'हैलो दीदी, मैं ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे रहा हूं'
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हैलो दीदी, मैं आखिरी बार बात कर रहा हूं। मेरी वजह से सूदखोरों ने पूरे घर को परेशान कर रखा है। मैं कार्डियोलॉजी अस्पताल के सामने ट्रेन के आगे कूदकर जान देने जा रहा हूं। मेरे पास सूदखोरों को देने के लिए रुपये नहीं हैं।
बस, इतना कहते ही फोन बंद हो गया। पूरा परिवार भागते हुए कार्डियोलॉजी के सामने क्रॉसिंग पर पहुंचा तो रेलवे लाइन के किनारे युवक का खून से सना शव पड़ा था। परिजनों ने सूदखोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी, लेकिन काकादेव पुलिस ने जीआरपी का मामला बताते हुए टरका दिया।
शास्त्री नगर निवासी सुरेश कुमार प्राइवेट नौकरी करते हैं। घर में पत्नी ईश्वरी देवी, दो बेटे पवन कुमार, अमन उर्फ गोलू और बेटी पूजा हैं।
सुसाइड से पहले बहन को किया फोन
पूजा ने बताया कि छोटे भाई अमन (19) ने इलाके में रहने वाले सुमित गुप्ता से 40 हजार रुपये ब्याज पर लेकर स्वरूप नगर के एक जिम में कैंटीन खोली थी।
घाटे के चलते कुछ ही दिन में कैंटीन बंद हो गई।परिजनों का आरोप है कि ब्याज न मिलने पर सुमित गुप्ता और उसके साथी अनिल गंजा ने अमन का जीना मुश्किल कर दिया। इससे अमन काफी परेशान हो गया था।
मंगलवार रात उसने बड़ी बहन पूजा को फोन करके ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। थानाध्यक्ष उदय यादव ने बताया कि जीआरपी का मामला है, इसलिए रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।