भाजपा के सात प्रत्याशी जीते, 14 दूसरे नंबर पर
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राजधानी की 31 सदस्यीय जिला पंचायत में भाजपा समर्थित सात उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। पार्टी ने इनमें से छह के नाम चुनाव से पहले ही घोषित कर दिए थे मगर वार्ड नंबर 16 में प्रत्याशी के नामांकन वापस लेने के बाद पार्टी ने जिसे समर्थन दिया, वह उम्मीदवार जीत गई है।
14 स्थानों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे। पार्टी की जिला इकाई का दावा है कि हमारा प्रदर्शन संतोषजनक रहा। लेकिन संसदीय चुनाव में भारी जीत को देखते हुए भाजपा का यह प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं कहा जाएगा। जिले के पूर्व महामंत्री प्रदीप द्विवेदी ने इस मामले में सांसद कौशल किशोर पर असहयोग का आरोप लगाया।
भाजपा के जिलाध्यक्ष राम निवास यादव ने बताया कि हमने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। वार्ड नंबर-16 में पार्टी उम्मीदवार ने चुनाव से पहले अपना नाम वापस ले लिया। इस वजह से कमलेश यादव को पार्टी ने समर्थन दिया और उन्होंने जीत हासिल की।
इन वार्ड से इन्होंने दर्ज की जीत
इनके अलावा वार्ड नंबर-3 से जीतेंद्र रावत, वार्ड नंबर-8 से रेशमा रावत, वार्ड नंबर-9 अनीता यादव, वार्ड नंबर-10 से अमर सिंह, वार्ड नंबर-11 से संगीता मार्य और वार्ड-29 से नीतू रावत ने जीत दर्ज की।
यादव का दावा है कि पार्टी ने 14 स्थानों पर दूसरे नंबर पर रहकर जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई है। इससे हम संतुष्ट हैं। राजधानी में पार्टी पहली बार पंचायत चुनाव में लड़ी और हमारी उपस्थिति धुर विरोधी इलाकों में बहुत अच्छी रही।
जिला भाजपा के पूर्व महामंत्री प्रदीप द्विवेदी और एक अन्य नेता अरविंद कुमार ने आरोप लगाया कि सांसद कौशल किशोर ने प्रत्याशी चयन से लेकर प्रचार एवं मतदान तक अपनी हठवादिता दिखाई।
उन्होंने भाजपा के घोषित प्रत्याशियों को हरवाने के लिए अपने निजी संगठन पारख संघ को समर्थन दिया। इससे न केवल भाजपा प्रत्याशी हारे बल्कि पारख महासंघ के उम्मीदवारों की भी जमानत नहीं बची। हालांकि, जिलाध्यक्ष ने इस आरोप को निराधार बताया और कहा, सांसद सहित सभी नेताओं ने पार्टी को जिताने की पुरजोर कोशिश की।