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पूर्व मंत्री के बेटे ने किया था कारोबारी के बेटे का अपहरण, फेसबुक से मिला किडनैपर का सुराग, गिरफ्तार

Tue, 26 Dec 2017 03:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 26 Dec 2017 03:36 PM IST
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businessman's son was kidnapped by former minister badshah singh's son.
पकड़े गए आरोपी। - फोटो : amar ujala

राजधानी लखनऊ में चिनहट थानाक्षेत्र निवासी कारोबारी अमित जायसवाल के बेटे शिवम उर्फ यशराज का अपहरण बसपा सरकार में श्रम मंत्री रहे व वर्तमान में कांग्रेस उपाध्यक्ष बादशाह सिंह के बेटे सूर्यदेव सिंह ने किया था।

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लखनऊ पुलिस ने कारोबारी के बेटे को पूर्व मंत्री के महोबा के खरेला स्थित फार्म हाउस से शनिवार रात 11 बजे बरामद कर लिया। पुलिस ने पूर्व मंत्री के बेटे के अलावा उसके दोस्त राजेश सेन व प्रबल सिंह को गिरफ्तार किया है। जबकि दो अन्य साथी फरार हैं। पुलिस ने पूर्व मंत्री के बेटे के अलावा उसके दोस्त राजेश सेन व प्रबल सिंह को गिरफ्तार किया है। जबकि दो अन्य साथी फरार हैं।
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एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि चिनहट में महिंद्रा का सर्विस सेंटर चलाने वाले अमित जायसवाल के बेटे शिवम का अपहरण शनिवार सुबह एसयूवी सवार बदमाशों ने किया था। पिता के मुताबिक, वह चाचा की कार लेकर किसी से मिलने की बात कहकर घर से निकला था। इसके बाद से शिवम घर नहीं लौटा।
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एसएसपी ने बताया कि शिवम घर से गोमतीनगर विस्तार स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क पहुंचा, जहां पूर्व मंत्री का बेटा सूर्यदेव सिंह अपने चार दोस्तों संग पजेरो गाड़ी में बैठा था। शिवम कार से उतरकर सूर्यदेव से बात करने उसकी एसयूवी तक गया। कुछ देर बातचीत के बाद शिवम को एसयूवी में लादकर पूर्व मंत्री का बेटा अपहरण कर ले गया।

वॉट्सअप के दो मेसेज से हुई अपहरण की जानकारी

businessman's son was kidnapped by former minister badshah singh's son.

एसएसपी ने बताया कि शिवम ने अपहरण के बाद करीब 8.05 बजे अपनी गर्लफ्रेंड को मेसेज किया कि कुछ लोग उसका अपहरण कर गोरखपुर ले जा रहे हैं। मेसेज में उसने गाड़ी का नंबर भी भेजा। करीब आधे घंटे बाद इसी तरह का मेसेज शिवम ने अपने चाचा को किया। पिता अमित ने चिनहट पुलिस को वारदात की जानकारी दी।

इसके बाद पुलिस ने शिवम के मोबाइल को सर्विलांस पर लिया। लेकिन फोन स्विच ऑफ था। एसएसपी ने बताया कि गोरखपुर के  आईजी से संपर्क कर एक टीम रवाना की गई। इसके अलावा रास्ते के सभी टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की भी तलाश शुरू हुई, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा।

उन्नाव के टोल प्लाजा के सीसीटीवी ने खोला राज
एएसपी उत्तरी अनुराग वत्स ने बताया कि जब गोरखपुर हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कुछ नहीं मिला तो कानपुर, सीतापुर व रायबरेली रूट के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। इसमें उन्नाव के नवाबगंज स्थित टोल प्लाजा से पजेरो गाड़ी जाती दिखी। इसका नंबर शिवम के अपहरणकर्ताओं की एसयूवी से मिलता था।

पुलिस टीम ने एसयूवी की पूरी डिटेल खंगाली तो वह पूर्व मंत्री बादशाह सिंह के बेटे सूर्यदेव सिंह की निकली। इसके बाद पुलिस ने सूर्यदेव के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया और शाम होते ही एक टीम महोबा के लिए रवाना कर दी गई। महोबा पुलिस की भी मदद से शनिवार देर रात पूर्व मंत्री के फार्म हाउस पर छापामारी कर शिवम को बरामद कर लिया गया।

