Budget 2024: 34 हजार करोड़ से बिछाई जाएंगी नई रेलवे लाइन, सिग्नल-टेलीकम्युनिकेशन को किया जाएगा मजबूत
Union budget 2024: इस बार के आम बजट में रेलवे का भी खास ख्याल रखा गया है। बजट में नई रेल लाइन बिछाने के साथ सिग्नल व्यवस्था को भी मजबूत करने की बात कही गई है।
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रेलवे के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए बजट में खासा ध्यान रखा गया है। नई रेलवे लाइनों को बिछाने से लेकर डबलिंग व सेफ्टी के कार्य कराए जाएंगे। इससे उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में रेलवे का नेटवर्क मजबूत होगा। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को आम बजट पेश किया। इसमें रेलवे के लिए कुल 2.62 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें सेफ्टी व मेंटीनेंस के मद में 1.08 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं। चूंकि इधर रेल हादसों में इजाफा हुआ है, इसलिए रेलवे का पूरा फोकस हादसों पर अंकुश लगाने को लेकर है। रेलवे के उत्तर, पूर्वोत्तर व उत्तर मध्य रेलवे जोन यूपी में हैं।
ऐसे में रेलवे द्वारा आवंटित बजट से उत्तर प्रदेश में रेलवे नेटवर्क के ढांचे को मजबूत बनाने में भी मदद मिलेगी। नई लाइनों को बिछाने के लिए 34603 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। वहीं मीटरगेज से ब्रॉडगेज करने के लिए 4720 करोड़ रुपये, यार्ड रिमॉडलिंग व यातायात सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 8983 करोड़ रुपये का प्राविधान वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए किया गया है। रेलवे रोलिंग स्टॉक के लिए 40314 करोड़ रुपये, रोडओवर ब्रिज आरओबी व रोड अंडरब्रिज आरयूबी के लिए 9275 करोड़ रुपये, रेलवे ट्रैक रिन्यूवल के लिए 17652 करोड़ रुपये, पुल व टनल सम्बंधी कार्यों के लिए 2137 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। रेलवे की विद्युतीकरण परियोजनाओं पर 6472 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
15,511 करोड़ से बढ़ेंगी यात्री सुविधाएं
ट्रेनों व रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने के लिए रेलवे द्वारा 15,511 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस धनराशि से जहां रेलवे स्टेशनों पर पेयजल, बैठने, लिफ्ट-एस्केलेटर आदि की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। वहीं नई व सुविधाजनक ट्रेनों को शुरू कर पैसेंजरों को राहत दी जाएगी।
यूपी के 50 लाख छात्रों की जगी उम्मीद
केंद्रीय बजट से प्रदेश के 50 लाख छात्रों व युवाओं के लिए उम्मीद जगी है। वे कम ब्याज दर पर एजुकेशन लोन ले सकेंगे। अभी परिवार की आय निर्धारित सीमा से अधिक होने से ये छात्र छात्रवृत्ति व शुल्क भरपाई योजना का लाभ नहीं ले पाते हैं। राज्य सरकार ढाई लाख रुपये सालाना आय वाले एससी-एसटी वर्ग और दो लाख रुपये तक सालाना आय वाले अन्य वर्गों के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति के साथ शुल्क भरपाई की सुविधा देती है। इससे 50-55 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलता है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस निर्धारित आय सीमा से अधिक वाले परिवारों के विद्यार्थियों की संख्या भी करीब 50 लाख रहती है। बजट घोषणा के मुताबिक अब इन युवाओं को भी लाभ मिलेगा। बजट पेश करते समय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जो युवा मौजूदा सरकारी योजनाओं और नीतियों के तहत लाभ के पात्र नहीं हैं, उन्हें उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। उन्हें यह सुविधा 3 फीसदी वार्षिक ब्याज सब्सिडी के साथ मिलेगी। इससे जहां उच्च शिक्षा अधिक सुलभ हो सकेगी, वहीं उद्योगों की जरूरत के अनुसार श्रमशक्ति भी तैयार हो सकेगी।