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पुलिस ने दो भाइयों को हिरासत में लेकर जमकर पीटा, एक की मौत, चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 04 May 2018 01:27 PM IST
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रायबरेली रोड जाम कर प्रदर्शन करते लोग और जियाउल कमर (इनसेट)
- फोटो : amar ujala
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किन्नर चंचल हत्याकांड में पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर दो भाइयों को पुलिस ने इतना पीटा कि एक ने दम ही तोड़ दिया। दूसरे भाई के शरीर पर भी गहरे जख्म हैं। घटना से गुस्साए लोगों ने रायबरेली रोड जाम कर खूब प्रदर्शन कया। पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे एसएसपी दीपक कुमार ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। परिवारीजनों की तहरीर पर एक दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
पीजीआई के डूडा कॉलोनी में रहने वाले मोहम्मद सईद ने बताया कि आशियाना पुलिस ने 24 अप्रैल को चंचल हत्याकांड में पूछताछ के लिए उनके बेटे जियाउल कमर (24) उर्फ कमरू और जियाउल हुसैन (22) को बुलाया था। आरोप है कि हिरासत में पुलिस ने दोनों को जमकर पीटा। 27 अप्रैल को पुलिस ने जब उन्हें छोड़ा तो उनके शरीर पर चोटों के निशान थे। घर के पास ही एक निजी नर्सिंग होम में उनका इलाज चल रहा था।
इसी बीच तीन मई गुरुवार की रात 10:30 बजे के करीब जियाउल कमर की मौत हो गई। जियाउल के मौसा सकील अहमद ने बताया कि मैं सभासद रमेश कुमार रावत के साथ दोनों भाइयों को लेकर आशियाना थाने पहुंचा। इसके बाद दरोगा दोनों भाई को दूसरी गाड़ी से लेकर चले गए। सकील ने बताया कि तीन दिन बाद जब पुलिसवाले ने उन्हें छोड़ा तो शरीर पर चोट के गहरे निशान थे। कमरू से पूछा गया कि किसने पीटा तो उसे पता ही नहीं था कि पुलिस उसे लेकर कहां गई थी और किस पुलिसवाले ने उसकी पिटाई की।
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घटना से गुस्साए परिवारीजन और डूडा कॉलोनी के लोग सड़क पर उतर आए। रायबरेली रोड पर शव रखकर सभी ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। आशियाना पुलिस के खिलाफ लोग कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के कारण रायबरेली रोड पर काफी देर तक लंबा जाम लगा रहा। बाद में एसएसपी के पहुंचने पर लोग शांत हुए।
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पीजीआई के डूडा कॉलोनी में रहने वाले मोहम्मद सईद ने बताया कि आशियाना पुलिस ने 24 अप्रैल को चंचल हत्याकांड में पूछताछ के लिए उनके बेटे जियाउल कमर (24) उर्फ कमरू और जियाउल हुसैन (22) को बुलाया था। आरोप है कि हिरासत में पुलिस ने दोनों को जमकर पीटा। 27 अप्रैल को पुलिस ने जब उन्हें छोड़ा तो उनके शरीर पर चोटों के निशान थे। घर के पास ही एक निजी नर्सिंग होम में उनका इलाज चल रहा था।
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इसी बीच तीन मई गुरुवार की रात 10:30 बजे के करीब जियाउल कमर की मौत हो गई। जियाउल के मौसा सकील अहमद ने बताया कि मैं सभासद रमेश कुमार रावत के साथ दोनों भाइयों को लेकर आशियाना थाने पहुंचा। इसके बाद दरोगा दोनों भाई को दूसरी गाड़ी से लेकर चले गए। सकील ने बताया कि तीन दिन बाद जब पुलिसवाले ने उन्हें छोड़ा तो शरीर पर चोट के गहरे निशान थे। कमरू से पूछा गया कि किसने पीटा तो उसे पता ही नहीं था कि पुलिस उसे लेकर कहां गई थी और किस पुलिसवाले ने उसकी पिटाई की।
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घटना से गुस्साए परिवारीजन और डूडा कॉलोनी के लोग सड़क पर उतर आए। रायबरेली रोड पर शव रखकर सभी ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। आशियाना पुलिस के खिलाफ लोग कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के कारण रायबरेली रोड पर काफी देर तक लंबा जाम लगा रहा। बाद में एसएसपी के पहुंचने पर लोग शांत हुए।
पीड़ित भाई बोला- सीओ मैडम की मौजूदगी में पुलिस वालों ने मारा
पीड़ित जियाउल हुसैन
- फोटो : amar ujala
पीड़ित भाई जियाउल हुसैन ने बताया कि पुलिस वालों ने कहा कि कि अगर कोई मुल्जिम नहीं मिलेगा तो तुम्हें मार डालेंगे। उसने कहा कि उन्हें अंसल चौकी ले जाया गया था, जहां सादी वर्दी में पुलिस ने उन्हें मारा। वह पुलिसकर्मियों को पहचानता तो है लेकिन नाम नहीं जाना। हुसैन ने बताया कि सीओ मैडम की मौजूदगी में पुलिस वालों ने हमको मारा। उसने कहा कि दो दिन तो हम दोनों भाई साथ थे लेकिन तीसरे दिन कमरू को पता नहीं कहां लेकर चले गए।
होगी जांच, बख्शे नहीं जाएंगे दोषी : एसएसपी
लोगों को समझाते एसएसपी दीपक कुमार।
- फोटो : amar ujala
मौके पर पहुंचे एसएसपी दीपक कुमार ने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जाएगी। शव को पोस्टमार्टम भी कराया जाएगा। अगर जांच में पुलिस की प्रताड़ना और पिटाई से मौत की बात सामने आती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जो भी पुलिसकर्मी दोषी मिलेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। बाद में मीडिया को संबोधित कर एसएसपी ने कहा कि परिवारीजनों की तहरीर पर जयदी नामक दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। इसकी जो रिपोर्ट आएगी और जांच के आधार पर ही पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी।