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हमलावर से जान बचाने के लिए जूझती रही रुचि, वार करता रहा सिरफिरा

Thu, 01 Apr 2021 02:07 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 01 Apr 2021 02:07 AM IST
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brutal murder in lucknow
लखनऊ। गोमतीनगर के विश्वास खंड में व्यापारी डॉ. हर्ष अग्रवाल की पत्नी रुचि अग्रवाल ने सिरफिरे कारपेंटर गुलफाम से बचने के लिए खूब संघर्ष किया। इस दौरान सिरफिरा उन पर लकड़ी में छेद करने वाले औजार बरमा से वार करता रहा। हॉल, कमरे व लॉबी में चारों तरफ खून फैला होने, रुचि का चश्मा टूटा मिलने, डाइनिंग टेबल पलटी होने व अन्य सामान भी अस्त-व्यस्त होने से इसकी तस्दीक हो रही थी। रुचि कुत्ता भी घायल था। इससे साफ है कि कारपेंटर ने उस पर भी हमला किया।
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अमीनाबाद के गणेशगंज के मूल निवासी डॉ. हर्ष अग्रवाल ने 1/39 विश्वासखंड, गोमतीनगर में अपना नया मकान बनवाया है। दीपावली पर ही वह पत्नी रुचि (38), बेटी प्रियांशी (16) व वामिका (13) के साथ मकान के दूसरे तल पर शिफ्ट हुए थे। प्रथम तल पर डॉ. हर्ष के छोटे भाई अमित अग्रवाल उर्फ मंटू के रहने के लिए फिनिशिंग का काम चल रहा है। एमबीबीएस करने के बाद हर्ष डॉक्टरी का पेशा न कर पारिवारिक व्यापार संभालते हैं। वह आईटीसी के डिस्ट्रीब्यूटर हैं और ट्रांसपोर्टनगर में ऑफिस व गोदाम बना रखा है, जबकि मंटू गणेशगंज में एकता एजेंसी के नाम से आटा, मैदा, घी-तेल का थोक कारोबार करते हैं।
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डॉ. हर्ष के मकान के प्रथम तल पर ढाई महीने से कारपेंटर गुलफाम व उसका साथी तस्लीमुद्दीन निवासी मड़ियांव काम कर रहे थे। बुधवार दोपहर करीब एक बजे रुचि लॉरेेटो कॉन्वेंट में पढ़ने वाली दोनों बेटियों को लेकर घर लौटी थीं। तभी पति का फोन आ गया। वह हॉल में बैठी फोन पर बात कर ही रही थीं कि कारपेंटर गुलफाम आ गया और बेटी वामिका के गले पर बरमा (लकड़ी में छेद करने वाला औजार) रखकर जान से मारने की धमकी देने लगा। इस पर घबराईं रुचि ने बेटी से कमरे में भागने को कहा और गुलफाम से भिड़ गईं। फोन पर रुचि की चीख सुनकर डॉ. हर्ष घबरा गए और अनहोनी की आशंका में उन्होंने अपने पड़ोसियों व कुछ परिचितों को फोन करके तत्काल घर पहुंचने को कहा। बड़ी बेटी प्रियांशी तुरंत नीचे भागी और गेट के पास बैठे अपने बुजुर्ग नौकर नंदलाल को बताया कि गुलफाम ने मम्मी को चाकू मार दिया है। फिर वह मदद मांगने पड़ोसी के घर में घुस गई। इस बीच रुचि ने कमरे में जाकर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन गुलफाम भी कमरे में घुस गया। गुलफाम ने उनके पेट, कंधे व हाथ पर बरमा से कई वार कर दिए।
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चंद मिनट में ही डॉ. हर्ष के पड़ोसी व कई परिचित घर पहुंच गए और खून से लथपथ रुचि को लेकर लोहिया अस्पताल भागे। मगर घाव गहरे होने से अधिक खून बह जाने के कारण कुछ देर में ही रुचि की मौत हो गई। वहीं, वारदात के दौरान घबराकर भागने से गिरकर वामिका के पैर में मामूली चोट आई है। एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि आरोपी को ठाकुरगंज के फरीदीपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। गुलफाम नशे का आदी है और बिजनेस शुरू करने के लिए रकम नहीं देने पर वह डॉ. हर्ष से नाराज था। इसी वजह से उसने रुचि की हत्या करने की बात स्वीकार की है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस व फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
गोमतीनगर के पॉश इलाके में हत्या की सूचना मिलते ही डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन, एडीसीपी एसएम कासिम आब्दी, एसीपी श्वेता श्रीवास्तव व इंस्पेक्टर केके तिवारी फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने डॉ. हर्ष अग्रवाल, उनकी दोनों बेटियों, नौकर नंदलाल व पड़ोसियों से घटना के बारे में जानकारी लेने के साथ ही मौके से साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही पुलिस की एक टीम ने इलाके में लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली। इसमें आरोपी गुलफाम हाथ में बरमा लेकर जाता दिखा।
