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ब्रज और रुहेलखंड में खूब दौड़े भाजपा के मुद्दे : बरेली, अलीगढ़ व आगरा मंडल में भाजपा ने जीतीं 65 में से 53 सीटें
Fri, 11 Mar 2022 12:24 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 11 Mar 2022 12:24 AM IST
सार
फिरोजाबाद में टूंडला व फिरोजाबाद भाजपा को और शिकोहाबाद व सिरसागंज सपा ने जीतीं। कासगंज सदर और इसी जिले की अमांपुर सीट भाजपा जीती तो पटियाली में सपा ने जीत दर्ज कराई।
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जीत का जश्न मनाते भाजपा समर्थक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ब्रज और रुहेलखंड में भाजपा के मुद्दे खूब दौड़े। यहां भाजपा को 53 सीटें मिलीं। वहीं, सपा ने 11 सीटें पाईं और उसके गठबंधन में शामिल रालोद को भी एक सीट मिली। पीलीभीत, शाहजहांपुर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़ और एटा में भाजपा के अलावा किसी अन्य दल को मौका ही नहीं मिला।
कृष्ण और रुहेलों की धरती पर भाजपा सभी पर भारी पड़ी। वर्ष 2017 के चुनाव में बरेली, आगरा और अलीगढ़ मंडल की कुल 65 सीटों में से भाजपा ने 57 सीटें जीती थीं। 6 सीटें सपा और दो सीटें बसपा को मिली थीं। इस बार भाजपा जहां 53 सीटें जीती। जबकि सपा गठबंधन के सिवाय अन्य किसी पार्टी का खाता तक नहीं खुला। यहां बसपा एकदम साफ हो गई। कांग्रेस पहले की ही तरह कोई सीट नहीं पा सकी। इन तीनों मंडलों में अति पिछड़े और सामान्य वर्ग के मतदाता भाजपा के साथ मजबूती से खड़े दिखे। अयोध्या मंदिर का मुद्दा नब्बे के दशक से ही इन क्षेत्रों में प्रभावी रहा। इसकी स्पष्ट छाप मतदाताओं के मन-मस्तिष्क पर इस चुनाव में दिखी। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि गंगा-यमुना के इस दोआब में भाजपा अपने खराब दौर में भी अच्छा प्रदर्शन करती रही है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री धर्मपाल जीते
बरेली शहर सीट पर भाजपा के डॉ. अरुण कुमार जीत की हैट्रिक बनाने में कामयाब रहे। आंवला से पूर्व कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने भी पुन: जीत दर्ज की। यहां कुल नौ सीटें हैं। इनमें दो सीटें बहेड़ी और भोजीपुरा सपा के खाते में गईं। शेष सात सीटों पर भाजपा को विजयश्री मिली।
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शाहजहांपुर से सपा साफ
पीलीभीत में अपना प्रदर्शन दोहराते हुए भाजपा ने सभी 4 सीटें जीत लीं। शाहजहांपुर में भाजपा ने सभी छह सीटें जीत लीं। जबकि पिछली बार यहां एक सीट जलालाबाद सपा को मिली थी। मथुरा, अलीगढ़ और आगरा जिलों में भी पिछला प्रदर्शन दोहराते हुए भाजपा ने सभी सीटें जीतीं। एटा की सभी चारों सीटें भी भाजपा के खाते में गई। हाथरस में भाजपा को दो और रालोद को एक सीट मिली। हाथरस की सादाबाद सीट से भाजपा के रामवीर उपाध्याय हार गए।
बदायूं में सपा व भाजपा ने जीतीं 3-3 सीटें
बदायूं में सपा को पिछली बार सिर्फ एक सीट मिली थी। इस बार जिले में सपा का प्रदर्शन अच्छा रहा। यहां भाजपा और सपा दोनों ने 3-3 सीटें जीतीं।
मुलायम के गढ़ मैनपुरी में दो सीटें भाजपा ने जीतीं
