यूपी के लिए भाजपा का मिशन 2019 प्लान तैयार, अगले महीने से काम
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भाजपा सत्ता में है तो संघर्ष कैसे और किसके खिलाफ करे। आंदोलन भी नहीं हो सकता। बावजूद इसके 2019 के लोकसभा चुनाव के समीकरणों को दुरुस्त रखना भी जरूरी है। इसके लिए पार्टी को किसी न किसी तरीके से जनता के बीच रहना ही है।
शायद यही वजह है कि पार्टी ने अब संघर्ष की जगह आम लोगों के सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों के सहारे भविष्य के समीकरणों को दुरुस्त रखने की रणनीति पर काम करने का फैसला किया है। इसमें नेताओं का कार्यकर्ताओं से संपर्क तो कार्यकर्ताओं के जनता से संवाद पर मुख्य रूप से फोकस रखा गया है। यही नहीं, इस दौरान सांसदों के भी आम लोगों से संपर्क व संवाद के कार्यक्रम बनाए गए हैं।
पार्टी ने 10 मई से 25 मई के बीच पूरे प्रदेश में जनसंपर्क अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत भाजपा के लिहाज से पूरे प्रदेश में बनाए गए 13061 सेक्टरों के पार्टी से जुड़े सभी पदाधिकारियों को 15 दिन के लिए दूसरे मंडल में भेजने की योजना बनाई गई है।
इन 15 दिनों के भीतर पार्टी के ये पदाधिकारी संबंधित स्थान के दिए गए बूथों पर जाकर वहां के लोगों से बातचीत करेंगे। साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं व फैसलों की जानकारी देंगे। संबंधित स्थान पर रहने वालों की यदि कोई विशेष समस्या है तो उसके बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।
दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन पर स्कूलों में प्रतियोगिताएं
कार्यक्रमों की शृंखला में पार्टी के रणनीतिकारों ने भावी पीढ़ी को भी भविष्य के लिहाज से तैयार करने की रणनीति बनाई है। तय किया गया है कि अगस्त के अंतिम पखवाड़े में पार्टी के संस्थापक सदस्य पं. दीनदयाल उपाध्याय के सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक दर्शन पर स्कूलों में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाएंगी।
कक्षा 8, 9 व 10 के विद्यार्थियों के लिए बनाई गई इस प्रतियोगिता में सफल छात्रों के अभिनंदन के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम दीनदयाल उपाध्याय विचार मंच के बैनर पर कराए जाएंगे।
ऐसा लगता है कि रणनीतिकारों की मंशा इस बहाने स्कूली बच्चों के बीच दीनदयाल का नाम पहुंचाकर आगे की चुनौतियों से निपटने की तैयारी करना है।
इन्हें पता है कि अभी से दीनदयाल का नाम अगर इन स्कूली बच्चों के बीच चर्चा में रहा तो बड़े होकर इनमें से कई पार्टी के विचार को समृद्ध बनाने में उपयोगी भूमिका निभा सकते हैं।
मोदी के काम के जरिए भी साधेंगे सरोकार
केंद्र की मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके के सहारे भी भाजपा के रणनीतिकारों ने आम लोगों से संपर्क की योजना बनाई है। तय किया गया है कि 26 मई से 31 मई तक लगभग एक सप्ताह पार्टी कार्यकर्ता घर-घर संपर्क करें।
इस दौरान संबंधित बूथ के ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं से संपर्क करें और उनके घरों पर पार्टी का झंडा व स्टिकर लगाएं, जिससे माहौल भाजपामय दिखे। केंद्र सरकार के कामकाज से संबंधित किताबें व अन्य साहित्य लोगों को देकर उन्हें उसके बारे में बताया जाए और सरकार के बारे में फीडबैक जुटाएं। फीडबैक की जानकारी पार्टी के वरिष्ठ लोगों को दी जाए।
इसी के साथ केंद्र व प्रदेश सरकार की तरफ से गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के सहारे लोगों के बीच पकड़ व पैठ बनाने की तैयारी की गई है। कहा गया है कि पार्टी कार्यकर्ता केंद्र व प्रदेश सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों की सूची बनाएं और उनके सम्मेलन आयोजित कराएं।
इनमें यह बताया जाए कि केंद्र की मोदी व प्रदेश की योगी सरकार उनके कल्याण के लिए किस तरह काम कर रही है। कार्यकर्ताओं से यह भी अपेक्षा की गई है कि वे इस दौरान यह जानकारी भी जुटाएं कि कौन-कौन से ऐसे लोग या गरीब परिवार हैं जिन्हें उनके लिए शुरू की गई योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
बुजुर्गों का सम्मान, कार्यकर्ता करेंगे रक्तदान
भगवा टोली के रणनीतिकारों ने स्वाधीनता दिवस के सहारे भी लोगों से जुड़ाव की योजना बनाई है। साथ ही सेवा व सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम करके लोगों को संदेश देने की तैयारी की है।
तय किया गया है कि स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर पार्टी कार्यकर्ताओं की तरफ से रक्तदान शिविर लगाए जाएं। इससे पहले जुलाई में पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरफ से पूरे प्रदेश में पौधरोपण कार्यक्रम को अभियान के रूप में चलाने की योजना बनाई गई है।
यही नहीं, जनसंघ काल के कार्यकर्ताओं के सम्मान में भी जगह-जगह कार्यक्रम करने की योजना बनाई गई है। इसी के साथ सेवा सहयोगी संगम जैसे कार्यक्रम के जरिये गरीबों के लिए काम करने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों के सम्मान कार्यक्रम करने का भी फैसला किया गया है।
यह कार्यक्रम अगस्त के पहले सप्ताह से दूसरे सप्ताह तक चलेंगे। पार्टी के रणनीतिकारों की कोशिश यह संदेश देने की है कि उनकी सियासत सिर्फ सत्ता के लिए नहीं बल्कि सरोकारों के लिए है।