हैं। इसमें 25 से 30 मरीजों को भर्ती किया जाता है। दूसरी तरफ क ार्डियोलॉजी में हुए विवाद के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। रविवार को पुलिस ने विवाद के वक्त मौजूद कर्मचारियों और रेजीडेंटों से पूछताछ की। घटना का नजरिया तैयार किया गया और उसे सीसीटीवी के फुटेज से मिलाया जाएगा। इसके बाद दोनों आरोपियों से भी पूछताछ की जाएगी।
कार्डियोलॉजी के मीडिया प्रभारी डॉ. अक्षय प्रधान ने बताया कि मंगलवार को होने वाली बैठक के बाद इमरजेंसी के संचालन पर फैसला होगा। तब तक ट्रॉमा में ही मरीज देखे जाएंगे।
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तीमारदारों से विवाद के बाद दो दिन पहले रेजीडेंटों ने बंद कर दी थी लारी कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी
केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी बंद होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रॉमा सेंटर मरीजों से भरा हुआ है। ऐसे में दिल के मरीजों को कैजुअल्टी में काफी देर तक इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। यहां कार्डियोलॉजी विभाग ने दो रेजीडेंटों की तैनाती की है, जो नाकाफी साबित हो रही है।
दो दिन पहले तीमारदार से हुए विवाद के बाद रेजीडेंटों ने कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी बंद कर दी है। ऐसी स्थिति में मरीजों को ट्रॉमा सेंटर भेजा जा रहा है, लेकिन वहां अन्य मरीजों की भीड़ होने की वजह से इलाज में देरी हो रही है। ऐसे में मरीज परेशान हैं। विवशता में लोग निजी अस्पातल जा रहे हैं। आमतौर पर लारी कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में 150 से 160 मरीज आते हैं। इसमें 25 से 30 मरीजों को भर्ती किया जाता है। दूसरी तरफ क ार्डियोलॉजी में हुए विवाद के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। रविवार को पुलिस ने विवाद के वक्त मौजूद कर्मचारियों और रेजीडेंटों से पूछताछ की। घटना का नजरिया तैयार किया गया और उसे सीसीटीवी के फुटेज से मिलाया जाएगा। इसके बाद दोनों आरोपियों से भी पूछताछ की जाएगी।
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कार्डियोलॉजी के मीडिया प्रभारी डॉ. अक्षय प्रधान ने बताया कि मंगलवार को होने वाली बैठक के बाद इमरजेंसी के संचालन पर फैसला होगा। तब तक ट्रॉमा में ही मरीज देखे जाएंगे।
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