एसडीएम व तहसीलदार पर बम से हमला, दो गिरफ्तार
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शनिवार को अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस व प्रशासनिक टीम पर अतिक्रमणकारियों ने बम से हमला बोल दिया। जिसमें एसडीएम समेत कई अधिकारी बाल-बाल बच गए। पुलिस ने दो लोगों को कई बमों के साथ गिरफ्तार किया है।
कोतवाली करनैलगंज के गांव भोंका के मजरे बादलपुरवा से अखडे़रा गांव को निर्माणाधीन सड़क की जमीन पर दो साल से कुछ दबंगों ने कब्जा कर रखा है। इसकी शिकायत कई बार हुई लेकिन कब्जा नहीं हटाया जा सका।
शनिवार को इसी अतिक्रमण को हटाने के लिए एडीएम वीके सिंह, नायब तहसीलदार नवीन प्रसाद व श्याम कुमार पुलिस बल के साथ जेसीबी मशीन लेकर बादलपुरवा गांव पहुंचे।
टीम ने जैसे ही अतिक्रमण हटाना शुरू किया कब्जेदार के साथ कई लोगों ने बमों से हमला बोल दिया। गनीमत यह रही कि बम नहीं फटे और अधिकारी बाल-बाल बच गए। एसडीएम वीके सिंह ने इसकी सूचना कोतवाल करनैलगंज को दी। लेकिन जब तक कोतवाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचते ज्यादातर हमलावर भाग चुके थे। हालांकि इसके बाद भी कोतवाल बृजकिशोर यादव का दावा है कि उन्होंने दो लोगों को कई बमों के साथ गिरफ्तार किया है।
यह कहते हैं एसडीएम
मामले पर करनैलगंज के एसडीएम वीके सिंह कहते है कि भोंका गांव में सार्वजनिक मार्ग पर कुछ लोगों ने छप्पर रखकर कब्जा कर लिया था जिससे आवागमन बाधित था। मार्ग का निर्माण नहीं होने दिया जा रहा था।
अतिक्त्रस्मण को हटवाने के लिए पंहुची टीम पर बम से हमला किया गया। इसमें दो लोगों को जिंदा बमों के साथ पकड़ा गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बगैर किसी नोटिस के ढहाया मड़हा
भोंका गांव निवासी रऊफ ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर शनिवार को गांव में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर बगैर किसी नोटिस के मड़हा गिराए जाने का आरोप लगाया है।
रऊफ का कहना है कि मोहम्मदपुर आटा तहसील करनैलगंज में गाटा संख्या 110/0.57 एकड़ की जमीन पर रखे मड़हे और ईंट की दीवार को शनिवार को पुलिस ने जबरदस्ती बगैर कोई नोटिस दिए एक ठेकेदार से मिलीभगत कर ढहा दिया है। पुलिस उन पर फर्जी आरोप लगा रही है।