विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा ने की खास तैयारी, मंत्री से लेकर वरिष्ठ नेताओं ने संभाली थी जिम्मेदारी
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विधान परिषद के शिक्षक व स्नातक कोटे की 11 सीटों के लिए यूपी के 72 जिलों में आज मतदान हो रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि परिषद चुनाव में कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर शेष 72 जिलों में मतदान हो रहा है।
स्नातक क्षेत्र की पांच सीटों पर 114 और शिक्षक क्षेत्र की 6 सीटों पर 85 उम्मीदवारों सहित कुल 199 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर प्रत्येक मतदान केंद्र पर वोटरों की अधिकतम संख्या 1000 रखने के साथ ही थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजर व साबुन-पानी समेत सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
बता दें कि लंबे समय तक शिक्षक दल (शर्मा गुट) के प्रभाव व पकड़ की पहचान बने ये चुनाव इस बार भाजपा, सपा, कांग्रेस और कुछ अन्य की विशेष दिलचस्पी तथा पिछले चुनाव में कुछ स्थानों पर बाजी पलट जाने के कारण खास बन गए हैं।
ये सभी 11 सीटें 6 मई को ही रिक्त घोषित हो चुकी थीं, पर कोरोना के चलते चुनाव अब हो रहे हैं। इनमें से दो पर भाजपा, दो पर सपा, चार पर शिक्षक दल शर्मा गुट व तीन पर निर्दल का कब्जा था। इनमें 5 स्नातक कोटे की हैं और 6 शिक्षक कोटे की। 2014 में हुए चुनाव में स्नातक कोटे की 5 सीटों में आगरा सपा, वाराणसी व इलाहाबाद-झांसी भाजपा, मेरठ शिक्षक दल शर्मा गुट और लखनऊ निर्दल के कब्जे में रही थीं।
भाजपा ने पूरी क्षमता से की बड़ी तैयारी
शिक्षक कोटे की सीटों में बड़ा उलटफेर करते हुए बरेली-मुरादाबाद में सपा समर्थित संजय मिश्र ने इस सीट से शर्मा गुट के मौजूदा एमएलसी सुभाष चंद्र शर्मा को पराजित कर शिक्षक संघ शर्मा गुट को बड़ा झटका दिया था। आमतौर पर इन चुनावों में अभी तक कोई बड़ा चामत्कारिक उलटफेर न कर पाने वाली भाजपा ने इस बार काफी तैयारी की है। मतदाताओं के नाम जुड़वाने से लेकर सभी जगह मंत्रियों के साथ पार्टी के वरिष्ठ लोगों को प्रभारी बनाकर लगाया गया।