फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   cabinet minister ashutosh tandon visits in lucknow cancer sansthan

भड़के योगी के मंत्री, सुविधा नहीं तो पिछली सरकार से कैसे करवाया उद्घाटन

Tue, 18 Apr 2017 02:01 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Tue, 18 Apr 2017 02:01 PM IST
विज्ञापन
cabinet minister ashutosh tandon visits in lucknow cancer sansthan
आशुतोष टंडन - फोटो : amar ujala

पिछली सरकार में शुरू कराए गए निर्माण कार्यों में बरती गई लापरवाही, फिजूलखर्ची और घोटालों की हकीकत एक-एक कर सामने आ रही है। सोमवार को प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने कैंसर संस्थान का दौरा किया, इस दौरान उन्हें कई खामियां मिलीं।

विज्ञापन


कैबिनेट मंत्री ने पाया कि न तो संस्थान में ठीक से इलाज शुरू हो सका न ही जांच और ऑपरेशन की सुविधा है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए पूछा कि पिछली सरकार में फिर किसका उद्घाटन करवा दिया।
विज्ञापन


कैबिनेट मंत्री ने व्यवस्थाएं सुधारने का निर्देश देते हुए तीन महीने में कैंसर की माइनर सर्जरी और जांचें शुरू कराने को कहा है।आशुतोष टंडन सोमवार को साढ़े दस बजे के करीब कैंसर संस्थान की ओपीडी पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


दो मरीजों का रजिस्ट्रेशन देख उन्होंने अब तक आने वाले मरीजों की संख्या पूछी। डॉ. एचएस पाहवा और विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. जीके जनेजा ने उन्हें बताया कि दिसंबर 2016 में उद्घाटन के बाद से अब तक सिर्फ 481 मरीजों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है।

इतनी कम संख्या कारण पूछने पर उन्हें बताया गया कि यहां जांच और ओटी अभी तक नहीं शुरू हो सकी है। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि अगर इलाज शुरू नहीं हो पा रहा है तो आप लोगों दिसंबर 2016 में उदघाटन किसका करवा दिया था? उन्हाेंने पूछा कि फिलहाल तात्कालिक तौर पर यहां कौनसी सुविधाएं शुरू की जा सकती हैं?

सरकार ने पत्थर लगवाए, काम नहीं कराया

cabinet minister ashutosh tandon visits in lucknow cancer sansthan
आशुतोष टंडन - फोटो : amar ujala
टंडन ने नाराजगी भरे स्वर में कहा कि पिछली सरकार ने आधे-अधूरे प्रोजेक्ट्स का ही उदघाटन किया। कैंसर संस्थान में उनमें से एक है। उन्हाेंने निर्देश दिए कि तीन महीने में माइनर ओटी, ओपीडी और अन्य कामों को पूरा करके शुरू किया जाए।

साथ ही कहा कि तत्कालीन शासन के जिन अधिकारियों की वजह से कार्य देरी हो रहे हैं, उनसे जवाब मांगा जाएगा। डॉ. एचएस पहवा से टंडन ने पूछा कि यहां कैंसर के इलाज के लिए अहम रेडियोथैरेपी कब शुरू होगी?

इस पर उन्हें बताया गया कि विभाग के लिए एटॉमिक एनर्जी डिपार्टमेंट से अनुमति चाहिए, इसके बाद रेडियोलॉजी विभाग की इमारत बनेगी। कम से कम दो साल का समय लग जाएगा।

डॉ. पहवा ने बताया कि पीजीआई के जरिए आवेदन किया गया था। बाद में प्लान में मॉडिफिकेशन किए गए, जिसकी वजह से फिर से आवेदन करना होगा, पुराना आवेदन नहीं चलेगा।

‘देरी बर्दाश्त नहीं, समय से पूरी करवाएं नियुक्तियां’

cabinet minister ashutosh tandon visits in lucknow cancer sansthan
आशुतोष टंडन - फोटो : amar ujala
डॉ.  पहवा ने मंत्री को बताया कि ओपीडी के बाद मेडिकल और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी तुरंत शुरू हो सकती हैं। माइनर ऑपरेशन शुरू किए जा सकते हैं। ओटी तैयार होते ही 30 दिन में छोटी सर्जरियां भी शुरू की जा सकती हैं, लेकिन इसके लिए अभी उपकरणों की खरीद की जानी है और पूरा स्टाफ भी नहीं आया है।

एक्सरे और पैथोलॉजी जांच भी तुरंत शुरू हो सकती है, लेकिन इसके लिए भी उपकरणों की खरीद नहीं की गई। जीके अनेजा ने कहा कि संस्थान का पिछले वित्त वर्ष का 45 करोड़ रुपया उपकरण खरीद का एसजीपीजीआई के पास बचा हुआ है, उसका उपयोग करके 21 दिन के ई-टेंडर निकाले जा सकते हैं।

आशुतोष टंडन ने कहा, ‘ठीक है फिर, तुरंत ई-टेंडर करवाईए और जो उपकरण तत्काल सेवाएं शुरू करने के लिए जरूरी है, उन्हें मंगवाइए। इसके लिए तीन महीने का समय देता हूं।’

संस्थान के कई डॉक्टरों ने कहा कि यहां अभी वित्त अधिकारी नहीं नियुक्त है, जिसकी वजह से तीन महीने से आउट सोर्सिंग स्टाफ को पेमेंट नहीं मिला है। मंत्री को बताया गया कि खाली पदों के लिए विज्ञापन निकाले जा चुके हैं। इस पर टंडन ने कहा कि जो नियुक्तियां हो रही हैं, उन्हें समय पर पूरा करवाएं, देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

बिजली कनेक्शन ही नहीं, फर्नीचर भी उधार का

cabinet minister ashutosh tandon visits in lucknow cancer sansthan
बेड - फोटो : amar ujala
निरीक्षण के दौरान संस्थान में बिजली कनेक्शन नहीं होने का मुद्दा सामने आया। जनरेटर से बिजली जल रही है। मंत्री ने जल्द कनेक्शन जारी करवाने का आश्वासन दिया। दूसरी ओर टंडन ने पूछा कि उदघाटन के लिए केजीएमयू से फर्नीचर और बेड मंगवाए गए थे, संस्थान अपना फर्नीचर कब खरीदेगा?

इस पर उन्हें बताया गया कि एसजीपीजीआई के समय में संस्थान इसके लिए 5 पांच करोड़ का बजट फाइनल कर दिया गया था, उसका केवल ऑर्डर पास किया जाना है। टंडन ने कहा कि यह ऑर्डर जल्द पास करके केजीएमयू का फर्नीचर लौटाइए।

टंडन ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में बताया कि सुविधाएं मुहैया कराने के साथ साथ मरीजों और परिवारीजनों को कैंसर इंस्टीट्यूट लाने व ले जाने की व्यवस्था भी जरूरी है।

इसके लिए बस और एम्बुलेंस सेवा शुरू की जाएगी। इन्हें एसजीपीजीआई और केजीएमयू से उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वहां के मरीजों को यहां आने का अवसर मिल सके। वहीं हॉस्टल के लिए भी आवेदन करने के लिए कहा गया, फिलहाल रेजीडेंट्स के लिए आवास और हॉस्टल का प्रावधान संस्थान में नहीं है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed