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शहर में सजेगा पुस्तकों का संसार
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लखनऊ। अशोक मार्ग स्थित बलरामपुर गार्डन में 10 दिवसीय का 19वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला 23 सितंबर से लगेगा जिसका उद्घाटन उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक करेंगे। यह मेला दो अक्तूबर तक चलेगा।
कार्यक्रम के आयोजक मनोज सिंह चन्देल ने बताया कि इस वर्ष की थीम रहेगी हर घर पुस्तकालय जो पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के सपने को साकार करने की दिशा में एक और कदम होगा। उन्होंने बताया कि 2013 में 11वें पुस्तक मेले का उद्घाटन करने के बाद पूर्व राष्ट्रपति ने बच्चों और युवाओं से मात्र 10 पुस्तकों से होम लाइब्रेरी शुरू करने का आह्वान करते हुए कहा था कि अच्छी पुस्तकें जिंदगी भर साथ निभाती हैं। मनोज चंदेल ने कहा कि इस मेले में पुस्तक प्रेमी कई दुर्लभ किताबें ले सकते हैं। वहीं मेले में अलग-अलग क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों का सम्मान भी होगा।
इस दौरान मौजूद आस्था ढल और आकर्षण जैन ने बताया कि मेले में पुस्तक प्रेमियों को न्यूनतम 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। मेले में रामकृष्ण मठ सहित बहुत से अन्य प्रकाशन व शिक्षण संबंधी वस्तुओं व खानपान के लगभग सौ स्टाल लगेंगे। इस वर्ष भी स्थानीय लेखकों के लिए एक निशुल्क स्टाल उनकी पुस्तकें प्रदर्शित करने और बिक्री के लिए रहेगा। साथ ही बच्चों के लिए प्रतिदिन फैंसी ड्रेस, कॉरा पेंटिंग, कार्टून मेकिंग, निबंध लेखन, गायन आदि प्रतियोगिताएं स्थल पर जगह की कमी के कारण ज्योति किरन के संयोजन में ऑनलाइन होंगी। मेला पुस्तक प्रेमियों के लिए दो अक्तूबर तक प्रतिदिन प्रात: 11 बजे से रात्रि नौ बजे तक खुला रहेगा।
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कार्यक्रम के आयोजक मनोज सिंह चन्देल ने बताया कि इस वर्ष की थीम रहेगी हर घर पुस्तकालय जो पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के सपने को साकार करने की दिशा में एक और कदम होगा। उन्होंने बताया कि 2013 में 11वें पुस्तक मेले का उद्घाटन करने के बाद पूर्व राष्ट्रपति ने बच्चों और युवाओं से मात्र 10 पुस्तकों से होम लाइब्रेरी शुरू करने का आह्वान करते हुए कहा था कि अच्छी पुस्तकें जिंदगी भर साथ निभाती हैं। मनोज चंदेल ने कहा कि इस मेले में पुस्तक प्रेमी कई दुर्लभ किताबें ले सकते हैं। वहीं मेले में अलग-अलग क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों का सम्मान भी होगा।
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इस दौरान मौजूद आस्था ढल और आकर्षण जैन ने बताया कि मेले में पुस्तक प्रेमियों को न्यूनतम 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। मेले में रामकृष्ण मठ सहित बहुत से अन्य प्रकाशन व शिक्षण संबंधी वस्तुओं व खानपान के लगभग सौ स्टाल लगेंगे। इस वर्ष भी स्थानीय लेखकों के लिए एक निशुल्क स्टाल उनकी पुस्तकें प्रदर्शित करने और बिक्री के लिए रहेगा। साथ ही बच्चों के लिए प्रतिदिन फैंसी ड्रेस, कॉरा पेंटिंग, कार्टून मेकिंग, निबंध लेखन, गायन आदि प्रतियोगिताएं स्थल पर जगह की कमी के कारण ज्योति किरन के संयोजन में ऑनलाइन होंगी। मेला पुस्तक प्रेमियों के लिए दो अक्तूबर तक प्रतिदिन प्रात: 11 बजे से रात्रि नौ बजे तक खुला रहेगा।
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