Brijbhushan Sharan Singh: अफसरों की कार्यप्रणाली से खफा भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने खोला मोर्चा, बोले- ...हम बागी हैं
ब्रज भूषण से अमर उजाला संवाददाता ने इस बाबत बात की तो उन्होंने एक शेर सुनाया- ‘...अगर सच्चाइयों का गीत गाना बगावत, तो हम भी बागी हैं।’
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भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अफसरों की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हाल ही में गोंडा की एक खराब सड़क को लेकर उन्होंने न सिर्फ मौजूदा व्यवस्था पर व्यंग्य साधा, बल्कि अफसरों पर भी निशाना साधा। वायरल वीडियो में उन्होंने कहा कि यहां भाजपा कार्यकर्ताओं से तो सुधरने की अपेक्षा की जाती है, पर अधिकारी न सुधरें तो कोई बात नहीं। इससे पहले मनसे कार्यकर्ता से उनकी बातचीत का ऑडियो भी काफी वायरल हुआ था।
छठी बार लोकसभा में पहुंचे कैसरगंज (गोंडा) से सांसद ब्रज भूषण शरण सिंह के चर्चे दूर-दूर तक हैं। कुछ दिन पहले उच्चस्तर से भाजपा कार्यकर्ताओं और विधायकों को ठेके-पट्टों से दूर रहने के साथ ही सुधरने की नसीहत दी गई थी। इसी बीच गोंडा के तरबगंज क्षेत्र के शरीफगंज बंधा मार्ग की दुर्दशा पर उनका एक वीडियो आ गया। इसे खुद उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसमें इस मार्ग की एक पुलिया पर गड्ढे दिखाते हुए वे कह रहे हैं कि राहगीरों के मरने का इंतजाम कर दिया गया है।
वर्षों से ये गड्ढे हैं। अधिकारियों की तानाशाही चल रही है। आखिर में व्यंगात्मक लहजे में कहते हैं- जय हो पीडब्ल्यूडी की, जय हो अधिकारियों की।
सुधार नहीं हुआ तब सोशल मीडिया का सहारा लिया
ब्रज भूषण से अमर उजाला संवाददाता ने इस बाबत बात की तो उन्होंने एक शेर सुनाया- ‘...अगर सच्चाइयों का गीत गाना बगावत, तो हम भी बागी हैं।’ उन्होंने कहा कि डीएम की मौजूदगी में खराब सड़क का मुद्दा निगरानी समिति की बैठक में उठा चुका हूं, लेकिन जब कोई सुधार नहीं हुआ तो सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि कुछ समय पूर्व अयोध्या के तत्कालीन डीएम ने गोंडा से राम की पैड़ी पर आने वाले छोटे पुल पर भारी वाहनों को रोकने के लिए चार पिलर लगा दिए। इनसे टकराकर कई लोगों की मौत हुई। फिर उन्होंने (ब्रज भूषण सिंह ने) इनमें से एक पिलर को खुद ही उखाड़कर फेंका। उन्होंने कहा कि क्या इस तरह के मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर मुकदमा नहीं होना चाहिए? वे कहते हैं कि उनकी शिकायतों पर सीएम ने कई बार बड़ा एक्शन लिया है, लेकिन रोज-रोज तो उनसे मिलकर हकीकत बता पाना मुमकिन नहीं है।