कैब चालक प्रकरण : प्रियदर्शनी बोली, थप्पड़ की संख्या 22 से 25 भी हो सकती थी, मैं पंच भी मार सकती हूं...
चालक से 10 हजार रुपये वसूलकर कैब छोड़ने के आरोप को लेकर लाइन हाजिर हुए कृष्णानगर के तत्कालीन इंस्पेक्टर महेश दुबे, उपनिरीक्षक मो. मन्नान व भोलाखेड़ा चौकी के तत्कालीन प्रभारी हरेंद्र सिंह के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। विवेचक ने कैब टेक्निकल मुआयने के लिए पुलिस लाइन स्थित एमटी शाखा भेजा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लखनऊ में कैब चालक की पिटाई के केस में प्रियदर्शनी के बयान दर्ज करने के बाद सोमवार को विवेचक ने कैब व उसके कागजात मंगाए। शीशा तोड़ने के आरोप के चलते कैब को टेक्निकल मुआयने के लिए पुलिस लाइन स्थित एमटी शाखा भेजा गया है। वहीं, चालक से 10 हजार रुपये वसूलकर कैब छोड़ने के आरोप को लेकर लाइन हाजिर हुए कृष्णानगर के तत्कालीन इंस्पेक्टर महेश दुबे, उपनिरीक्षक मो. मन्नान व भोलाखेड़ा चौकी के तत्कालीन प्रभारी हरेंद्र सिंह के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। वहीं, चालक का मेडिकल करने वाले डॉक्टर को भी बयान दर्ज कराने के लिए विवेचक ने बुलाया है।
मालूम हो कि कैब चालक सआदत अली सिद्दीकी को पीटने की आरोपी केसरी खेड़ा कॉलोनी में रहने वाली प्रियदर्शनी नारायण पर दर्ज मुकदमे की विवेचना बंथरा इंस्पेक्टर जेपी सिंह कर रहे हैं। रविवार को जेपी सिंह ने कृष्णानगर कोतवाली में प्रियदर्शनी के बयान दर्ज किए थे। जबकि चालक के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। सोमवार को विवेचक ने चालक को कैब व उसके कागजात लेकर आने को कहा था। चालक के पहुंचने पर विवेचक ने कागजात देखे और फिर कैब में तोड़फोड़ के बारे में पूछताछ की। चालक ने बताया कि प्रियदर्शनी ने मारपीट के दौरान कैब का साइड मिरर तोड़ दिया था। विवेचक ने कैब टेक्निकल मुआयने के लिए पुलिस लाइन स्थित एमटी शाखा भेजा है।
कैब छोड़ने के लिए चालक से 10 हजार रुपये वसूलने के आरोप के चलते लाइन हाजिर किए गए उपनिरीक्षक मो. मन्नान के भी विवेचक को बयान दर्ज करने हैं। मगर लाइन हाजिर होने के बाद से मन्नान ड्यूटी से नदारद बताए जा रहे हैं। ऐसे में विवेचक का मन्नान से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके साथ ही कृष्णानगर के तत्कालीन इंस्पेक्टर महेश दुबे व चालक की पिटाई होने पर सबसे पहले मौके पर पहुंचे भोलाखेड़ा चौकी प्रभारी रहे हरेंद्र सिंह के भी बयान दर्ज किए जाने हैं। इसके लिए विवेचक ने दोनों से फोन पर बात करके बयान देने के लिए बुलाया है। चालक का मेडिकल करने वाले चिकित्सक के भी बयान दर्ज किए जाने हैं। इसके लिए विवेचक ने चिकित्सक को भी बुलाया है।
लूट के आरोप की पुष्टि नहीं
प्रियदर्शनी ने रविवार को हुई पूछताछ में न सिर्फ अपनी गलती स्वीकारी बल्कि चालक की पिटाई करने पर पछतावा होने की बात भी कही थी। मगर कैब चालक से 900 रुपये लूटने के सवाल पर उसने साफ इनकार किया। कहा कि चालक से रुपये नहीं लूटे थे। घटना के वीडियो से इसकी पुष्टि की जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक प्रियदर्शनी पर रुपये लूटने के आरोप की पुष्टि नहीं होने के चलते विवेचक ने उस पर दर्ज मुकदमे से आईपीसी की धारा 392 हटाने के लिए लिखापढ़ी की है।
...तो जेल में होता चालक
प्रियदर्शनी ने सोमवार को एक वीडियो में कहा कि- मैं लोगों से रिक्वेस्ट करती हूं कि प्लीज वो ये मीम्स बनाना एकदम बंद कर दें क्योंकि ये घटना किसी के साथ कभी भी हो सकती है। शायद चीजें आगे भी जातीं। जैसे की 22 थप्पड़ से 25 भी हो सकते थे। प्रियदर्शनी ने कहा- उसकी एक गलती से अगर वो विकसित देश में बैठा होता और उसने ये सिग्नल तोड़ होता तो वो न ही टीवी पर आ पाता और न ही जेल से बाहर आ पाता। वीडियो में प्रियदर्शनी ने बताया कि- कुछ दिन पहले बाइक सवार नशेड़ी युवक के अभद्रता करके भागने पर उसने दौड़ाकर पकड़ लिया था और उसे भी कई थप्पड़ मारे थे। प्रियदर्शनी ने कहा- मैं दस साल से वर्कआउट कर रही हूं और मैं पंच भी मार सकती हूं।