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लखनऊ : कारोबार ठंडा, पर कई महकमे बिल, टैक्स जमा करने का बना रहे दबाव
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लखनऊ। राजधानी के बाजारों को कोरोना कर्फ्यू से नौ जून को दिन के लिए छूट मिली। अभी तक आठ दिन का कारोबार हुआ है। बावजूद इसके कारोबारियों के दुकान एवं शोरूम पर बैठते ही सरकारी महकमे के अफसरों ने टैक्स वसूलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। दिए गए उदाहरण तो बानगी हैं, असल में हजारों कारोबारी इन अफसरों से परेशान हैं। इनमें लेसा, नगर निगम, जल संस्थान, राज्य कर विभाग शामिल है, पर सबसे ज्यादा परेशानी बिजली अधिकारियों से हो रही है।
अमीनाबाद के व्यापारी नेता रवींद्र गुप्ता ने बताया कि कारोबारी राम रस्तोगी की लगभग दो माह से दुकान बंद है। तीन माह का लगभग 32 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया हो गया है। कारोबारी दो बार में बिल जमा करने में समर्थ है, लेकिन अधिकारी बिल का पार्ट पेमेंट नहीं कर रहे। दिन में तीन-तीन बार कर्मचारी दुकान की बिजली काटने का दबाव बना रहे हैं, जबकि कारोबारी एकमुश्त बिल भरने में सक्षम नहीं है। जानकीपुरम के इंजीनियरिंग कॉलेज बाजार के पदाधिकारी विवेक रस्तोगी भी बताते हैं कि नगर निगम से वाटर व सीवर टैक्स वसूलने के मेसेज आ रहे है। आइडियल स्टेशनरी को 52,887 रुपये का नोटिस आया, जबकि कारोबारी दुकानों पर पानी खरीद करके पीते हैं। मेसेज में कहा जा रहा कि 20 जून तक भुगतान कर देंगे तो 10 फीसदी छूट मिल जाएगी। वहीं, 13 अप्रैल से आठ जून तक दुकान बंद रहने से एक धेला नहीं कमाया।
अमीनाबाद, चौक, ठाकुरगंज, नक्खास, अकबरीगेट, नादान महल रोड, गणेशगंज, नाका, चारबाग, आलमबाग, भूतनाथ मार्केट, पत्रकारपुरम, चिनहट, मुंशीपुलिया, रिंग रोड विकासनगर व कल्याणपुर, मड़ियांव आदि बाजारों के कारोबारियों को बिजली बिल, हाउस टैक्स, वाटर टैक्स, जीएसटी, आयकर जमा करने के मई से ही मेसेज पहुंच रहे हैं। कुछ बाजारों में विभागीय कर्मचारी कारोबारी की दुकान एवं शोरूम पर पहुंचकर अल्टीमेटम दे रहे। आर्थिक रूप से पहले से परेशान कारोबारियों पर टैक्स भरने का दबाव बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा है।
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किस्त में जमा कर सकते हैं बिल
अमीनाबाद के अधिशासी अभियंता आरके श्रीवास्तव ने कहा कि कारोबारी दो किस्त में बिजली बिल जमा कर सकते हैं। किश्त में बिल जमा करने के लिए उनके कार्यालय में आकर अकाउंट नंबर एवं जमा करने वाली रकम बतानी पड़ेगी।
कारोबारी नेता बोले ...
बाजार खुलते ही उत्पीड़न शुरू
लखनऊ व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री अमरनाथ मिश्र ने कहा कि सरकारी महकमे के अधिकारियों ने बाजार खुलते ही कारोबारियों से राजस्व वसूली के लिए उत्पीड़न शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा मनमानी लेसा के उच्च अफसर कर रहे हैं। दुकान खोले चंद दिन हुए हैं और 40 हजार रुपये तक बिल एकमुश्त जमा करने के लिए परेशान किया जा रहा है।
आर्थिक तंगी में कारोबारी
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि दूसरी लहर से छोटे एवं मध्यम वर्ग के कारोबारी आर्थिक तंगी की चपेट में है। बावजूद इसके लेसा, नगर निगम, जल संस्थान, राज्य कर विभाग बिल एवं टैक्स की वसूली के लिए जबरदस्त दबाव बना रहे हैं।
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अमीनाबाद के व्यापारी नेता रवींद्र गुप्ता ने बताया कि कारोबारी राम रस्तोगी की लगभग दो माह से दुकान बंद है। तीन माह का लगभग 32 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया हो गया है। कारोबारी दो बार में बिल जमा करने में समर्थ है, लेकिन अधिकारी बिल का पार्ट पेमेंट नहीं कर रहे। दिन में तीन-तीन बार कर्मचारी दुकान की बिजली काटने का दबाव बना रहे हैं, जबकि कारोबारी एकमुश्त बिल भरने में सक्षम नहीं है। जानकीपुरम के इंजीनियरिंग कॉलेज बाजार के पदाधिकारी विवेक रस्तोगी भी बताते हैं कि नगर निगम से वाटर व सीवर टैक्स वसूलने के मेसेज आ रहे है। आइडियल स्टेशनरी को 52,887 रुपये का नोटिस आया, जबकि कारोबारी दुकानों पर पानी खरीद करके पीते हैं। मेसेज में कहा जा रहा कि 20 जून तक भुगतान कर देंगे तो 10 फीसदी छूट मिल जाएगी। वहीं, 13 अप्रैल से आठ जून तक दुकान बंद रहने से एक धेला नहीं कमाया।
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अमीनाबाद, चौक, ठाकुरगंज, नक्खास, अकबरीगेट, नादान महल रोड, गणेशगंज, नाका, चारबाग, आलमबाग, भूतनाथ मार्केट, पत्रकारपुरम, चिनहट, मुंशीपुलिया, रिंग रोड विकासनगर व कल्याणपुर, मड़ियांव आदि बाजारों के कारोबारियों को बिजली बिल, हाउस टैक्स, वाटर टैक्स, जीएसटी, आयकर जमा करने के मई से ही मेसेज पहुंच रहे हैं। कुछ बाजारों में विभागीय कर्मचारी कारोबारी की दुकान एवं शोरूम पर पहुंचकर अल्टीमेटम दे रहे। आर्थिक रूप से पहले से परेशान कारोबारियों पर टैक्स भरने का दबाव बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा है।
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किस्त में जमा कर सकते हैं बिल
अमीनाबाद के अधिशासी अभियंता आरके श्रीवास्तव ने कहा कि कारोबारी दो किस्त में बिजली बिल जमा कर सकते हैं। किश्त में बिल जमा करने के लिए उनके कार्यालय में आकर अकाउंट नंबर एवं जमा करने वाली रकम बतानी पड़ेगी।
कारोबारी नेता बोले ...
बाजार खुलते ही उत्पीड़न शुरू
लखनऊ व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री अमरनाथ मिश्र ने कहा कि सरकारी महकमे के अधिकारियों ने बाजार खुलते ही कारोबारियों से राजस्व वसूली के लिए उत्पीड़न शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा मनमानी लेसा के उच्च अफसर कर रहे हैं। दुकान खोले चंद दिन हुए हैं और 40 हजार रुपये तक बिल एकमुश्त जमा करने के लिए परेशान किया जा रहा है।
आर्थिक तंगी में कारोबारी
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि दूसरी लहर से छोटे एवं मध्यम वर्ग के कारोबारी आर्थिक तंगी की चपेट में है। बावजूद इसके लेसा, नगर निगम, जल संस्थान, राज्य कर विभाग बिल एवं टैक्स की वसूली के लिए जबरदस्त दबाव बना रहे हैं।