वरुण को लेकर भाजपा में बवाल शुरू, मिली चुनौती
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उपचुनाव में पार्टी की हार के बाद प्रदेश में नेतृत्व को लेकर भाजपा में विवाद का खतरा बढ़ गया है। सांसद वरुण गांधी और उनकी मां केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के बयान से पार्टी के इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र के सांसद श्यामाचरण गुप्ता नाराज हैं।
शनिवार को सांसद ने खुलेआम ललकारा कि वरुण अपने नाम के आगे से गांधी शब्द हटाकर फिर मैदान में उतरें। इससे उनको अपनी हकीकत का पता चल जाएगा।
साथ ही कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए वरुण का नाम ही क्यों उछाला जा रहा है। इलाहाबाद से भी मुख्यमंत्री हो सकता है। वह भी मेनका की तरह अपने पुत्र को आगे कर सकते हैं।
सांसद ने यह बयान तब दिया जब राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थनाथ सिंह की पत्रकार वार्ता चल रही थी। हालांकि सचिव ने इस बयान से कन्नी काट ली। कहा, सांसद के इस बयान से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।
पार्टी से निष्कासन से नहीं डरता
राष्ट्रीय सचिव ने विकास के मुद्दे पर प्रेसवार्ता आयोजित की। सवाल उठा कि मेनका गांधी ने पुत्र वरुण गांधी को मुख्यमंत्री के दावेदार के रूप में आगे बढ़ाने की बात कही है। क्या पार्टी भी उन्हें आगे बढ़ाएगी?
सिद्धार्थनाथ ने कहा, वरुण में काबिलियत की कमी नहीं है। वह अच्छे नेता हैं लेकिन प्रदेश में पार्टी मुख्यमंत्री पद का दावेदार कौन होगा? इसका फैसला संसदीय बोर्ड करेगा।
प्रेसवार्ता खत्म होते ही सांसद श्यामाचरण गुप्त मीडिया के सामने आ गए। बोले वरुण गांधी शब्द के बिना मैदान में उतर कर देख लें। मेनका गांधी अपने पुत्र का नाम ले रही हैं, वह भी अपने पुत्र का नाम ले सकते हैं।
वह भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं। ऐसे बयान पर पार्टी की तरफ से कार्रवाई के नाम पर कहा कि निष्कासन से नहीं डरता। निकालना हो तो पार्टी अभी निकाल दे।