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यूपी में आठ सीटों पर होने हैं उपचुनाव, छह भाजपा व दो सपा के खाते की प्रत्याशियों का ही नहीं, पार्टियों के दावों का भी इम्तिहान
Fri, 04 Sep 2020 09:58 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 04 Sep 2020 09:58 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रदेश में विधानसभा की अब तक रिक्त आठ सीटों पर चुनाव उपचुनाव होने हैं। इनमें 2017 में छह पर भाजपा और दो पर सपा को जीत मिली थी। वैसे तो 403 सीटों वाली विधानसभा की आठ सीटों के उपचुनाव के नतीजे सामान्यत: बहुत महत्वपूर्ण नहीं लगते लेकिन परिस्थितियों और समीकरणों के मद्देनजर ये बहुत प्रासंगिक हो गए हैं। सीटों की संख्या भले कम है लेकिन इनके सियासी सरोकार काफी ज्यादा है।
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इन सीटों के नतीजे विधानसभा में पक्ष व विपक्ष की संख्या ही नहीं बढ़ाएंगे बल्कि प्रदेश में बह रही सियासी बयार का रुख भी बताएंगे। साथ ही नेताओं के दावों व प्रतिदावों की सच्चाई भी सामने लाएंगे। खासतौर से जिस तरह पिछले कु छ दिनों से एक जाति के उत्पीड़न को लेकर विपक्ष की तरफ से सरकार को घेरने की कोशिश हो रही है। दावे किए जा रहे हैं कि जनता में सरकार को लेकर बहुत नाराजगी है। दूसरी तरफ भाजपा और सरकार विपक्ष के दावों को बेबुनियाद बताते लगातार लोकप्रियता बढ़ने का दावा कर रहे हैं।
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ये भी है वजह
दरअसल ये आठ सीटें पूर्वांचल से लेकर पश्चिम तक फैली हुई हैं। ऐसे में संख्या कम होने के बावजूद इनके सरोकार काफी ज्यादा हैं। इनके नतीजे अलग-अलग क्षेत्रों की जनता के रुख का प्रतिनिधित्व करेंगे। नतीजे 2017 में यहां से जीती पार्टियों की लोकप्रियता, पकड़ व पैठ का पैमाना होने के साथ भ्रष्टाचार और अनियमितता के मामले में जेल में पुत्र और पत्नी सहित बंद आजम खां के इलाके की हवा का भी अंदाज कराएंगे। पता चलेगा कि आजम की लोकप्रियता या दबदबे की हकीकत क्या है।
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इन सीटों पर होना है उपचुनाव
प्रदेश में इस समय विधानसभा की रिक्त आठ सीटों में फिरोजबाद की टूंडला, उन्नाव की बांगरमऊ, रामपुर की स्वार, बुलंदशहर सदर, जौनपुर की मल्हनी, कानपुर की घाटमपुर, अमरोहा की नौगावां सादात तथा देवरिया सदर शामिल हैं। फिरोजाबाद की टूंडला सीट से 2017 में भाजपा के डॉ. एस.पी. सिंह बघेल जीते थे। बाद में वह लोकसभा चुनाव लड़े और सांसद हो गए। जिसके कारण ये सीट उनके विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देने के कारण रिक्त है। इस सीट का मामला न्यायालय में होने के कारण यहां अब तक उपचुनाव नहीं हुआ है।
दो की सदस्यता रद्द
रामपुर की स्वार सीट से अब्दुल्ला आजम जीते थे। अब्दुल्ला अखिलेश सरकार में वरिष्ठ मंत्री रहे आजम खां के पुत्र हैं। उनकी सदस्यता जन्मतिथि विवाद में न्यायालय के निर्देश पर निरस्त हुई है। इसके अलावा उन्नाव की बांगरमऊ से भाजपा से जीते कुलदीप सिंह सेंगर की सदस्यता नाबालिग से बलात्कार मामले में न्यायालय से दोषी ठहराए जाने और उम्र कैद की सजा दिए जाने के कारण रद्द हुई है।
निधन से रिक्त सीटें
जौनपुर की मल्हनी सीट से सपा के पारसनाथ यादव जीते थे। देवरिया सदर से भाजपा के जन्मेजय सिंह, बुलंदशहर सदर से भाजपा के वीरेंद्र सिंह सिरोही, कानपुर की घाटमपुर सीट से भाजपा की कमलरानी वरुण और अमरोहा की नौगावां सादात से भाजपा के चेतन चौहान जीते थे। इनमें कमलरानी वरुण और चेतन चौहान प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। दोनों की मृत्यु कोरोना संक्त्रस्मण से हुई थी। अन्य तीन का भी बीमारी से निधन हुआ था।