फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Cabinet minister Nitin Gadkari rejects demand of UP govt.

गडकरी के दो टूक जवाब से अखिलेश सरकार को झटका!

Thu, 22 Jan 2015 01:42 AM IST
अजीत बिसारिया/अमर उजाला, लखनऊ
अजीत बिसारिया/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 22 Jan 2015 01:42 AM IST
विज्ञापन
Cabinet minister Nitin Gadkari rejects demand of UP govt.

राष्ट्रीय राजमार्गों के रख-रखाव के लिए अधिक धन देने की राज्य सरकार की मांग केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सिरे से नकार दी। हालांकि उन्होंने उत्तर प्रदेश में 50 हजार करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण शुरू करने का वादा किया। साथ ही प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की संख्या बढ़ाने की मांग भी मंजूर कर ली।

विज्ञापन


बुधवार सुबह एनेक्सी सचिवालय में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और नितिन गडकरी की करीब दो घंटे चली बैठक के बाद दोनों नेताओं ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने राष्ट्रीय राजमार्गों की बदहाली बताई।
विज्ञापन


गडकरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे कोई झूठा आश्वासन नहीं देंगे। मरम्मत मद में धन योजना आयोग आवंटित करता है। इसलिए पीडब्ल्यूडी को उनके मंत्रालय के स्तर से कोई धन नहीं दिया जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकारी-निजी सहभागिता (पीपीपी मॉडल) के तहत निवेश लाकर सड़कों की मरम्मत करवाई जाएगी। उनसे सवाल किया गया कि नई सड़कों के मामले में पीपीपी मॉडल सफल नहीं है, तो पुरानी सड़कों की मरम्मत के लिए यह कैसे कामयाब होगा। इस पर गडकरी ने कहा, ‘यह मुझ पर छोड़ो। जो कह रहा हूं, वह करके दिखाऊंगा।’

दिसंबर तक शुरू हो जाएंगे 50 हजार करोड़ के काम

Cabinet minister Nitin Gadkari rejects demand of UP govt.

गडकरी ने यूपी में राजमार्गों की बदहाली स्वीकार करते हुए कहा कि दिसंबर तक 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के काम शुरू हो जाएंगे। 17290 करोड़ के काम शुरू भी हो चुके हैं। नई सड़कें बनाने के लिए धन की कोई कमी नहीं है।

एक महीने के भीतर कुछ और सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने का फैसला ले लिया जाएगा। केंद्र सरकार राजनीति और विकास को एकदम अलग करके रखती है। प्रदेश में सड़कों के विकास में कोई कसर नहीं रहने दी जाएगी। गुणवत्ता में सुधार, लागत में कमी और अंतरराष्ट्रीय स्तर की डिजाइन ही हमारा लक्ष्य है।

ये भी कहा नितिन गडकरी ने
- राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट के बाबत राज्य सरकार के साथ सहमति बनी। सभी परियोजनाओं के लिए एक समान एग्रीमेंट साइन होगा।
- हर तीन महीने पर बैठक होगी, जिसमें राजमार्गों के लिए भूमि अधिग्रहण और पेड़ों की कटान सरीखी बाधाओं को दूर करने पर विचार होगा।

- रेलवे ओवरब्रिज के क्लियरेंस के लिए फाइल ऑनलाइन करने की व्यवस्था कर दी गई है। किसी भी टेबल पर फाइल को 15 दिन से ज्यादा नहीं रोका जा सकेगा।
- दिल्ली-मेरठ रोड को ठीक किया जाएगा। ईस्टर्न बाईपास को भी सुधारा जाएगा।

- सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन किया जा रहा है।
- हाईवे पुलिसिंग पर राज्य के साथ सहमति बन गई है।

- यूपी के रेल और रोड नेटवर्क को जल परिवहन से जोड़ा जाएगा।
- शीरा जैसे कृषि उत्पादों से बिजली और पेट्रोल (इथेनॉल) बनाने के लिए प्लांट लगाने पर दी जाएगी मदद।

14 करोड़ में कैसे हो 3575 किमी एनएच का रख-रखाव

Cabinet minister Nitin Gadkari rejects demand of UP govt.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की हालत बहुत खराब है। 3575 किलोमीटर लंबे राजमार्गों के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई है, लेकिन 2012-13 में महज 24 करोड़, 2013-14 में 15 करोड़ और इस साल मात्र 14 करोड़ रुपये मिले हैं।

