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तीस हजार बूथ बने भाजपा की चिंता का सबब, पार्टी ने तैयार किया फूलप्रूफ प्लान

Mon, 08 Jul 2019 04:50 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 08 Jul 2019 04:50 PM IST
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BJP prepares plan for 30 thousand booths of Uttar Pradesh.
प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश में 30 हजार बूथ भाजपा की चिंता का सबब बने हैं। नई सदस्यता अभियान के जरिये भाजपा ने कमजोर बूथों और युवाओं को जोड़ने पर विशेष ध्यान देकर इन बूथों को मजबूत बनाने की कार्ययोजना तैयार की है। इसके लिए ‘सर्वस्पर्शी भाजपा-सर्वव्यापी भाजपा’ नारे के साथ सात दिन का विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई है।

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इसमें विशेष तौर से उन लोगों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जो अभी तक भाजपा की पहुंच से दूर हैं। अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को भी पार्टी का सदस्य बनाने की रणनीति है। इसके तहत इस समुदाय के लोगों को केंद्र और प्रदेश सरकार की तरफ से उनके कल्याण के लिए शुरू किए गए काम बताकर उनमें भाजपा के प्रति भरोसा भरने का काम शुरू कर दिया गया है।
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जानकारी के मुताबिक, भाजपा ने लोकसभा चुनाव के परिणामों के विश्लेषण में पाया है कि प्रदेश के 1.63 लाख बूथों में लोकसभा चुनाव में भाजपा को लगभग 1.33 लाख बूथों पर जीत मिली। 30 हजार बूथों पर उसे विरोधियों के मुकाबले कम वोट मिले। वहीं, लगभग 25 हजार बूथ ऐसे रहे जिन पर भाजपा को बहुत कम अंतर से जीत मिली।
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इस जानकारी ने भाजपा के रणनीतिकारों को चिंता में डाल रखा है। उन्हें लग रहा है कि जीत का सिलसिला जारी रखने के लिए इन बूथों पर आधार मजबूत करना जरूरी है। इसीलिए उन्होंने इन बूथों पर विशेष सदस्यता अभियान चलाने की योजना बनाई है।

भाजपा की जीत को स्थाई बनाना मकसद

दरअसल, प्रदेश भाजपा लोकसभा चुनाव में 50 प्रतिशत वोट हासिल करने के करीब तो पहुंच गई, पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इससे ज्यादा मत हासिल करने का लक्ष्य रखा था। भले ही सपा और बसपा गठबंधन टूटने के कारण भविष्य में भाजपा के सामने कोई बड़ी चुनौती न दिख रही हो।

बावजूद इसके पार्टी नेतृत्व चाहता है कि विपक्ष पर इतनी जमीनी बढ़त बना ली जाए कि भाजपा की जीत को स्थायी बनाया जा सके। अल्पसंख्यकों के बीच भी पार्टी की पकड़ मजबूत की जाए ताकि मुस्लिम बहुल आबादी वाले बूथों पर भी भाजपा का आधार बढ़े और विपक्ष को घुसपैठ का मौका न मिले।

यह है कार्ययोजना
जिन क्षेत्रों एवं वर्गों में पिछली बार भाजपा के कम सदस्य बने, वहां भी इस बार ज्यादा सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सांसदों, विधायकों और वर्तमान पदाधिकारियों के साथ स्थानीय स्तर पर प्रभावी लोगों के जरिये भी सदस्यता की रणनीति बनाई गई है।

ये लोग सात दिन इन बूथों पर सदस्यता के लिए विशेष अभियान चलाएंगे। पार्टी ने 30 हजार विस्तारकों अर्थात पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं के जरिये भी विशेष अभियान चलाकर सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है।

लाभार्थियों को सदस्यों में बदलेंगे

भाजपा ने मोदी और योगी सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों को भी सदस्यों में बदलने की कार्ययोजना बनाई है। पार्टी के पास मौजूद आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में तीन करोड़ परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार की किसी न किसी योजना का लाभ मिला है।

प्रदेश में पार्टी की सदस्यता इस समय लगभग 1.80 करोड़ ही है। इनमें भी 1.13 करोड़ सदस्यों का विवरण ही पार्टी के पास उपलब्ध है। ऐसे में भाजपा नेतृत्व को लग रहा है कि पिछली बार सदस्य बने उन लोगों को, जिनका पार्टी के पास डाटा नहीं है, जोड़ लिया जाए और लाभार्थी परिवारों में से 20 प्रतिशत परिवारों को भी यदि सदस्य बना लिया जाए तो संगठनात्मक जमीन मजबूत करने के साथ ही विरोधियों को भी पस्त किया जा सकता है।

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