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नगर निगम ने भेजा था 10.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव, स्वास्थ्य विभाग से अटका फॉगिंग का बजट

Fri, 10 May 2019 01:30 AM IST
सौरभ दिक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: सौरभ दिक्षित Updated Fri, 10 May 2019 01:30 AM IST
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Budget of fogging stoped by health department
लखनऊ - फोटो : self
तीन साल पहले शहर में डेंगू से हुई मौतों के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम को फॉगिंग मशीनों की खरीद, दवा व उनके संचालन के लिए 10.23 करोड़ रुपये का बजट जारी किया था। इस साल नगर निगम ने करीब 10.50 करोड़ बजट की मांग की थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने बजट रोक लिया है।
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इससे मच्छरों से होने वाली जानलेवा बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। तीन साल पहले बड़े पैमाने पर शहर में फैले डेंगू और उससे हुई मौतों को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर हुई थी। सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से यह कहा गया था कि फॉगिंग का काम चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का है।
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उसके बाद भी नगर निगम अपने सीमित संसाधनों से फॉगिंग का कार्य करता रहा है। नगर निगम की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। नगर निगम की सीमा बढ़ रही है। ऐसे में भविष्य में फॉगिंग कार्य को सुचारु रूप से चलाने के लिए अतिरिक्त फॉगिंग मशीनों और संचालन के लिए बजट का प्रावधान जरूरी है।
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उसके बाद नई फॉगिंग मशीनों के लिए शासन ने स्वास्थ्य विभाग से करीब 10.23 करोड़ रुपये का बजट दिया था। इससे नई फॉगिंग मशीनें, गाड़ियां, केमिकल, डीजल-पेट्रोल और उनके संचालन के लिए कर्मचारियों का खर्च वहन किया गया था।

उसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम को फॉगिंग के लिए बजट दिया था, लेकिन इस साल स्वास्थ्य विभाग ने बजट जारी नहीं किया है। विभाग यही तय नहीं कर पा रहा है कि बजट जारी किया जाए कि नहीं। इसके लिए अब सलाह ली जा रही है।

वित्त नियंत्रक ने सचिव को लिखी चिट्ठी
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के वित्त नियंत्रक सुभाष चंद्र यादव ने विभागीय सचिव को इस मामले में पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में नगर निगम को फॉगिंग कार्य के लिए तात्कालिक सहायता प्रदान की गई थी। अब यह सहायता लगातार दी जानी है, इस बारे में न्यायालय के आदेश में विचार किया जाना जरूरी है। पत्र में यह भी कहा गया है कि नियमानुसार फॉगिंग के बजट का इंतजाम नगर विकास से कराया जाना उचित होगा। यदि विभाग नगर निगम को आगे भी बजट देना चाहता है तो फिर इसका प्रावधान बजट में करना होगा। बार-बार पुनर्विनियोग से बजट जारी किया जाना उचित नहीं है।

पिछले दो वर्षों में पूरा पैसा नहीं हुआ खर्च
वित्तीय वर्ष 2017-18 में नगर निगम को मच्छर जनित रोगों की रोकथाम को फॉगिंग के लिए 10.23 करोड़ रुपये का बजट मिला। इसमें नगर निगम ने 6 करोड़ 10 लाख 85 हजार 360 रुपये खर्च किए। इसी तरह वर्ष 2018-19 में नगर निगम को 6 करोड़ का बजट मिला। इसमें नगर निगम ने 2 करोड़ 86 लाख एक हजार 866 रुपये खर्च किए।


अभी बजट नहीं मिला
नगर स्वास्थ्य अधिकारी पंकज भूषण ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से अभी बजट नहीं मिला है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पिछले कई साल से स्वास्थ्य विभाग बजट दे रहा था। इस समय नगर निगम अपने खर्च पर फॉगिंग का काम करा रहा है। बजट के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा गया है।

 
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