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मंत्रिमंडल विस्तार : प्रधानमंत्री मोदी ने खेला मास्टर स्ट्रोक, मंत्रिमंडल में यूपी से 14 मंत्री

Thu, 08 Jul 2021 01:19 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 08 Jul 2021 01:19 AM IST
सार

प्रदेश में भाजपा के 62 लोकसभा और 22 राज्यसभा सदस्य सहित 84 सांसद हैं, जबकि सहयोगी अपना दल (एस) के दो सांसद है। इनमें से प्रधानमंत्री मोदी सहित केंद्रीय मंत्रिमंडल में 15 मंत्री हैं।

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Cabinet Expansion: Ministers from Uttar Pradesh in Modi Cabinet.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : पीटीआई

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में उत्तर प्रदेश के 14 लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद अब मंत्री बनाए गए हैं।  प्रदेश में भाजपा के 62 लोकसभा और 22 राज्यसभा सदस्य सहित 84 सांसद हैं, जबकि सहयोगी अपना दल (एस) के दो सांसद है। इनमें से प्रधानमंत्री मोदी सहित केंद्रीय मंत्रिमंडल में 15 मंत्री है। पहली बार ऐसा हुआ है जब केंद्र सरकार में इतनी बड़ी संख्या में यूपी को प्रतिनिधित्व मिला है। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इसे भाजपा का मास्टर स्ट्रोक बताया जा रहा है।

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वाराणसी से सांसद नरेंद्र मोदी देश के प्रधामंत्री हैं। वहीं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह देश के रक्षा मंत्री है। वहीं मोदी के दूसरे कार्यकाल में सरकार के मंत्रिमंडल में चंदौली के सांसद महेंद्रनाथ पांडेय को कौशल विकास मंत्रालय, अमेठी से कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष को चुनाव हराकर सांसद बनी स्मृति जुबिन ईरानी केंद्र में महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय, बरेली के सांसद संतोष गंगवार को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार, गाजियाबाद के सांसद जनरल वी.के.सिंह को सड़क परिवहन राज्यमंत्री, मुजफ्फर नगर के सांसद संजीव बालियान को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और फतेहपुर की सांसद साध्वी निरंजन ज्योति को राज्यमंत्री बनाया  गया था। राज्यसभा सदस्य हरदीप सिंह पुरी को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाकर नगरीय विकास और नागरिक उड्डयन जैसे दो बडे़ मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई।
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मोदी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में बुधवार को संतोष गंगवार से इस्तीफा ले लिया गया। जबकि हरदीप सिंह पुरी को पदोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया। अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल, मोहनलाग गंज के सांसद कौशल किशोर, आगरा के सांसद एसपी सिंह बघेल, लखीमपुर खीरी के सांसद अजय मिश्र टेनी, महराजगंज के सांसद पंकज चौधरी, जालौन के सांसद भानुप्रताप वर्मा और राज्यसभा सांसद बीएल वर्मा को राज्यमंत्री के रूप में मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।

मंत्रियों की प्रोफाइल

1. हरदीप सिंह पुरी
भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी के तौर पर लंबे समय तक स्विटजरलैंड सहित अन्य देशों में राष्ट्रदूत रहे हरदीप सिंह पुरी को मोदी-1 सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में 2017 में पहली बार राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया था। पुरी उत्तर प्रदेश से लगातार दूसरी बार राज्यसभा सदस्य है। पुरी यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल के चेयरमैन रहे हैं और 2009-2013 तक यूनाइटेड नेशन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि रहे हैं।


2. अनुप्रिया पटेल
अनुप्रिया पटेल अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के कुर्मी समाज की बड़ी नेता हैं। पूर्वांचल के मिर्जापुर से लगातार दूसरी बार सांसद हैं। मोदी-01 सरकार में वे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री रहीं हैं। अनुप्रिया विधायक भी रही हैं। उन्होंने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर से एमबीए की डिग्री प्राप्त की और एक निजी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में कैरियर की शुरूआत की। अनुप्रिया के पति आशीष पटेल भी विधान परिषद सदस्य है। अनुप्रिया सहित उनकी पार्टी के दो सांसद है।

3. पंकज चौधरी
महराजगंज से सांसद पंकज चौधरी ने गोरखपुर नगर निगम के पार्षद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। वे गोरखपुर के उप महापौर भी रहे और 1991 में पहली बार लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए। 1996, 1998, 2004, 2014 और 2019 में पांचवीं बार लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए हैं। वे गोरखपुर विश्वविद्यालय से बीए शिक्षित हैं।

4. कौशल किशोर
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर मोहनलागंज से लगातार दूसरी बार सांसद हैं। कौशल किशोर 2002 में मलिहाबाद से विधायक भी रहे और 2002-03 तक मुलायम सिंह सरकार में मंत्री भी रहे। कौशल किशोर भाजपा के प्रमुख दलित चेहरों में से एक हैं, हालांकि शुरुआती दौर में वे वामपंथी विचारधारा से भी जुड़े रहे। उनकी पहचान मजदूर, श्रमिक और वंचित वर्ग की आवाज उठाने वाले नेताओं की रही हैं। उनकी पत्नी जय देवी भी विधायक हैं।

5. एसपी सिंह बघेल
आगरा के सांसद एसपी सिंह बघेल पांच बार सांसद रहे हैं। इससे पहले 2017 विधानसभा चुनाव में टुंडला से विधायक निर्वाचित होकर योगी सरकार में पशुधन विकास मंत्री रहे। उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से मिलिट्री साइंस में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की है। वह एलएलबी भी हैं। 1998, 1999 और 2004 में जलेसर लोकसभा क्षेत्र से बघेल समाजवादी पार्टी से सांसद रहे। 2014 में बसपा से राज्यसभा सदस्य रहे। 2015 में भाजपा में शामिल होकर ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए गए।

6. बीएल वर्मा
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बीएल वर्मा उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से एमए की डिग्री प्राप्त की है। वर्मा 2018 में यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष भी रहे हैं। लोधी समाज में वर्मा का मजबूत आधार है, वे पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के करीबी है।

7. अजय मिश्रा टेनी
लखीमपुर खीरी से लगातार दूसरी बार सांसद अजय मिश्रा टेनी निगासन से विधायक भी रहे हैं। वे संसद में ग्रामीण विकास की स्थायी समिति की सदस्य भी रहे हैं।

8.  भानु प्रताप वर्मा
जालौन से पांचवीं बार सांसद भानुप्रताप वर्मा 1991-93 में विधायक भी रहे हैं। 1996 में पहली बार जालौन से सांसद निर्वाचित हुए। 1998 में दूसरी बार, 2004 में तीसरी बार, 2014 में चौथी और 2019 में पांचवीं बार सांसद निर्वाचित हुए। वे 2011-13 तक भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। बुंदेलखंड में भाजपा के अनुसूचित वर्ग के बड़े नेता हैं।
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