यूपी के भाजपाई बिहार में भी संभालेंगे मोर्चा
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सूबे के पूर्वी जिलों के भाजपा सांसदों को एक महीने दोहरी परीक्षा से गुजरना होगा। एक तरफ उन्हें बिहार चुनाव में प्रत्याशियों के लिए वोट जुटाने होंगे तो दूसरी तरफ पंचायत चुनाव के दौरान अपने इलाके के उम्मीदवारों के लिए वोट का प्रबंधन करना होगा।
बुधवार को यहां प्रदेश प्रभारी ओम माथुर की मौजूदगी में सूबे के पूर्वी जिलों के सांसदों की बैठक में यह फैसला हुआ।
भाजपा के सांगठनिक लिहाज से गठित काशी और गोरखपुर क्षेत्र के सांसदों को बुधवार को यहां बुलाया गया था। प्रदेश प्रभारी माथुर ने उन्हें दोहरा टॉस्क सौंपा।
यह दिए गए निर्देश
सांसदों से कहा गया कि वे अपने इलाके के जिला पंचायतों के चुनाव के लिए तैयारियों की समीक्षा करने के साथ अपने इलाके से सटे बिहार के जिलों की सीटों के बारे में जानकारी जुटा लें। जिससे उन्हें बिहार में चुनाव की जिम्मेदारी संभालने में सुविधा रहे।
सांसदों से फीडबैक लिया: माथुर ने सांसदों से उनके इलाके से सटे बिहार के हिस्से में आने वाले विधानसभा क्षेत्रों के बारे में फीडबैक लिया। पूछा गया कि उनकी रुचि का कोई विशेष क्षेत्र तो नहीं।
फिलहाल सांसदों को अभी कोई क्षेत्र नहीं सौंपा गया। यह फैसला बाद में होगा। पर, इन्हें मुख्य रूप से छपरा, सिवान, कैमूर, बक्सर, सासाराम जैसे क्षेत्रों में लगाने की योजना है।