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कैंसर रजिस्ट्री से आसान होगा मरीजों का इलाज
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कैंसर की रजिस्ट्री होने से आसान होगा इलाज
केजीएमयू के साथ ही दूसरे संस्थान भी शुरू कर रहे हैं कैंसर रजिस्ट्री, शोधार्थियों को आसानी से मिल सकेंगे डाटा
कैंसर रजिस्ट्री शुरू होने से मरीजों का इलाज आसान होगा। मरीजों की हर स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। वे दवाओं के फायदे और नुकसान की ऑनलाइन जानकारी भी दे सकेंगे। इस डाटा केआधार पर शोधार्थी नई दवाएं और इलाज की नई तरकीब ढूढ़ सकेंगे। केजीएमयू में कैंसर रजिस्ट्री शुरू हो गई है। जल्द ही दूसरे संस्थान भी यह व्यवस्था शुरू कर रहे हैं। यह कहना है सिलचर कैंसर संस्थान के डॉ. रवि कानन का। वह सोमवार को केजीएमयू में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
डॉ. कानन ने बताया कि कैंसर मरीजों की देश में दो तरह से रजिस्ट्री हो रही है। एक अस्पताल आने वाले तो दूसरे शहरी आबादी में रहने वाले मरीजों की। आबादी के लिहाज से 29 स्थानों पर गिनती हो रही है। जबकि 100 से ज्यादा अस्पताल कैंसर मरीजों से जुड़ी जानकारी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से साझा कर रहे हैं। कैंसर के प्रति जागरूकता के सवाल पर उन्होंने कहा कि अधिक वजन की वजह से ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज के साथ ही कैंसर जैसी बीमारियां भी हो रही हैं। ऐसे में वजन का नियंत्रण जरूरी है। महिलाओं में बच्चेदानी के मुंह का कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। इस पर लगातार शोध किया जा रहा है। इससे बचने के लिए हरी सब्जियों, सलाद, मौसमी फल का प्रयोग बढ़ाया जाए। शारीरिक श्रम पर ध्यान दिया जाए।
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केजीएमयू के साथ ही दूसरे संस्थान भी शुरू कर रहे हैं कैंसर रजिस्ट्री, शोधार्थियों को आसानी से मिल सकेंगे डाटा
कैंसर रजिस्ट्री शुरू होने से मरीजों का इलाज आसान होगा। मरीजों की हर स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। वे दवाओं के फायदे और नुकसान की ऑनलाइन जानकारी भी दे सकेंगे। इस डाटा केआधार पर शोधार्थी नई दवाएं और इलाज की नई तरकीब ढूढ़ सकेंगे। केजीएमयू में कैंसर रजिस्ट्री शुरू हो गई है। जल्द ही दूसरे संस्थान भी यह व्यवस्था शुरू कर रहे हैं। यह कहना है सिलचर कैंसर संस्थान के डॉ. रवि कानन का। वह सोमवार को केजीएमयू में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
डॉ. कानन ने बताया कि कैंसर मरीजों की देश में दो तरह से रजिस्ट्री हो रही है। एक अस्पताल आने वाले तो दूसरे शहरी आबादी में रहने वाले मरीजों की। आबादी के लिहाज से 29 स्थानों पर गिनती हो रही है। जबकि 100 से ज्यादा अस्पताल कैंसर मरीजों से जुड़ी जानकारी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से साझा कर रहे हैं। कैंसर के प्रति जागरूकता के सवाल पर उन्होंने कहा कि अधिक वजन की वजह से ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज के साथ ही कैंसर जैसी बीमारियां भी हो रही हैं। ऐसे में वजन का नियंत्रण जरूरी है। महिलाओं में बच्चेदानी के मुंह का कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। इस पर लगातार शोध किया जा रहा है। इससे बचने के लिए हरी सब्जियों, सलाद, मौसमी फल का प्रयोग बढ़ाया जाए। शारीरिक श्रम पर ध्यान दिया जाए।
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