शायरों-लेखकों को अखिलेश सरकार ने दी सौगात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी अब सूबे के शायरों व लेखकों का दो लाख रुपये का बीमा कराएगी।
वहीं वार्षिक आर्थिक सहायता के रूप में एकमुश्त दी जाने वाली रकम पांच हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही शायरों व लेखकों की मौत के बाद उनकी पत्नी को भी पेंशन दी जाएगी।
उर्दू अकादमी के अध्यक्ष मुनव्वर राना के कार्यभार संभालते ही अकादमी की ठप योजनाओं में तेजी आ गई है। साथ ही रोज-ब-रोज बढ़ रही महंगाई को देखते हुए योजनाओं की राशि में भी बढ़ोतरी करने का निर्णय किया गया है।
अकादमी की ओर से शनिवार को जारी निर्देश के अनुसार शायरों व लेखकों को एक हजार रुपये प्रतिमाह मिलने वाली सहायता अब दो हजार रुपये कर दी गई है।
इसके साथ ही अकादमी ने निर्णय किया है कि अब 50 साल की उम्र पार कर चुके शायरों व लेखकों का दो लाख रुपये का बीमा भी कराया जाएगा। पहले साल सूबे के एक हजार शायरों को इसका लाभ देने का फैसला किया गया है।
इसके साथ ही अकादमी ने उर्दू के विकास को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 60 उर्दू कोचिंग स्कूल खोलने का भी फैसला किया है। इन उर्दू कोचिंग स्कूलों को अकादमी चार हजार रुपये प्रतिमाह अनुदान देगी।
उत्तर प्रदेश में भी बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश व दक्षिण भारत की तर्ज पर पत्रकार बीमा योजना का लाभ देने की मांग की गई है।
यूपी मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति की मांग पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विचार करने का आश्वासन दिया है। इस योजना में ग्रुप मेडिक्लेम एवं व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा दोनों शामिल किया जाएगा।
संवाददाता समिति ने प्रस्ताव में ग्रुप मेडिक्लेम के बीमाधारक को 6 लाख तथा व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा के लिए 6 लाख का प्रावधान करने की मांग की है। इसमें प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के 21 से 70 वर्ष तक के पत्रकारों को शामिल करने की मांग है।
संवाददाता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री से यह मांग की और पीजीआई में मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधा शुरू करने पर आभार व्यक्त किया।