आज पैसा चाहिए, भले ही जेल हो या फांसी
डॉ. हर्ष अग्रवाल के घर में कई दशक से काम करने वाले नौकर नंदलाल (70) ने बताया कि जब प्रियांशी ने उसे बताया कि गुलफाम ने मम्मी को चाकू मार दिया है तो वह गेट के पास पहुंचा। इसी बीच हाथ में खून से सना बरमा लेकर गुलफाम नीचे उतरा और नंदलाल से कहा कि हट जाओ नहीं तो तुम्हें भी मार डालूंगा। नंदलाल ने बताया कि गुलफाम चिल्ला रहा था कि आज बस पैसा चाहिए, भले ही जेल हो या फांसी।
ठेकेदार की मदद से आरोपी तक पहुंची पुलिस
डॉ. हर्ष ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि उन्होंने कुछ महीने पहले ठेकेदार इम्तियाज को फर्नीचर व लकड़ी के अन्य काम कराने का ठेका दिया था। इम्तियाज ने चार-पांच बढ़ई भेजे थे। फिर अधिक काम नहीं बचा तो उसने गुलफाम व एक अन्य बढ़ई तस्लीमुद्दीन निवासी मड़ियांव को भेजना शुरू कर दिया। ढाई महीने से गुलफाम व तस्लीमुद्दीन ही काम कर रहे थे। इस सूचना पर पुलिस ने इम्तियाज व तस्लीमुद्दीन को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि गुलफाम ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के फरीदीपुर में रहता था। एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि आरोपी गुलफाम को ठाकुरगंज के फरीदीपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। गुलफाम नशे का आदी है और बिजनेस शुरू करने के लिए रकम नहीं देने पर वह डॉ. हर्ष अग्रवाल से नाराज था। इसी वजह से उसने रुचि की हत्या करने की बात स्वीकार की है।
सुबह बहकी-बहकी बातें कर रहा था गुलफाम
लखनऊ। डॉ. हर्ष अग्रवाल ने बताया कि सुबह रुचि हॉल में बैठी थीं और वह किचन में आमलेट बना रहे थे। तभी गुलफाम हॉल के दरवाजे के पास आया और रुचि से बोला कि जरूरी बात करनी है। रुचि ने पूछा क्या बात करनी है तो उसने कहा दोनों लोग आइए, आप दोनों से एकसाथ बात करनी है। डॉ. हर्ष का कहना है कि उन्होंने गुलफाम से कुछ देर बाद बात करने को कहा। इस पर वह पहली मंजिल पर जाकर काम करने लगा। डॉ. हर्ष ने बताया कि घर से निकलते वक्त उन्होंने गुलफाम से पूछा कि क्या बात करनी है। इस पर वह कहने लगा कि साहब पैसे से पैसा आता है। आप मुझे पैसा दो तो मैं बिजनेस में लगाकर आपको खूब कमाकर दूंगा। डॉ. हर्ष ने कहा कि गुलफाम बहकी-बहकी बातें कर रहा था, इसके चलते उसकी बातों को कोई तवज्जो न देकर वह घर से चले गए।
अमिताभ व नूतन ठाकुर ने भी लिया जायजा
हत्याकांड की जानकारी होने पर शाम को पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर व आरटीआई कार्यकर्ता उनकी पत्नी नूतन ठाकुर भी हर्ष अग्रवाल के घर पहुंचे। दोनों ने पूरी घटना की जानकारी लेने के साथ ही हर्ष को इंसाफा दिलाने में हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
घर में लगे हैं सीसीटीवी, मगर चालू नहीं
हर्ष अग्रवाल ने हाल ही में मकान में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। मगर अभी डीवीआर नहीं लगा होने के कारण ये सीसीटीवी कैैमरे चालू नहीं हुए हैं। इस वजह से रुचि की हत्या की वारदात व गुलफाम के भागने की कोई फुटेज नहीं मिल सकी है।
साथी ने रोका तो धमकाकर भगाया
पुलिस ने डॉ. हर्ष के घर में काम कर रहे दूसरे बढ़ई तस्लीमुद्दीन को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि वारदात के वक्त रुचि की चीख सुन वह ऊपरी मंजिल पर गया था। मगर गुलफाम के सिर पर खून सवार था और उसने मार डालने की धमकी देकर उसे भगा दिया।

सहमी हैं दोनों बेटियां
रुचि अग्रवाल की हत्या से दोनों बेटियां प्रियांशी व वामिका बुरी तरह से सहम गईं हैं। परिवार के लोग व रिश्तेदार दोनों बहनों को ढांढस बंधाने के साथ ही काउंसिलिंग कर सदमे से उबारने की कोशिश कर रहे हैं।
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