आजम के ड्रीम प्रोजेक्ट पर बसपा ने उठाए गंभीर सवाल
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कैबिनेट मंत्री आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट मो. अली जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के निर्माण को लेकर विधान परिषद में बुधवार को मुख्य विपक्षी दल बसपा ने कई सवाल उठाए।
कार्यस्थगन सूचना के जरिये यह मामला उठाते हुए बसपा के सदस्यों ने कहा कि विश्वविद्यालय के भवन निर्माण पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है। पर, लेबर सेस (उपकर) का लगभग 20 करोड़ रुपया अभी तक भुगतान नहीं किया गया।
नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा लगाए जाने वाले इस उपकर को श्रमिकों के कल्याण पर खर्च किया जाता है। उपकर न देने से साबित होता है कि सरकार को श्रमिकों की कोई चिंता नहीं है।
सिद्दीकी ने कहा कि उपकर भुगतान के नोटिस के मुताबिक जौहर विवि में करीब 2000 करोड़ रुपये का निर्माण कार्य चल रहा है।
इस पर एक फीसदी की दर से लगने वाला उपकर का लगभग 20 करोड़ रुपये हुआ। लेकिन अभी तक इसका भुगतान नहीं किया गया। सिद्दीकी ने बताया कि उल्टे नोटिस देने वाले अधिकारी एचएस यादव को ही हटा दिया गया।
अफलातून बन गया है विश्वविद्यालय
श्रम मंत्री शाहिद मंजूर ने कहा कि सभी काम नियमानुसार हो रहे हैं। सरकार सभी निर्माण कार्यों का उपकर लेगी। प्रदेश में बने पार्कों और उनमें लगाई गई हाथियों की मूर्तियों पर उपकर लगाया जाएगा। बसपा ने इसका विरोध किया।
इसको लेकर सत्तापक्ष व विपक्ष के काफी कहासुनी हुई। नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन ने आरोप लगाया कि यह विश्वविद्यालय अफलातून हो गया है। अवैध कार्य कराए जा रहे हैं। अवैध वसूली की जा रही है। चूंकि विश्वविद्यालय ऐसे मंत्री का प्रोजेक्ट है कि कोई बोल नहीं सकता। इसलिए सरकार चुप्पी साधे है।
नेता सदन ने इसका विरोध किया। कहा, आजम खां मुसलमानों के लिए यह विश्वविद्यालय बनवा रहे हैं। बसपा को मुसलमानों से दुश्मनी है। इसलिए विरोध कर रही है। रही पैसा लेने की बात तो इस काम के लिए पैसा मांगना गुनाह नहीं है। पं. मदन मोहन मालवीय ने भी पैसे मांगकर विश्वविद्यालय बनवाया था।
इसलिए आजम कोई गलत काम नहीं कर रहे हैं। इस मुद्दे पर सत्तापक्ष व बसपा के बीच कई आरोप-प्रत्यारोप लगे। आखिरी में बसपा ने सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से बहिर्गमन कर दिया। सभापति ने कार्रवाई के लिए पूरा मामला सरकार के पास भेज दिया।