यूपी: उपचुनाव को लेकर अच्छे नहीं रहे भाजपा के अनुभव, 12 सीटों पर सभी जगह बनेगी कोर टीम
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भाजपा नेतृत्व प्रदेश में विधानसभा की 12 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता। उसने चुनाव कार्यक्रम की अधिकृत घोषणा से पहले ही इन सभी सीटों पर पार्टी का परचम फहराने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। प्रदेश मुख्यालय पर 22 जून को होने वाली बैठक में रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
उपचुनाव वाली हर सीट पर एक मंत्री, एक सांसद, स्थानीय जिला या महानगर अध्यक्ष के अलावा प्रदेश के एक पदाधिकारी को नियुक्त करने की योजना बनाई गई है। चार लोगों की यही टीम चुनाव प्रबंधन सहित बूथों पर पार्टी की मजबूती की जिम्मेदारी संभालेगी और स्थानीय स्तर पर समन्वय का काम करेगी।
सांसदों व मंत्रियों पर संबंधित क्षेत्र के लोगों की अपेक्षाओं और समस्याओं को समझने और उसके आधार पर समाधान तलाशने का दायित्व रहेगा। ये सांसद उनके अतिरिक्त होंगे जो लोकसभा चुनाव में विधायक से सांसद बने हैं और जिनके त्यागपत्र के कारण उपचुनाव हो रहे हैं।
इन सीटों पर इन्हें मिली जिम्मेदारी
रामपुर और जलालपुर से क्रमश: सपा और बसपा के विधायक सांसद चुने गए हैं। इन दोनों संसदीय सीटों की जिम्मेदारी आसपास के भाजपा सांसदों और विधायकों को देने की योजना बनी है।
यही रणनीति हमीरपुर विधानसभा सीट के लिए भी तय की गई है। हमीरपुर के विधायक अशोक चंदेल को आजीवन कारावास की सजा होने के कारण उनकी सदस्यता रद्द हो गई है।
एक-एक बूथ पर निगाह
लोकसभा चुनाव में वोटों का आंकड़ा 50 प्रतिशत के करीब पहुंचने से उत्साहित भाजपा नेतृत्व की कोशिश उपचुनाव में भी बूथवार रणनीति बनाने की है। इसके लिए जिलाध्यक्षों को बैठक में संबंधित सीटों पर 2017 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों को मिले वोटों का विवरण लेकर आने को कहा गया है। इसके आधार पर रणनीतिकार संबंधित स्थानों पर वोटों का उतार-चढ़ाव समझेंगे।
ये है वजह
उपचुनाव को लेकर भाजपा का अनुभव बहुत अच्छा नहीं रहा है। इसीलिए पार्टी नेतृत्व की कोशिश कोई कसर न छोड़ने की है। इन्हें एहसास है कि उपचुनाव में अपेक्षित नतीजे न मिलने से सरकार और संगठन पर सीधे भले ही कोई न प्रभाव न पड़े, लेकिन विपक्ष का हौसला बढ़ जाएगा। उसके पास भाजपा को घेरने और साख पर सवाल उठाने का भी आधार हो जाएगा।
इन सीटों पर होना है उपचुनाव
गोविंदनगर (कानपुर), टूंडला (फिरोजाबाद), कैंट (लखनऊ), जैदपुर (बाराबंकी), मानिकपुर (चित्रकूट), बलहा (बहराइच), गंगोह (सहारनपुर), इगलास (अलीगढ़), प्रतापगढ़, रामपुर, जलालपुर (अंबेडकरनगर) व हमीरपुर।