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने अब तस्वीर बदलने का आश्वासन दिया है। केंद्र से आश्वासन पहले भी बहुत मिलते रहे हैं, मगर उन पर अमल नहीं हुआ। अगर हर साल अप्रैल में परियोजनाओं की स्वीकृतियां जारी कर दी जाएं और समय से धन मिल जाए तो हम भी समय से काम पूरा कर लेंगे।
                                                 
राज्य स्तर पर हरसंभव करेंगे सहयोग : अखिलेश
साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि सड़कों पर रफ्तार बढ़ेगी तो अर्थव्यवस्था की रफ्तार भी बढ़ेगी। राष्ट्रीय राजमार्गों की दशा सुधारने के लिए केंद्रीय मंत्रालय को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। सड़क निर्माण के लिए पेड़ काटने में आ रही बाधाओं को जल्द दूर किया जाएगा। नहरों और नदियों पर जल परिवहन की योजना में भी राज्य सरकार अधिक से अधिक सहयोग करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता भी पहले जैसी नहीं रही। उन्नाव-शुक्लागंज सड़क बरसों पहले बनी थी, लेकिन आज भी ठीक-ठाक हालत में है। हमें सड़कें बनाने के साथ ही इसकी भी चिंता करनी होगी कि इनकी उम्र लंबी हो। प्रदेश में इस तरफ पूरा ध्यान दिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने वादा किया है कि यूपी की सड़कों पर ज्यादा ध्यान देंगे। उम्मीद है जल्दी ही स्थिति बदली नजर आएगी।

8 घंटे का होगा वाराणसी-कोलकाता का सफर

Cabinet minister Nitin Gadkari rejects demand of UP govt.

गडकरी ने कहा कि वाराणसी से हल्दिया के बीच जल परिवहन शुरू करने के लिए 4200 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने पूछा कि जल मार्ग से वाराणसी से कोलकाता जाने में कितना समय लगेगा।

गडकरी ने कहा कि साल भर के भीतर यह दूरी आठ घंटे में तय की जा सकेगी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सड़क परिवहन पर जहां 1.5 रुपये प्रति किलोमीटर खर्चा आता है, वहीं जल परिवहन पर मात्र 30 पैसे। इसमें प्रदूषण भी कम होता है।

चीन में जल परिवहन का हिस्सा 44 प्रतिशत है, जबकि हमारे यहां महज 3.3 प्रतिशत। उन्होंने बताया कि यूपी में वाटर बस चलाने की भी योजना है।

यहां नदियों के अलावा 65 हजार किलोमीटर लंबी बड़ी कैनाल हैं, जहां जल परिवहन की अपार संभावनाएं हैं। केंद्र सरकार नया बिल लाने की तैयारी कर रही है, जिसमें 101 नदियों में जल परिवहन की अनुमति दी जाएगी। केंद्र की वाराणसी से गंगोत्री तक जल परिवहन शुरू करने की भी योजना है।

....जब गडकरी ने कहा-नो कमेंट

Cabinet minister Nitin Gadkari rejects demand of UP govt.

रामभक्तों की सरकार से संबंधित अपने एक बयान से जुड़ा सवाल पूछे जाने पर गडकरी ने कहा कि उसके लिए यह उचित मंच नहीं है। मैं भाजपा का नेता हूं, लेकिन इस मंच पर मुख्यमंत्री भी हैं। अगर मैं कुछ कहूंगा तो उनके लिए स्थिति असहज हो जाएगी। यहां सिर्फ सड़कों की बात करने बैठा हूं।

पत्रकारों से टोल न वसूलने की मांग को ‘ना’
गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर पत्रकारों से टोल टैक्स न वसूले जाने की पीडब्ल्यूडी मंत्री के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि एक वर्ग को छूट दिए जाने पर दूसरे वर्ग भी ऐसी मांग करेंगे, जिससे राजमार्गों का रख-रखाव मुश्किल होगा। टोल टैक्स में सभी को थोड़ी राहत देने के लिए 28 जनवरी को दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक होने जा रही है।

सड़कों की लागत कम करने की भी कवायद

गडकरी ने कहा कि नदियों की सिल्ट सफाई से निकलने वाली रेत एनएचएआई को देने पर भी राज्य सरकार के साथ सहमति बनी है। इससे निर्माण लागत कम होगी। केंद्रीय मंत्रालय ने 38 कंपनियों के साथ 120-140 रुपये प्रति बैग सीमेंट की सप्लाई का कॉन्ट्रैक्ट किया है।

राज्य सरकार सीसी रोड बनाने के लिए इन दरों पर सीमेंट लेना चाहेगी तो उसे मुहैया कराया जाएगा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लिए सीमेंट इन कंपनियों से लिया जा सकता है। सस्ते पत्थर की भी व्यवस्था की जा सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed