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ला-मार्ट कॉलेज को कैबिनेट मंत्री की खरी-खरी, 12 छात्रों पर इस वजह से हुई थी कार्रवाई
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 03 Dec 2017 10:44 AM IST
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La-Martiniere
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ला-मार्टीनियर ब्वॉयज कॉलेज के 12 छात्रों की गृह परीक्षाओं पर प्रतिबंध लगाने के मामले को प्रदेश के विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने शनिवार को कॉलेज प्रधानाचार्य को पत्र भेजकर मामले में परिस्थितियों पर गंभीरता व गहनतापूर्वक विचार करने के बाद ही कोई निर्णय लेना का आग्रह किया है।
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पत्र के माध्यम से उन्होंने कॉलेज से कहा है कि ऐसा निर्णय लिया जाये कि छात्रों को अनुशासन का सबक भी मिले और वे हताशा एवं हीनता का शिकार भी न हों।
बताया जा रहा है कि गत 24 नवंबर को कॉलेज परिसर में चल रहे लास्ट डे इन खाकी कार्यक्रम के दौरान एक छात्र गुट नारेबाजी और गाली-गलौज कर रहे थे। जिसका वीडिया वायरल हो गया। कॉलेज के पूर्व छात्रों द्वारा जानकारी दिए जाने पर प्रधानाचार्य सी मैकफरलैंड ने इंटर के 12 छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए होम परीक्षाओं में बैठने पर प्रतिबंध लगा दिया।
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उन्हें कॉलेज के किसी भी कार्यक्रम में सम्मिलित होने की अनुमति न देते हुए इंटर के बाद अच्छे चाल-चलन का चरित्र प्रमाण पत्र देने से भी मना कर दिया। मीडिया में आई खबरों का संज्ञान लेते हुए कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रधानाचार्य को पत्र लिखा है।
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उन्होंने मामले की गहनता से जांच कर कार्रवाई करने को कहा है। लेकिन साथ में छात्रों की आयु को देखते हुए यह भी आग्रह किया है कि कॉलेज ऐसी कोई कार्रवाई न करे जिससे उनका भविष्य खराब हो जाये। पत्र के माध्यम से उन्होंने कहा है कि छात्रों को प्री बोर्ड एग्जाम से प्रतिबंधित किया जाता है और उनके चरित्र प्रमाण पत्र पर घटना का उल्लेख किया जाता है तो इससे छात्र हीन भावना के शिकार हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में वे किसी अप्रिय घटना को अंजाम भी दे सकते हैं।