लखनऊ में जमीन खरीदने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी
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अगले छह महीने तक आवास विकास परिषद की जमीनों के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। परिषद की भूमि के सेक्टर रेट मार्च-2016 तक फ्रीज रहेंगे। मंगलवार को परिषद की बोर्ड मीटिंग में यह फैसला किया गया।
चूंकि रियल एस्टेट बाजार में मंदी है। फ्लैटों की बिक्री पर इसका बहुत असर पड़ रहा है। इसलिए चालू वित्त वर्ष में आवास विकास परिषद की भूमि के सेक्टर रेट नहीं बढ़ाने का विचार है।
अपर आवास आयुक्त रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मंदी अभी जारी है। इसलिए पिछली बोर्ड मीटिंग में जमीन का रेट नहीं बढ़ाने का जो फैसला किया गया था, वह कायम रहेगा।
आवास विकास परिषद की 234 वीं बोर्ड मीटिंग में इस बड़े फैसले के अतिरिक्त पूरे प्रदेश से जुड़े 65 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इनमें से अधिकतर का निस्तारण कर दिया गया। उत्तराखंड में परिषद के भूखंडों का अब नक्शा पास हो सकेगा, इस बाबत नया नियम पारित कर दिया गया।
इन पर भी हुई चर्चा
इसके विरोध में कर्मचारियों ने नारेबाजी भी की। इसके अलावा सभी विवादित प्रकरणों के लिए विशेषज्ञ कमेटियों के गठन का प्रस्ताव रखा गया। ब्याज माफी का प्रकरण ओटीएस के जरिये हल करने पर सहमति व्यक्त की गई।
बोर्ड अध्यक्ष एवं प्रमुख सचिव आवास सदाकांत की अध्यक्षता में करीब साढ़े चार घंटे तक बैठक हुई। इसमें कमिश्नर शहाबुद्दीन मोहम्मद, अपर आवास आयुक्त रुद्र प्रताप सिंह, तीनों उपाध्यक्ष और परिषद एवं अन्य एजेंसियों से जुड़े सभी बोर्ड मेंबर मौजूद रहे। बैठक के बाद अपर आवास आयुक्त ने फैसलों के बारे में मीडिया को विस्तृत जानकारी दी।
गाजियाबाद में बनेंगे 4128 सस्ते फ्लैट
बोर्ड मीटिंग में गाजियाबाद की मंडोला स्कीम में 4128 समाजवादी फ्लैटों के निर्माण को वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। अभियंत्रण विभाग भी इन फ्लैटों के निर्माण का तकनीकी अनुमोदन करेगा।
इनकी कीमत करीब 15 से 30 लाख रुपये के बीच होगी। क्षेत्रफल 400 से 650 वर्ग फीट के बीच होगा। इसमें पहले 14 मंजिल की जो स्कीम थी, उसे खत्म कर चार फ्लोर की स्कीम को मंजूर कर दिया गया।
यूपी शुगर केन डवलपमेंट कॉरपोरेशन की हरदोई स्थित चीनी मिल की रिक्त भूमि खरीदने का प्रस्ताव बोर्ड मीटिंग में पास हो गया। यहां करीब 22.7 हेक्टेअर भूमि है।
इस पर भविष्य में आवास विकास परिषद की आवासीय योजना लाई जाएगी। इस योजना में करीब पांच हजार भूखंड होंगे। इससे हरदोई के विकास को विस्तार मिलेगा।
दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को तोहफा
आवास विकास परिषद के वर्कचार्ज और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी जिनकी भर्ती साल 1996 से पहले की गई थी, उनको स्थायी करने का रास्ता खुल गया है। इन कर्मचारियों को शासनादेश के मुताबिक स्थायी किया जाएगा।
पहले केवल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को ही स्थायी करने का प्रस्ताव किया गया था, मगर इस शासनादेश के बाद बड़ी संख्या में वर्कचार्ज कर्मचारी भी इसमें शामिल कर लिए गए हैं।
बोर्ड मीटिंग में परिषद के करीब 4500 कर्मचारियों को छठे वेतनमान का एरियर देने पर भी फैसला होना था। पर, इस बारे में बनाए गए कैबिनेट नोट में उल्लेख है कि कर्मचारियों को केवल बढ़े वेतन का लाभ मिलेगा, एरियर नहीं दिया जाएगा।
इसलिए यह प्रस्ताव फिर फंस गया। अपर आवास आयुक्त रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बोर्ड से इसकी संस्तुति करके शासन को भेज दिया गया है। यह एरियर करीब 55 करोड़ रुपये है।
इसमें से 11.80 करोड़ रुपये सीधे कर्मचारियों के खाते में जाएगा जबकि बकाया उनके पीएफ खाते में जमा होना है। यह लाभ 1 जनवरी-2006 से देने का प्रस्ताव है। मगर प्रस्ताव पास न होने से कर्मचारी भड़क उठे। परिषद के सभी संगठनों के नेताओं ने बोर्ड मीटिंग सभागार के बाहर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।