फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Cabinet minister speaks about Make in India.

'मेक इन यूपी' से ही 'मेक इन इंडिया' संभव : कलराज

Wed, 06 Jan 2016 08:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 06 Jan 2016 08:33 PM IST
विज्ञापन
Cabinet minister speaks about Make in India.

केंद्रीय एमएसएमई मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास बेहद जरूरी है, क्योंकि मेक इन यूपी के साथ ही मेक इन इंडिया संभव है। देश को विकसित बनाने के लिए आवश्यक है कि लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाए।

विज्ञापन


वे गन्ना संस्थान में बुधवार को आयोजित राज्य स्तरीय कार्याशाला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत ज्यादा से ज्यादा ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है।
विज्ञापन


इसमें गड़बड़ियों को दुरुस्त करने के साथ ही पैसे का सदुपयोग होना चाहिए। ऋण के आवेदन का निपटारा प्रत्येक स्तर पर निर्धारित समय से होना चाहिए। उन्होंने महिला उद्यमिता को विशेष तौर पर प्रोत्साहित किए जाने के लिए भी कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूचनाएं पूरी तो तीन मिनट में रजिस्ट्रेशन

Cabinet minister speaks about Make in India.

कलराज ने बताया कि लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू की गई है, जिसे उद्योग आधार मेमोरेंडम नाम दिया गया है।

इसके तहत कुल बीस बिंदु हैं, जिनमें आवश्यक सूचना देने के तीन मिनट के भीतर रजिस्ट्रेशन हो जाता है। इस सुविधा के तहत तीन माह में लगभग एक लाख तीस हजार उद्योगों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। यदि किसी को समस्या आ रही हो तो वह मंत्रालय को ई-मेल भी कर सकता है।

इनक्यूबेशन सेंटर के लिए नहीं मिली जमीन
मिश्र ने कहा कि केंद्र सरकार की विशेष योजना लाइवलीहुड इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना के लिए प्रदेश सरकार जमीन उपलब्ध नहीं करवा रही है।

इन केंद्रों में स्किल डवलपमेंट के कोर्स चलाए जाते हैं, जिससे उद्योगों के लिए स्किल्ड मैनपावर की कमी दूर की जा सके। देवरिया और बनारस में ये केंद्र सफलतापूर्वक चल रहे हैं। प्रदेश भर में कुल 15 केंद्रों की स्थापना होनी है, लेकिन कई बार आग्रह के बावजूद प्रदेश सरकार जमीन मुहैया नहीं करवा रही।

पैसे का इस्तेमाल नहीं कर पा रही राज्य सरकार

Cabinet minister speaks about Make in India.

एक सवाल के जवाब में कलराज ने कहा कि अगले वर्ष यहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसीलिए राज्य सरकार आरोप लगा रही है कि केवल केंद्र सरकार की योजनाओं को फंड दिया जा रहा है, जबकि हकीकत यह है कि राज्य को दिए गए पैसे का इस्तेमाल तक नहीं हो पा रहा है।

एनपीए रोकने में सहयोग करेंगे बैंक

कलराज ने कहा कि एक खास योजना के तहत हाल ही व्यवस्था की गई है कि कर्ज लेने वाला उद्यमी विपरीत परिस्थितियां उत्पन्न होने की दशा में संबंधित बैंक के पास जाएगा। वहां दोनों पक्ष चर्चा करके ऐसी तैयारी करेंगे जिससे औद्योगिक इकाई का संचालन बंद न होने पाए। इससे नॉन परफॉर्मिंग असेट (एनपीए) रोकने में मदद मिलेगी।

इंडस्ट्री का बन रहा प्रोफाइल
कौन सा शहर किस प्रकार के उद्योगों के लिए माकूल है, इसे जानने के लिए देश भर के प्रमुख शहरों का इंडस्ट्रियल प्रोफाइल बनाया जा रहा है। इसके तहत शहरों का सर्वे कर विभिन्न उद्योगों के भविष्य का आकलन किया जाता है। इसके बाद वहां आवश्यकतानुसार योजनाएं शुरू की जाएंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed