सपा-बसपा गठबंधन का आकलन करने में चूक हुई, इसलिए हार गए: यूपी भाजपा अध्यक्ष
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय मानते हैं कि गोरखपुर व फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा-बसपा गठबंधन के असर का सही आकलन करने में हुई चूक हार का कारण बनी। अति आत्मविश्वास और मतदान प्रतिशत कम होना भी पार्टी के लिए नुकसानदेह रहा। डॉ. पांडेय ने शनिवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि दोनों लोकसभा क्षेत्रों में पार्टी की हार की व्यापक स्तर पर समीक्षा की जाएगी। इसके निष्कर्ष के आधार पर रणनीति बनाकर 2019 में चुनाव मैदान में उतरेंगे। पेश हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश :
सवाल- गोरखपुर और फूलपुर में हार के लिए क्या कारण मानते हैं?
जवाब- लोकसभा चुनाव में 20-21 हजार से हार, बड़ी हार नहीं होती। फूलपुर हमारे लिए पहले ही कठिन था, वहां हम केवल एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेत़ृत्व में हुए 2014 के लोकसभा चुनाव में ही जीते हैं।
सवाल- सरकार और संगठन विकास के दम पर चुनाव मैदान में उतरे थे, फिर कहां चूक हुई?
जवाब- गोरखपुर और फूलपुर में केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं और विकास के दम पर हमें भी उम्मीद थी। सपा-बसपा का गठबंधन के असर का सही आकलन करने में हमसे चूक हुई है।
सवाल- पार्टी की आगे की योजना क्या है?
जवाब- हम दोनों लोकसभा क्षेत्रों में हुई हार की व्यापक समीक्षा के लिए जल्द टीम भेजने जा रहे हैं। समीक्षा के निष्कर्ष के आधार पर 2019 के लोकसभा चुनाव की मजबूती से तैयारी कर मैदान में उतरेंगे।
बूथ प्रबंधन की समीक्षा के आधार पर बनेगी रणनीति
सवाल- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बूथ मैनेजमेंट कमजोर रहा, मतदाताओं को निकालने में नाकाम रहे... आप क्या कहेंगे?
जवाब- बूथ प्रबंधन की भी समीक्षा की जा रही है, उसी के आधार पर रणनीति बनाई जाएगी।
सवाल- क्या यह सही है कि पूर्वांचल में भाजपा जातीय संतुलन बनाने में नाकाम रही। ब्राह्मणों को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलने से दूसरी जातियां खफा थीं।
जवाब- भाजपा सभी जातियों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। जहां तक जातीय संतुलन की बात है तो भाजपा ने अपने ऐसे कार्यकर्ता को गोरखपुर में टिकट दिया, जिसका जीवन पार्टी के लिए संघर्ष करते बीता है।
सवाल- क्या सत्ता और संगठन में तालमेल का अभाव भी हार की वजह है?
जवाब- जो भी यह बात उठा रहे हैं, वे गलत हैं। सरकार और संगठन आपसी तालमेल और समन्वय से काम कर रहे हैं, कहीं कोई टकराव नहीं है।
भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी के सवाल पर दिया ये जवाब
सवाल- क्या यह सही है कि भाजपा का कार्यकर्ता नाराज था, इसलिए उसने चुनाव में काम नहीं किया?
जवाब- कार्यकर्ताओं के दम पर ही पार्टी ने यह मुकाम हासिल किया है। कार्यकर्ताओं को पूरा सम्मान दिया जाता है। यदि किसी कार्यकर्ता की कोई समस्या या शिकायत है तो उसका समाधान किया जाएगा।
सवाल- कैराना और नूरपुर उपचुनाव में गठबंधन की चुनौती का सामना कैसे करेंगे?
जवाब- कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा उपचुनाव में गठबंधन की चुनौती का भाजपा डटकर मुकाबला करेगी। बेहतर रणनीति के साथ हम दोनों ही सीटों पर उपचुनाव जीतेंगे।