जानें, यूपी के लिए अब तक मोदी सरकार ने क्या किया
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विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। 24 अप्रैल को एक दर्जन मंत्रियों समेत 71 सांसदों और वरिष्ठ नेताओं को गांवों में भेजकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि मोदी सरकार न केवल यूपी की हितैषी है, वरन विकास योजनाओं में भी प्रदेश को खास तरजीह दे रही है।
केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए एक लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्टों को हरी झंडी दी है। एक मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां बलिया में गरीबों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देने की योजना का शुभारंभ करेंगे, वहीं जल्द ही गोरखपुर में एम्स का शिलान्यास किया जा सकता है।
लोकसभा चुनाव में पार्टी ने कुल 80 सीटों में से 71 सीटें जीती थीं और दो सीटों पर उसके सहयोगी विजयी रहे थे। भाजपा 2017 के विधानसभा चुनाव में इसी आधार पर सूबे में सरकार बनाने के सपने संजो रही है। उसने प्रदेश में 265 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। पार्टी केंद्र सरकार के काम के भरोसे जनता के बीच जाना चाहती है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने यूपी के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर पिच पर रिपोर्ट तैयार की है। प्रदेश के हर हिस्से को ध्यान में रखकर सड़क, बिजली, रेलवे और ग्रामीण विकास से जुड़े प्रोजेक्ट बनाए गए हैं। जातीय व सामाजिक समीकरणों पर भी केंद्र सरकार और भाजपा की नजर है।
गोरखपुर को होगा बड़ा फायदा, चालू होंगे फर्टिलाइजर
नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के दौरान गोरखपुर की चुनावी सभा में वहां के बंद पड़े फर्टिलाइजर प्लांट को चालू कराने का वादा किया था।
अप्रैल 2015 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गोरखपुर और बरौनी (बिहार) के बंद पड़े खाद कारखानों के पुनरुद्धार का फैसला किया। इन्हें दुबारा चालू करने पर 6000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। केंद्र के इस फैसले से भाजपा कह सकेगी कि मोदी जो कहते हैं, करते हैं।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे का शिलान्यास
केंद्र सरकार ने प्रदेश में पिछले दो सालों में 867 करोड़ किमी हाईवे का निर्माण कराया है या उन पर काम चल रहा है। इन पर 6217 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2015 के आखिरी दिन नोएडा में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे का शिलान्यास किया। सड़क परिवहन मंत्रालय ने यातायात की सुगमता के लिए 30 बड़े प्रोजेक्ट बनाए हैं।
इन पर 18000 करोड़ रुपये से 2100 किमी लंबी सड़कें बनाने का प्रस्ताव है। अगले दो साल में यूपी में 68000 करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
दलितों को लुभाने के लिए किया जा रहा है ये सब
विधानसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री मोदी की निगाह अनुसूचित जाति के वोटों पर है। उन्होंने पूर्व उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि पर गत 6 अप्रैल को नोएडा से स्टैंड अप इंडिया योजना की शुरुआत की।
दलितों, कमजोर तबकों व महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई इस योजना में 16 दलित सांसदों की मौजूदगी से मोदी के सियासी मंसूबों का सहज ही अंदाज लगाया जा सकता है।
मोदी ने इसी साल राजधानी लखनऊ में डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया और उसी दिन अंबेडकर महासभा के कार्यालय जाकर बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की थी।
गतिमान और महामना एक्सप्रेस मिलीं
रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने पिछले दिनों यहां कहा था कि चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश में विभिन्न रेल परियोजनाओं पर 27000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और दिल्ली के बीच महामना सुपरफास्ट ट्रेन शुरू की गई।
दिल्ली-आगरा के बीच तेज रफ्तार वाली ट्रेन गतिमान का सफल ट्रायल हो चुका है। कुछ और भी ट्रेनें शुरू हुई हैं। स्टेशनों के विस्तार और निर्माण का काम चल रहा है।
14 हजार गांवों को मिलेगी डिजिटल कनेक्टिविटी
केंद्र सरकार, प्रदेश में डिजिटल कनेक्टिविटी पर जोर दे रही है। चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश के 14 हजार गांवों को इंटरनेट से जोड़ा जाएगा।
गांवों में 18000 किमी ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए 1666 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यूं भी पंचायतों को सीधी और पहले से ज्यादा मदद देकर केंद्र सरकार ग्रामीण हितैषी होने का संदेश दे रही है।
6947 करोड़ से होगा ग्रामीण विद्युतीकरण
दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तरह ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए केंद्र ने 6946.92 करोड़ का बजट प्रावधान किया है। वर्ष 2015-16 में इस योजना पर 1238 करोड़ रुपये खर्च किए गए। हाई पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए 12000 करोड़ की बजट व्यवस्था की गई है।
ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों के सुदृढ़ीकरण के लिए 4721 करोड़ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उजाला योजना के तहत एलईडी बल्ब वितरण को भी भाजपा केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना के तौर पर पेश करेगी।
इससे न केवल लोगों के बिजली बिलों में कमी आई है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन भी कम हुआ है।