फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Book festival begins, lovers arrive

Lucknow News: पुस्तक महोत्सव का आगाज, पहुंचे शौकीन

Sun, 10 Nov 2024 02:52 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 10 Nov 2024 02:52 AM IST
विज्ञापन
Book festival begins, lovers arrive
लखनऊ। रंगमंच, कविता, नृत्य-संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सराबोर नेशनल बुक ट्रस्ट के गोमती पुस्तक महोत्सव का शनिवार को शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रिवरफ्रंट पार्क में इसका उद्घाटन किया। मेले में भ्रमण के दौरान सीएम ने बच्चों से मुलाकात कर उन्हें पुस्तकें भेंट की।
विज्ञापन

मेले के पहले दिन सुबह से शाम तक लोगों ने पसंदीदा पुस्तकों को टटोला। सुबह बाल फिल्म महोत्सव में फिल्में दिखाई गईं। यहां सजे शब्द संसार में स्कूली बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया। दोपहर में साहित्यिक सत्रों में संस्कृति, पत्रकारिता और नदियों और साहित्य पर विचार रखे गए। शाम को चिन्मय त्रिपाठी की संगीतमय प्रस्तुति ने आनंदित किया।
विज्ञापन




स्याही से डिजिटल तक का सफर

आयोजन लेखकगंज के पहले सत्र में स्याही से डिजिटल तक के सफर पर आशुतोष शुक्ला ने कहा कि बदलाव जरूरी है, लेकिन मीडिया में जवाबदेही आवश्यक है, जो प्रिंट में है डिजिटल में नहीं। लेखक रतुल चक्रवर्ती ने बताया कि क्यों नदियां को समझना समाज के लिए जरूरी है। कहा, असल में भारत की कहानियां भारत की कथाकार परंपरा के बारे में बताती हैं। तीसरे सत्र में लेखक नीरज वशिष्ठ ने बताया कि रामायण धार्मिक से कहीं ज्यादा सांस्कृतिक ग्रंथ है। अवसर पर नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, निदेशक युवराज मलिक, प्रदेश सरकार के सलाहकार अवनीश अवस्थी, मंडलायुक्त रोशन जैकब आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, अच्छी किताबें पढ़ें : सीएम



गोमती पुस्तक महोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बच्चे पाठ्यक्रम की किताबों तक सीमित न रहें। अच्छी किताबें पढ़ें और उनसे अच्छी बातें सीखें। उन्होंने सभी बच्चों से मेले में कम से कम एक-एक पुस्तक खरीदने का अनुरोध किया, ताकि उनमें किताबें पढ़ने की आदत विकसित हो।

मुख्यमंत्री ने डिजिटल युग के बढ़ते प्रभाव पर चिंता की। कहा कि आज के युवा 24 से छह घंटे स्मार्टफोन या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बिता रहे हैं। इस समय का उपयोग सार्थक कार्य में हो तो यह समाज और युवाओं दोनों के लिए लाभकारी होगा। उन्होंने कहा, हमें तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए, न कि उसका गुलाम बनना चाहिए।




सीएम ने कहा, भारत की श्रुति परंपरा का महत्व गहरा है। नैमिषारण्य जैसे पवित्र स्थानों पर ऋषियों ने ज्ञान को लिपिबद्ध किया, जिससे यह तीर्थस्थल बन गया। कहा कि हमारे देश में सुनना, मनन करना और उसे आचरण में उतारना एक परंपरा है। हमें फिर से इसे जीवंत करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed