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एसआईटी की जांच में सही पाए गए आरोप: मंत्रियों के तीनों निजी सचिवों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल
Mon, 18 Mar 2019 12:22 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Mon, 18 Mar 2019 12:22 PM IST
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स्टिंग ऑपरेशन में काम के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में हटाए गए प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों के निजी सचिवों के मामले में गठित एसआईटी ने जांच पूरी कर ली है। जांच में तीनों पर रिश्वत मांगने और काम कराने के आरोप सही पाए गए हैं। जांच टीम ने तीनों के खिलाफ कई धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया है। इनके ऑडियो व वीडियो की फोरेंसिक लैब में हुई जांच में भी आरोपों की पुष्टि हुई है।
दरअसल, एक निजी चैनल ने बीते साल 26 दिसंबर को पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर के निजी सचिव ओम प्रकाश कश्यप, खनन राज्यमंत्री अर्चना पांडेय के निजी सचिव एसपी त्रिपाठी और बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के निजी सचिव संतोष अवस्थी का स्टिंग किया था।
निजी सचिवों ने काम कराने के बदले में घूस की मांग की थी। इस मामले में मुख्यमंत्री ने तीनों को निलंबित कर दिया था। आरोपियों के खिलाफ 28 दिसंबर को हजरतगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सीएम ने इस मामले में एसआईटी का गठन कर जल्द जांच पूरी करने के आदेश दिए थे। एसआईटी के वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है।
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दरअसल, एक निजी चैनल ने बीते साल 26 दिसंबर को पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर के निजी सचिव ओम प्रकाश कश्यप, खनन राज्यमंत्री अर्चना पांडेय के निजी सचिव एसपी त्रिपाठी और बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के निजी सचिव संतोष अवस्थी का स्टिंग किया था।
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निजी सचिवों ने काम कराने के बदले में घूस की मांग की थी। इस मामले में मुख्यमंत्री ने तीनों को निलंबित कर दिया था। आरोपियों के खिलाफ 28 दिसंबर को हजरतगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सीएम ने इस मामले में एसआईटी का गठन कर जल्द जांच पूरी करने के आदेश दिए थे। एसआईटी के वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है।
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चार्जशीट में निजी सचिवों के खिलाफ रिश्वत मांगने के सुबूत सही पाए गए हैं। जांच में स्टिंग करने वाले चैनल ने आरोपियों के खिलाफ रिकॉर्ड की हुई सीडी सौंपी थी। इसे जांच के लिए फ ोरेंसिक लैब भेजा गया था। स्टिंग में शामिल लोगों के भी बयान दर्ज हुए हैं। इसके बाद आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। उन्होंने बताया कि अब आरोपियों की संपत्ति की भी जांच की जाएगी।
सचिवालय सुरक्षा में मिली खामियां
एसआईटी की जांच में सचिवालय की सुरक्षा में भी कई जगह लापरवाही सामने आई है। इसकी भी जांच की गई कि स्टिंग में शमिल लोग किस तरह से निजी सचिवों के कक्ष तक पहुंचे। स्टिंग कर रहे लोगों ने सचिवालय में प्रवेश किस नाम से किया। जांच में इसके लिए सभी दस्तावेज परखे गए कि स्टिंग करने वाले लोग पास के जरिए सचिवालय के अंदर गये थे या किसी मंत्री, अधिकारी या विधायक की सिफारिश पर।
सचिवालय सुरक्षा में मिली खामियां
एसआईटी की जांच में सचिवालय की सुरक्षा में भी कई जगह लापरवाही सामने आई है। इसकी भी जांच की गई कि स्टिंग में शमिल लोग किस तरह से निजी सचिवों के कक्ष तक पहुंचे। स्टिंग कर रहे लोगों ने सचिवालय में प्रवेश किस नाम से किया। जांच में इसके लिए सभी दस्तावेज परखे गए कि स्टिंग करने वाले लोग पास के जरिए सचिवालय के अंदर गये थे या किसी मंत्री, अधिकारी या विधायक की सिफारिश पर।