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चुनावी मौसम में मंदिर के सहारे हिंदुत्व को धार देने की तैयारी

Mon, 15 Oct 2018 12:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 15 Oct 2018 12:50 AM IST
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bjp is planning to set the hindutwa agenda during loksabha election
BJP

लोकसभा के चुनावी मौसम में विश्व हिंदू परिषद ने मंदिर के सहारे हिंदुत्व को धार देने का तानाबाना बुनना शुरू कर दिया है। दिल्ली में 5 अक्टूबर को संतों की उच्चाधिकार समिति में लिए गए निर्णयों को जमीन पर उतारने और गांव-गांव हिंदुत्व की अलख जगाने के लिए लखनऊ में हुई बैठक में पूरे रोडमैप को अंतिम रूप दिया गया।

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इसमें एक तरफ गांव-गांव मंदिर मामले पर अब तक की पूरी बात लोगों को बताने और सरोकारों पर समझाने तो प्रत्येक संसदीय क्षेत्र का माहौल भगवामय बनाने को योजना शामिल की गई है। 
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रोडमैप पर अगले कुछ दिनों में काम शुरू हो जाएगा। इसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल से मिलकर तथा पत्र भेजकर रामभक्तों की भावनाओं से अवगत कराकर कानून बनाकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने की मांग होगी। साथ ही  प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में जनजागरण के कार्यक्रम भी चलेंगे।
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विहिप के लोग संत-महात्माओं को लेकर प्रदेश भर का दौरा करेंगे। गांव-गांव मठ-मंदिरों पर छोटी-छोटी बैठकें कर लोगों को बताएंगे कि मंदिर मुद्दे पर अब क्या स्थिति है। यह भी समझाएंगे कि राज्यसभा में भाजपा का बहुमत न होने के कारण कानून बनाकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने राह फिलहाल मुश्किल है। पर, हिंदुत्व के मद्दे पर सरकार का एजेंडा एकदम स्पष्ट है।

इसके लिए विहिप के कार्यकर्ता और संत-महात्मा मोदी और योगी सरकार की तरफ  से हिंदुओं के सांस्कृतिक और धार्मिक सरोकारों पर अब तक किए गए कामों की भी लोगों को जानकारी देंगे।

विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा कहते हैं कि दशहरा बाद अभियान पर काम शरू हो जाएगा। इसके लिए विहिप की तरफ से धर्माचार्य संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी और केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के संयोजक जीवेश्वर मिश्र संतों और धर्माचार्यों से संपर्क कर रहे हैं।

यह वजह तो नहीं

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो मंदिर पर अभी तक ठोस कार्रवाई न होने से हिंदुओं में उपज रही निराशा ने संघ परिवार के प्रमुख लोगों को चिंता में डाल दिया है। इन्हें आशंका है कि निराशा और नाउम्मीदी के इस माहौल को दूर न किया गया तो मिशन 2019 में फतह के लिए चुनावी लड़ाई को 60 बनाम 40 बनाने की रणनीति सफल बनाना काफी मुश्किल होगा। 
भगवा टोली के रणनीतिकार जानते हैं कि आम हिंदू श्रद्धालुओं को मंदिर निर्माण के आड़े आ रही कानूनी और तकनीकी अड़चनों से बहुत लेना-देना नहीं है। वे तो सिर्फ मंदिर पर काम आगे बढ़ते देखने चाहते हैं। इसी को समझते हुए भगवा टोली ने पूरी कार्ययोजना का खाका खींचा है। जिसका मुख्य मकसद मंदिर निर्माण पर लोगों को आश्वस्त करना नजर आता है।

लखनऊ में बड़ी सभा की तैयारी

उच्चाधिकारी समिति के फैसले के अनुसार कानून बनाकर मंदिर निर्माण की राह में आने वाली बाधाओं को दूर करने की मांग उठाने नवंबर में प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में प्रस्तावित सभाओं को सफल बनाने के लिए भी विहिप ने सभी जगह टोलियों का गठन शुरू कर दिया है। संसदीय क्षेत्रों में सभाओं के बाद लखनऊ में भी बड़ी सभा करने की योजना है। 

संत-महात्माओं की तरफ से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखवाने के लिए भी विहिप के कार्यकर्ताओं की टोलियां बनाई जा रही हैं। विहिप के प्रदेश मंत्री देवेन्द्र मिश्र कहते हैं कि मंदिर पर अब और इंतजार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल जनवरी तक जनजागरण के ये कार्यक्रम होंगे। प्रयाग में कुंभ के दौरान 31 जनवरी तथा 1 फरवरी को आयोजित धर्म संसद में संत-महात्मा मंदिर निर्माण  के लिए अगले एजेंडे का एलान करेंगे। विहिप के कार्यकर्ता उस एजेंडे पर काम करेंगे।
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