सोशल मीडिया से मिला अपहरणकर्ताओं का कनेक्शन

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सीओ गोमतीनगर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि शिवम व पूर्व मंत्री का बेटा सूर्यदेव पांच महीने से फेसबुक पर दोस्त हैं। जब शिवम का फेसबुक खंगाला गया तो उसमें सूर्यदेव सिंह नाम के दो युवक मिले। इसके बाद टोल प्लाजा के नंबर की गाड़ी तलाश शुरू की गई।

पूर्व मंत्री के बेटे सूर्यदेव सिंह ने अपने फेसबुक की वॉल पर पजेरो गाड़ी के साथ फोटो लगा रखी थी। कॉल डिटेल खंगाली गई तो शिवम की अंतिम कॉल भी सूर्यदेव के नंबर पर ही थी। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया था।

पांच बदमाशों ने किया था अपहरण
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि शिवम का अपहरण पांच बदमाशों ने किया था। पूछताछ में शिवम ने बताया कि दो दिन पहले सूर्यदेव से उसने 30 हजार रुपये मांगे थे। वह दोस्तों संग पार्टी मनाने कहीं बाहर जाना चाहता था।

सूर्यदेव ने उसे रुपये देने के लिए जनेश्वर मिश्र पार्क पर बुलाया था, जहां सूर्यदेव के साथ महोबा के खरेला निवासी राजेश सेन और कुन्नू उर्फ प्रबल सिंह के अलावा दो अन्य साथी थे। वहीं से शिवम को पजेरो में बैठा लिया। इसके बाद उसके घरवालों को गुमराह करने के लिए दबाव बनाया गया। ताकि अपहरणकर्ता उसे लेकर अपने ठिकाने पर पहुंच सके।

50 लाख की फिरौती मांगने की थी तैयारी

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प्रतीकात्मक तस्वीर

पूछताछ में शिवम ने बताया कि जनेश्वर मिश्र पार्क के पास ओवर ब्रिज पर चढ़ते समय उसका मोबाइल छीन लिया गया। इसके बाद मुंह पर टेप लगाकर पीछे की सीट पर बैठा दिया गया।

नवाबगंज टोल प्लाजा पार करने के बाद बदमाशों ने अपहरण कर गोरखपुर ले जाने की सूचना देने को कहा। रास्ते में सभी उसे मारते-पीटते रहे। महोबा में सूर्यदेव के गांव ले गए। बदमाशों ने कहा कि नया सिम लेकर तुम्हारे पिता से 50 लाख की फिरौती मांगी जाएगी।

शिवम से फिर से होगी पूछताछ
एसएसपी ने बताया कि शिवम ने परिवारीजनों और गर्लफ्रेंड को अपहरणकर्ता द्वारा गोरखपुर ले जाने की बात कही। शनिवार सुबह जनेश्वर मिश्र पार्क के पास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में शिवम को अपनी कार से उतरकर सूर्यदेव के एसयूवी तक जाने।

वहां गेट खोलकर बात करने की रिकॉर्डिंग हैं। जिसमें कहीं न तो मारपीट हुई, न ही किसी ने उसे जबरदस्ती एसयूवी में बैठाने की कोशिश की। उसने जो भी बात पुलिस को बताई है। उसकी पड़ताल की जा रही है। शिवम की तबीयत ठीक होने के बाद फिर पूछताछ की जाएगी। ताकि अपहरण की असली कहानी सामने आ सके।

अपहरण नहीं किया, बेटे का मित्र है शिवम : बादशाह सिंह

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पूर्व श्रम मंत्री बादशाह सिंह का कहना है कि शिवम जायसवाल उनके बेटे का साथी है। वह मित्रता के कारण घर आया था। बेटे ने उसे खाना भी खिलाया और दोनों साथ में लेटे थे। यदि अपहरण की नीयत होती तो मारते-पीटते, मोबाइल छीनकर अलग कमरे में बांधकर डाल देते। पूर्व मंत्री ने कहा कि किसी साजिश के तहत यह मुुकदमा लिखाया गया है। प्रबल प्रताप सिंह और राजेश नाई खरेला के ही उसके मित्र हैं, जो हमेशा शिवम के साथ रहते हैं।

खुलासा करने वाली टीम होगी सम्मानित
राजधानी के सनसनीखेज अपहरण का 24 घंटे में खुलासा करने में एसआई शिव नारायण सिंह, राम बहादुर पाल, एएसपी उत्तरी सर्विलांस सेल प्रभारी एसआई अभिषेक तिवारी, कांस्टेबल गोविंद, अमित यादव, देवकी नंदन, अफसार, रमाशंकर चौधरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एसएसपी दीपक कुमार ने टीम को 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया। उन्होंने बताया कि इस टीम को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार की तरफ से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

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