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वकील की हत्या कर उन्नाव में फेंका शव, पुलिस ने लाश की शिनाख्त के बाद दर्ज की गुमशुदगी

Wed, 31 Mar 2021 02:04 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 31 Mar 2021 02:04 AM IST
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brothers murdered advocate
हत्या करने के आरोपी भाई।
लखनऊ। होलिका दहन के दिन (28 मार्च) कैसरबाग से संदिग्ध हालात में लापता वकील नितिन तिवारी (40) की हत्या कर शव उन्नाव के मौरावां इलाके में फेंक दिया गया। मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। लाश की शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की, जबकि 28 मार्च को ही नितिन के भाई ने पुलिस को सूचना दे दी थी। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने नितिन के पड़ोसी दो भाइयों प्रवीण अग्रवाल व विपिन अग्रवाल को गिरफ्तार किया है, जबकि आरोपियों की मदद करने वाले उनके किराएदार दीनबंधु द्विवेदी की तलाश की जा रही है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि नपुंसक का ताना देने व घर की महिलाओं अभद्रता करने पर उन्होंने वकील की हत्या की है।
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कैसरबाग के कटरा मकबूलगंज निवासी नितिन तिवारी लखनऊ कचहरी में वकालत करते थे। 28 मार्च को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। इसके बाद वह अपनी बुलेट लेकर घर से निकल गए थे। देर रात तक नितिन के नहीं लौटने पर उनके भाई मयंक ने तलाश शुरू की मगर कुछ पता नहीं चला। इस पर मयंक ने कैसरबाग कोतवाली में गुमशुदगी की तहरीर दी। उधर, 28 मार्च की रात ही उन्नाव के मौरावां इलाके में तिसंधा मोड़ के पास एक युवक का शव पड़ा मिला। मामले में पूर्व ग्राम प्रधान छविनाथ कश्यप की तहरीर पर उन्नाव के मौरावां थाने की पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू की। इस बीच 30 मार्च को उन्नाव में अज्ञात युवक का शव मिलने की सूचना पर मयंक वहां पहुंचे और शव की शिनाख्त अपने भाई के रूप में की। मौरावां इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नितिन की गला घोंटकर हत्या करने की बात सामने आई है। उनके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान भी मिले हैं।
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दीवार से सिर लड़ाया...गमछे से कसा गला
इंस्पेक्टर कैसरबाग प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि दोनों भाइयों ने पूछताछ में बताया कि वे कुछ साल पहले कटरा मकबूलगंज से तेलीबाग की सैनिक विहार कॉलोनी में शिफ्ट हो गए थे। मगर करीब तीन साल से नितिन बेवजह परेशान कर रहे थे। नितिन उन्हें खाटू श्याम की पूजा नहीं करने को कहते थे। इसके साथ ही परिवार की महिलाओं को उल्टी-सीधी बातें कहने के साथ ही दोनों भाइयों को नपुंसक कहते थे। नितिन के वकील होने के कारण वे दोनों उनसे डरते थे कि वह कहीं उन्हें किसी मुकदमे में फंसा न दें। प्रवीण ने बताया कि 27 मार्च की रात नितिन ने घर आकर गालीगलौज किया था। इसी के चलते दीवार में सिर लड़ाकर और गमछे से गला कसकर उनकी हत्या कर दी।
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पुलिस न करती लापरवाही तो शायद...
वकील नितिन तिवारी की हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। नितिन का शव 28 मार्च की रात उन्नाव के मौरावां में मिला था और वहीं अज्ञात में हत्या का केस दर्ज किया गया था। 28 मार्च की देर रात ही नितिन के भाई मयंक ने कैसरबाग कोतवाली में गुमशुदगी की सूचना दी थी। मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 30 मार्च को मयंक द्वारा उन्नाव जाकर नितिन के शव की शिनाख्त करने के तीन घंटे बाद कैसरबाग पुलिस ने आनन-फानन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की। यदि समय रहते पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू की होती तो आरोपी पहले ही गिरफ्त में आ जाते।
परिवार को उम्मीद नहीं थी अग्रवाल बंधु कर सकते हैं हत्या
वकील नितिन तिवारी के लापता होने पर परिवार के लोग अनहोनी की आशंका जता रहे थे। मगर उन्होंने सोचा भी नहीं था कि कभी उनके पड़ोसी रहे अग्रवाल बंधु हत्या भी कर सकते हैं।
आर्मी में विधिक सलाहकार चयनित हुए थे नितिन
लखनऊ बार एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारी सुरेंद्र पांडेय के अनुसार नितिन हाल ही में आर्मी में विधिक सलाहकार के पद पर चयनित हुए थे। नितिन की हत्या पर बार एसोसिएशन ने नाराजगी जताई है। सुरेंद्र पांडेय का कहना है कि कचहरी खुलने पर वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल सीएम से मुलाकात करके पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने की मांग करेगा। इसके साथ ही नितिन हत्याकांड की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर आरोपियों को जल्द सजा दिलाने की मांग की जाएगी।

लाश व बाइक ठिकाने लगाने में मददगार बना किराएदार
कील नितिन तिवारी की हत्या में पूर्व पड़ोसी प्रवीण व विपिन अग्रवाल का किराएदार दीनबंधु द्विवेदी भी मददगार बना। उसने लाश व नितिन की बाइक ठिकाने लगाने में दोनों भाइयों की मदद की थी। पुलिस टीम दीनबंधु को तलाश रही है। उन्नाव के मौरावां में नितिन का शव मिलने के बाद पुलिस ने उनके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि उन्हें आखिरी कॉल उनके पूर्व पड़ोसी और मौजूदा समय में पीजीआई थाना क्षेत्र के तेलीबाग की सैनिक विहार कॉलोनी निवासी प्रवीण अग्रवाल ने की थी। प्रवीण व उसका भाई विपिन तेलीबाग में जनरल स्टोर चलाते हैं। पुलिस टीम प्रवीण व विपिन के घर पहुंची और दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इस पर दोनोें भाइयों ने नितिन तिवारी की हत्या कर शव उन्नाव में मौरावां इलाके में फेंकने की वारदात अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार करने के साथ ही लाश ठिकाने में इस्तेमाल की गई वैगन आर कार बरामद कर ली। इंस्पेक्टर कैसरबाग प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि नितिन की लाश ठिकाने लगाने में प्रवीण व विपिन के किराएदार दीनबंधु द्विवेदी ने भी मदद की थी। शव ठिकाने लगाने के लिए दीनबंधु ही कार चलाकर मौरावां ले गया था। दीनबंधु ने ही नितिन की बाइक चारबाग रेलवे स्टेशन की पार्किंग में खड़ी की थी। जहां से नितिन की बाइक बरामद कर ली गई है। पुलिस टीम दीनबंधु की तलाश कर रही है।
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