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मार्च से पहले शुरू हो जाएगा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का निर्माण, 14000 करोड़ रुपये में होगा तैयार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 12 Nov 2018 07:22 AM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य मार्च से पहले शुरू करने और 70 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई दो महीने के भीतर करने का निर्देश दिया है। यह एक्सप्रेस-वे 14000 करोड़ रुपये में तैयार होगा।
मुख्यमंत्री ने ये निर्देश बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे परियोजना की तैयारियों की समीक्षा केदौरान दिए। यूपीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे 294 किमी. लंबा होगा।
इसके लिए आवश्यक जमीन अधिग्रहण करने पर 3000 करोड़ रुपये और निर्माण कार्य पर 11 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। अवस्थी ने बताया कि महोबा और चित्रकूट जिले में भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भेज दिया गया है।
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दोनों जिलों के डीएम इस पर कार्यवाही कराएंगे। बाकी जिलों में भी जल्दी ही अधिग्रहण शुरू करने के निर्देश दे दिए जाएंगे। यह एक्सप्रेस-वे औरैया, इटावा, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट को जोड़ेगा।
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मुख्यमंत्री ने ये निर्देश बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे परियोजना की तैयारियों की समीक्षा केदौरान दिए। यूपीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे 294 किमी. लंबा होगा।
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इसके लिए आवश्यक जमीन अधिग्रहण करने पर 3000 करोड़ रुपये और निर्माण कार्य पर 11 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। अवस्थी ने बताया कि महोबा और चित्रकूट जिले में भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भेज दिया गया है।
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दोनों जिलों के डीएम इस पर कार्यवाही कराएंगे। बाकी जिलों में भी जल्दी ही अधिग्रहण शुरू करने के निर्देश दे दिए जाएंगे। यह एक्सप्रेस-वे औरैया, इटावा, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट को जोड़ेगा।
अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का निर्माण वित्त वर्ष 2018-19 में ही शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। मार्च से पहले इस परियोजना का काम शुरू कर दिया जाएगा।
इसके लिए दो महीने में 70 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इस एक्सप्रेस-वे के बनने से बुंदेलखंड से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तेज रफ्तार परिवहन से जुड़ जाएगा।
निजी सहभागिता से हाइब्रिड मॉडल पर एक्सप्रेस-वे बनाने का प्रयोग
सड़क परियोजनाओं में पीपीपी मॉडल पर निवेशकों की बेरुखी के बाद केंद्र सरकार ने 2016 में मिश्रित ऐनुइटी मॉडल (सुनिश्चित वार्षिक भुगतान) को मंजूरी दी थी।
इसके तहत किसी प्रोजेक्ट के लिए डवलपर को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा सरकार देती है। बाकी राशि डवलपर लगाता है। प्रदेश सरकार इस एक्सप्रेस-वे को इसी मॉडल पर बनाने की संभावना तलाशेगी।
इसके लिए दो महीने में 70 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इस एक्सप्रेस-वे के बनने से बुंदेलखंड से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तेज रफ्तार परिवहन से जुड़ जाएगा।
निजी सहभागिता से हाइब्रिड मॉडल पर एक्सप्रेस-वे बनाने का प्रयोग
सड़क परियोजनाओं में पीपीपी मॉडल पर निवेशकों की बेरुखी के बाद केंद्र सरकार ने 2016 में मिश्रित ऐनुइटी मॉडल (सुनिश्चित वार्षिक भुगतान) को मंजूरी दी थी।
इसके तहत किसी प्रोजेक्ट के लिए डवलपर को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा सरकार देती है। बाकी राशि डवलपर लगाता है। प्रदेश सरकार इस एक्सप्रेस-वे को इसी मॉडल पर बनाने की संभावना तलाशेगी।