भाजपा का आरोप, बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाह रही हैं मायावती
बांग्लादेशी घुसपैठियों पर बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के बयान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि बसपा अध्यक्ष बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाह रही हैं। उन्हें बोलने से पहले इतिहास जान लेना चाहिए। असम में जब अवैध बांग्लादेशियों की घुसपैठ पर आंदोलन हुआ था, तब राजनीति में मायावती का अता-पता नहीं था।
अवैध घुसपैठियों के मुद्दे पर असम के सैकड़ों नौजवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी। कांग्रेस के पास असम के समझौते को लागू करने की हिम्मत नहीं थी। पर, भाजपा ने हिम्मत दिखाई और यह काम कर दिखाया। वोटों की राजनीति के चलते मायावती भी कांग्रेस के साथ कदम से कदम मिलाते हुए इस तरह के बयान दे रही हैं।
दलित और पिछड़ों मे भाजपा की बढ़ती पकड़ से मायावती भयभीत
डॉ. पांडेय ने दावा किया कि भाजपा सरकारों की योजनाओं से दलितों और पिछड़ों के बीच बढ़ती पार्टी की पकड़ से मायावती भयभीत हैं। इसलिए उन्होंने एक वर्ग विशेष को खुश करके कुछ वोट हासिल करने की कोशिश कर रही हैं।
उन्होंने जिस तरह अल्पसंख्यकों को बांग्लादेशी घुसपैठियों के साथ जोड़ने की कोशिश की वह निंदनीय हैं। राष्ट्रविरोधी सोच का परिचायक है। अल्पसंख्यकों का राष्ट्रभक्ति का लंबा इतिहास रहा है। वह अल्पसंख्यकों को बांग्लादेशी घुसपैठियों के साथ जोड़कर राष्ट्रभक्त लोगों का अपमान कर रही हैं।
मायावती ने ये दिया था बयान
बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बयान में आरोप लगाया कि असम की भाजपा सरकार ने एनआरसी का प्रकाशन कर 40 लाख से अधिक धार्मिक व भाषाई अल्पसंख्यकों की नागरिकता समाप्त कर अपने संकीर्ण व विभाजनकारी राजनीतिक मकसद को प्राप्त कर लिया है। इससे देश भर में नई उन्मादी समस्या पैदा हो रही है।
उन्होंने केंद्र सरकार से इस संबंध में तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाकर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। मायावती ने कहा है कि सालों से रहने के बावजूद अगर वे अपनी नागरिका का ठोस सुबूत नहीं दे पा रहे हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी नागरिकता छीन ली जाए।