भाजपा ने मैनपुरी सीट सपा से छीनकर मुलायम सिंह यादव के गढ़ में बड़ी सेंध लगाई। पिछले चुनाव में इस जिले में सिर्फ एक सीट भोगांव भाजपा के कब्जे में थी, इस पर इस बार भी अपना कब्जा बरकरार रखा। जिले की चर्चित करहल और किशनी सीट सपा के कब्जे में रही। फिरोजाबाद में टूंडला व फिरोजाबाद भाजपा को और शिकोहाबाद व सिरसागंज सपा ने जीतीं। कासगंज सदर और इसी जिले की अमांपुर सीट भाजपा जीती तो पटियाली में सपा ने जीत दर्ज कराई।
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कृष्ण और रुहेलों की धरती पर भाजपा सभी पर भारी पड़ी। वर्ष 2017 के चुनाव में बरेली, आगरा और अलीगढ़ मंडल की कुल 65 सीटों में से भाजपा ने 57 सीटें जीती थीं। 6 सीटें सपा और दो सीटें बसपा को मिली थीं। इस बार भाजपा जहां 53 सीटें जीती। जबकि सपा गठबंधन के सिवाय अन्य किसी पार्टी का खाता तक नहीं खुला। यहां बसपा एकदम साफ हो गई। कांग्रेस पहले की ही तरह कोई सीट नहीं पा सकी। इन तीनों मंडलों में अति पिछड़े और सामान्य वर्ग के मतदाता भाजपा के साथ मजबूती से खड़े दिखे। अयोध्या मंदिर का मुद्दा नब्बे के दशक से ही इन क्षेत्रों में प्रभावी रहा। इसकी स्पष्ट छाप मतदाताओं के मन-मस्तिष्क पर इस चुनाव में दिखी। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि गंगा-यमुना के इस दोआब में भाजपा अपने खराब दौर में भी अच्छा प्रदर्शन करती रही है।
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पूर्व कैबिनेट मंत्री धर्मपाल जीते
बरेली शहर सीट पर भाजपा के डॉ. अरुण कुमार जीत की हैट्रिक बनाने में कामयाब रहे। आंवला से पूर्व कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने भी पुन: जीत दर्ज की। यहां कुल नौ सीटें हैं। इनमें दो सीटें बहेड़ी और भोजीपुरा सपा के खाते में गईं। शेष सात सीटों पर भाजपा को विजयश्री मिली।
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शाहजहांपुर से सपा साफ
पीलीभीत में अपना प्रदर्शन दोहराते हुए भाजपा ने सभी 4 सीटें जीत लीं। शाहजहांपुर में भाजपा ने सभी छह सीटें जीत लीं। जबकि पिछली बार यहां एक सीट जलालाबाद सपा को मिली थी। मथुरा, अलीगढ़ और आगरा जिलों में भी पिछला प्रदर्शन दोहराते हुए भाजपा ने सभी सीटें जीतीं। एटा की सभी चारों सीटें भी भाजपा के खाते में गई। हाथरस में भाजपा को दो और रालोद को एक सीट मिली। हाथरस की सादाबाद सीट से भाजपा के रामवीर उपाध्याय हार गए।
बदायूं में सपा व भाजपा ने जीतीं 3-3 सीटें
बदायूं में सपा को पिछली बार सिर्फ एक सीट मिली थी। इस बार जिले में सपा का प्रदर्शन अच्छा रहा। यहां भाजपा और सपा दोनों ने 3-3 सीटें जीतीं।
मुलायम के गढ़ मैनपुरी में दो सीटें भाजपा ने जीतीं
भाजपा ने मैनपुरी सीट सपा से छीनकर मुलायम सिंह यादव के गढ़ में बड़ी सेंध लगाई। पिछले चुनाव में इस जिले में सिर्फ एक सीट भोगांव भाजपा के कब्जे में थी, इस पर इस बार भी अपना कब्जा बरकरार रखा। जिले की चर्चित करहल और किशनी सीट सपा के कब्जे में रही। फिरोजाबाद में टूंडला व फिरोजाबाद भाजपा को और शिकोहाबाद व सिरसागंज सपा ने जीतीं। कासगंज सदर और इसी जिले की अमांपुर सीट भाजपा जीती तो पटियाली में सपा ने जीत दर्ज कराई।