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लखनऊ के इस सरकारी अस्पताल की घोर लापरवाही, जिंदा मरीज को थमा दिया मृत्यु का प्रमाण पत्र

Wed, 14 Mar 2018 02:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 14 Mar 2018 02:35 PM IST
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carelessness of kgmu staff, gave death certificate to alive person
महिला को दिया डेथ सर्टिफिकेट (घेरे में) - फोटो : amarujala
केजीएमयू के कर्मचारियों की लापवाही का एक और मामला सामने आया है। इसमें महिला मरीज को डिस्चार्ज करने के बाद डेथ सर्टिफिकेट थमा दिया गया। उसे देखकर वह चकरा गई। उसने कर्मचारी से आपत्ति जताते हुए शिकायत दर्ज कराई। वहीं, कर्मचारी भी जिंदा मरीज का मृत्यु प्रमाण पत्र देखकर हैरान हो गए।
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आपत्ति के बाद अब मार्च में मरीज को सही प्रमाण पत्र दिया गया है। बाराबंकी निवासी राजरानी को चोट लगने के बाद 15 जनवरी को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। यहां से उसे प्लास्टिक सर्जरी विभाग रेफर कर दिया गया। बेड नंबर नौ पर भर्ती राजरानी का इलाज शुरू हुआ।
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तबीयत में सुधार के बाद डॉक्टरों ने उसे 28 फरवरी को डिस्चार्ज कर दिया। इसके पेपर लेने के लिए राजरानी ने ट्रॉमा सेंटर के काउंटर पर हॉस्पिटल कार्ड दिया। कर्मचारी ने प्रक्रिया पूरी कर डिस्चार्ज पेपर थमा दिया। राजरानी ने देखा तो कागज पर मृत्यु प्रमाण पत्र लिखा था।
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इस पर वह और उनके परिवारीजन चकरा गए। शिकायत पर कर्मचारी ने डिस्चार्ज पेपर पर मृत्यु का प्रमाण पत्र निकलने की जांच की। साथ ही अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया। 13 मार्च को फॉलोअप के लिए पहुंची मरीज को सही डिस्चार्ज पेपर दिया गया। 

ई-हॉस्पिटल सिस्टम में खामियां

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डेमो
केजीएमयू में ई-हॉस्पिटल सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत मरीजों की भर्ती व डिस्चार्ज करने की प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू की गई है। लेकिन इसमें तमाम तरह की गड़बड़ी सामने आ रही है। ट्रॉमा से रेफर मरीज के बारे में जानकारी लेने पर सिस्टम उसे दूसरे विभाग में भर्ती दिखा रहा है। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

'मामले की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो जांच कराई जाएगी। जिसकी भी गलती सामने आएगी उस पर कार्रवाई होगी।' - डॉ. विजय कुमार,  चिकित्सा अधीक्षक
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