सामने आया राजनाथ का सच, बजी खतरे की घंटी
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पहले ही दौरे में राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के सामने भाजपा का सच उजागर हो गया। साथ ही खतरे की घंटी भी बज गई।
यह चेतावनी भी मिल गई कि नेताओं के मनमाने फैसले और गणेश परिक्रमा को महत्व दिए जाने से कार्यकर्ता काफी असंतुष्ट हैं।
राजनाथ के आवास पर हुई कार्यकर्ताओं की बैठक में पराजित चेहरों को मंच पर बैठाने से कार्यकर्ता नाराज हो गए।
उन्होंने राजनाथ से ही सवाल कर डाला कि जिन्हें जनता नकार चुकी है, उन्हें कमान सौंपकर चुनाव कैसे जीता जा सकता है।
इसलिए फूटा गुस्सा
राजनाथ ने शुक्रवार को राजधानी के पार्टी कार्यकताओं और अन्य कई लोगों को अपने आवास पर बुलाया था।
इसके पीछे उनका मक्सद था कि चुनाव की तैयारियों पर बातचीत भी हो जाए और कार्यकर्ताओं से मिलकर उनके गिले-शिकवे भी दूर कर दिए जाएं।
पूर्व छात्र नेताओं और सभासदों व हारे सभासद प्रत्याशियों की बैठक तो बिना किसी विरोध के निपट गई।
पर कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान चुनाव हार चुके पूर्व विधायकों सुरेश तिवारी, विद्या सागर गुप्ता और सुरेश श्रीवास्तव को मंच पर बैठाने का विरोध खुलकर सामने आ गया।
पूर्व मंत्री बद्री प्रसाद अवस्थी के बेटे संजय अवस्थी ने कहा कि चुनाव में जनता जिन्हें नकार चुकी है, उन्हें आगे करके चुनाव कैसे जीता जा सकता है। इससे उत्साही कार्यकर्ता हताश होते हैं। कुछ और कार्यकर्ताओं ने भी इसका समर्थन किया।
टंडन ने संभाली बात
इस स्थिति ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी असहज कर दिया, लेकिन प्रत्याशी होने के नाते वे चुप बैठे रहे।
इसी दौरान लालजी टंडन ने माइक संभाला। उन्होंने कहा कि चुनाव भीड़ की मानसिकता से नहीं, सबको साथ लेकर चलने की मानसिकता से जीता जाता है।
फिलहाल एकजुट होकर चुनाव लड़ना ही हम सबका लक्ष्य है। राजनाथ सिंह ने भी कहा कि इस तरह का रवैया ठीक नहीं है।
समझाने पर कार्यकर्ता शांत हो गए। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य जयपाल सिंह, प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह और महानगर अध्यक्ष मनोहर सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इन तीन नेताओं को सौंपी कमान
बैठक में राजनाथ सिंह के चुनाव की कमान सांसद लालजी टंडन, मेयर डॉ. दिनेश शर्मा और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सहयोगी शिवकुमार को सौंपने का फैसला किया गया।
लालजी टंडन को लोकसभा प्रभारी और दिनेश शर्मा को चुनाव संयोजक बनाया गया। देखना होगा ये तिकड़ी राजनाथ को कितना फायदा पहुंचाती है।